{"title":"पित्त दोष संतुलन","description":"","products":[{"product_id":"baidyanath-abhrak-bhasma-sahastraputi","title":"बैद्यनाथ अभ्रक भस्म सहस्त्रपुटी - वात, पित्त और कफ संतुलन के लिए आयुर्वेदिक भस्म","description":"\u003cp\u003eअभ्रक भस्म का आयुर्वेद में एक विशेष स्थान है, क्योंकि विभिन्न अनुपानों के साथ मिलकर यह कई प्रकार की स्थितियों में उपयोगी होती है। शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार, यह भस्म तीनों दोषों—वात, पित्त और कफ—को संतुलित करने में सहायक होती है। इसका नियमित और उचित मार्गदर्शन में सेवन शारीरिक शक्ति बढ़ाने तथा स्नायुमंडल और तंत्रिका तंत्र को पोषण देने में सहायक माना गया है। इस भस्म के प्रत्येक 1 ग्राम में 1.00 ग्राम शोधित अभ्रक भस्म है, जिसे बिना किसी अतिरिक्त पदार्थ के तैयार किया गया है, जिससे यह अपने शास्त्रीय स्वरूप के अनुरूप बनी रहती है। साधारण या शतपुटी भस्म के विपरीत, सहस्रापुटी भस्म को शास्त्रविशेष गुणकारी माना जाता है, अर्थात इसके विस्तारित शोधन चक्र के कारण इसे अधिक विशेष और प्रभावी माना जाता है। इसकी एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसका सेवन किसी विशेष मौसम तक सीमित नहीं है—इसे वर्ष भर किसी भी मौसम में लिया जा सकता है, जबकि कई अन्य रसायन केवल विशिष्ट मौसमों में ही लिए जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअभ्रक भस्म के मुख्य उपयोग और लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eहिंदी ग्रंथों और शास्त्रीय संदर्भों में अभ्रक भस्म के उपयोग को समझने से यह स्पष्ट होता है कि यह भस्म सदियों से क्यों प्रासंगिक बनी हुई है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eपारंपरिक रूप से \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/vata-dosha-balance\"\u003eवात\u003c\/a\u003e, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त\u003c\/a\u003e और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/kapha-dosha-balance\"\u003eकफ\u003c\/a\u003e के असंतुलन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउचित अनुपान के साथ मिलकर यह सामान्य शारीरिक शक्ति और जीवनशक्ति बढ़ाने में सहायक हो सकती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपारंपरिक रूप से मौसमी खांसी के दौरान \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eश्वसन\u003c\/a\u003e संबंधी आराम के लिए अन्य योगों के साथ उपयोग की जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशास्त्रीय ग्रंथों में स्मृति, मानसिक शांति और स्थिरता बढ़ाने में सहायक के रूप में इसका उल्लेख है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसंयोजन योगों में \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/liver-spleen-health\"\u003eयकृत संबंधी असुविधाओं\u003c\/a\u003e (आयुर्वेद में जिसे पांडु-कमला कहा गया है) के लिए उपयोग की जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकमजोरी या रक्त संबंधी समस्याओं के दौरान सामान्य स्वास्थ्य लाभ के लिए पारंपरिक रूप से सहायक औषधियों के साथ उपयोग की जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउपयोग करने की विधि \/ सेवन निर्देश \/ खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eशास्त्रीय वैद्यनाथ संदर्भों के अनुसार, साधारण अभ्रक भस्म की सामान्य खुराक 125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम तक होती है, जिसे दिन में 2 से 4 बार शहद या रोग-विशिष्ट अनुपान के साथ लिया जाता है। हालांकि, सहस्रापुटी अभ्रक भस्म अधिक पुट प्रक्रिया के कारण काफी अधिक प्रभावशाली होती है, इसलिए इसकी अनुशंसित खुराक केवल 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम की कम सीमा तक ही निर्धारित है। इस भस्म के साथ उपयोग किए जाने वाले अनुपान (वाहन) का चयन उपचार की जाने वाली स्थिति के अनुसार बदलता है—उदाहरण के लिए, आवश्यकतानुसार इसे गिलोय सत्त, प्रवाल पिष्टी, शृंग भस्म, शोतोपलादि चूर्ण या च्यवनप्राश के साथ मिलाया जा सकता है, जैसा कि शास्त्रीय ग्रंथों में बताया गया है। चूंकि सही अनुपान इस भस्म की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसे किसी निश्चित स्वतंत्र अनुसूची के बजाय इसके शास्त्रीय उपयोगों से परिचित व्यक्ति के मार्गदर्शन में लेना ही सर्वोत्तम है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअभ्रक भस्म के दुष्प्रभाव:\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eअनुशंसित सूक्ष्म खुराक में और प्रामाणिक शोधन तथा मारण प्रक्रियाओं द्वारा तैयार की गई अभ्रक भस्म का सेवन शास्त्रीय आयुर्वेदिक पद्धति के अंतर्गत सामान्यतः सुरक्षित रहता है। हालांकि, चूंकि यह खनिज प्रसंस्करण से निर्मित एक रसायन योग है, इसलिए गलत खुराक या बिना किसी मार्गदर्शन के लंबे समय तक सेवन हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। यदि कोई असुविधा महसूस हो, तो इसका सेवन बंद कर दें और अनुपान या खुराक की पुनः समीक्षा करें।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eवैद्यनाथ अभ्रक भस्म के मुख्य घटक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eवैद्यनाथ अभ्रक भस्म (सहस्रापुटी) के प्रत्येक 1 ग्राम में शामिल हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित अभ्रक भस्म – 1.00 ग्राम (शुद्ध और मारित अभ्रक-आधारित भस्म, जिसे एक हजार पुट चक्रों से संसाधित किया गया है)।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eयह एकल-घटक योग बिना किसी मिश्रण के पूरी तरह से अभ्रक भस्म की शुद्धता और परिष्कृत स्वरूप पर केंद्रित है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउत्पाद के शास्त्रीय संकेतों के अनुसार, वैद्यनाथ अभ्रक भस्म सहस्रापुटी को एक परिवर्तक टॉनिक और हेमटिनिक के रूप में उल्लेखित किया गया है, जिसका पारंपरिक रूप से पुरानी खांसी (कास), अस्थमा संबंधी श्वसन असुविधा, वृद्धावस्था की दुर्बलता और सामान्य कमजोरी जैसी स्थितियों में उपयोग किया जाता है, साथ ही यह समग्र शारीरिक शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है। शास्त्रीय ग्रंथों में यह भी बताया गया है कि सहस्रापुटी अभ्रक का उपयोग मौसमी खांसी-जुकाम, हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाली थकान, यकृत संबंधी सुस्ती तथा \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eस्मृति\u003c\/a\u003e और मानसिक स्थिरता के लिए संयोजन योगों में किया जाता है। अधिकांश भस्म-आधारित योगों की तरह, इसका विशिष्ट संकेत इसके साथ लिए जाने वाले अनुपान से निकटता से जुड़ा होता है, और इसे किसी निदान की गई बीमारी के लिए स्टैंडअलोन उपचार के बजाय एक सहायक, अनुपूरक चिकित्सा के रूप में समझना ही सर्वोत्तम है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का स्वरूप:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eभस्म (सूक्ष्म मारित चूर्ण)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का वजन \/ शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eवैद्यनाथ अभ्रक भस्म 1 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eवैद्यनाथ अभ्रक भस्म 2.5 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eसीधी धूप और नमी से दूर किसी ठंडी, सूखी जगह पर रखें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकेवल लेबल पर बताई गई सटीक मात्रा में ही उपयोग करें—यह एक खनिज-आधारित सांद्रित योग है, खाद्य पूरक नहीं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइंटरनेट संदर्भों के आधार पर अनुपान या खुराक को स्वयं समायोजित करने से बचें; शास्त्रीय खुराक संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउचित मार्गदर्शन के बिना गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउपयोग से पहले पैक पर आयुष लाइसेंस और बैच विवरण की जांच करें।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eहल्का, आसानी से पचने वाला भोजन; गर्म पका हुआ भोजन; प्राकृतिक रूप से क्षारीय संतुलन बनाने वाले और पाचन के लिए हल्के खाद्य पदार्थ।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशास्त्रीय क्षार्गित मार्गदर्शन के अनुसार, इस भस्म का सेवन करते समय क्षारीय पदार्थ, खट्टे खाद्य, दालें, तली हुई दाल की बड़ी, खीरा, करेला, बैंगन, करी पत्ता और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचना सर्वोत्तम है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें सेवन नहीं करना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से ही गुर्दे या यकृत संबंधी समस्या वाले व्यक्तियों को इस जैसी खनिज-आधारित भस्मों का बिना किसी मार्गदर्शन के सेवन नहीं करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह सहायक हो सकती है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eपारंपरिक उपयोग के अनुसार सामान्य कमजोरी, मौसमी श्वसन संबंधी असुविधा, सुस्त पाचन से होने वाली थकान तथा मानसिक स्पष्टता और शांति में सहायक।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eवैद्यनाथ अभ्रक भस्म (सहस्रापुटी) शास्त्रीय आयुर्वेदिक रसायन शास्त्र की गहराई को दर्शाती है, जिसमें एक ही मूल खनिज को अधिक प्रभावशाली और लक्षित चिकित्सीय गुणों के लिए बार-बार शोधित किया जाता है। हिंदी आयुर्वेदिक साहित्य में अभ्रक भस्म के लाभों की खोज करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, यह सहस्रापुटी रूप उपलब्ध सबसे परिष्कृत स्वरूप है, जिसे इच्छित उद्देश्य के लिए सोच-समझकर, सही सूक्ष्म खुराक और सही अनुपान के साथ उपयोग करने के लिए बनाया गया है—जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से अपने प्रामाणिक रूप में उपलब्ध है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eवैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड।\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “वैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52005003264301,"sku":"BY-AB-1G","price":521.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"2.5 ग्राम","offer_id":52005003297069,"sku":"BY-AB-25G","price":1256.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-abhrak-bhasma-sahastraputi-gold-1gm-and-2.5gm-front-view-by-BodyStop.png?v=1790846245"},{"product_id":"baidyanath-moti-bhasma-no-1","title":"बैद्यनाथ मोती भस्म नं. 1 | पित्त, स्मृति और हड्डियों के लिए भस्म किया हुआ मोती-राख","description":"\u003cp\u003eआयुर्वेद में मोती (Pearl) को पौष्टिक, कायाकल्पकारी और शीतल माना जाता है। शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के विकारों के लिए भी इसे अत्यंत मूल्यवान माना जाता है। बैद्यनाथ मोती भस्म नं 1 पारंपरिक पुत विधि के अनुसार शुद्ध मोती को जलाकर बारीक पाउडर बनाने से तैयार की जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती भस्म, जिसे मुक्त भस्म के नाम से भी जाना जाता है, अपने शीतल स्वभाव के कारण घबराहट, धड़कन बढ़ना, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, स्मृति दुर्बलता और तनाव से संबंधित असुविधाओं को नियंत्रित करने में मदद करती है। आयुर्वेद में, यह पित्त दोष की वृद्धि, कमजोरी, बेचैनी और गर्मी से संबंधित असुविधाओं से जुड़ी स्थितियों में अपने प्रभाव के लिए अत्यधिक मूल्यवान है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपने प्रचुर कैल्शियम की मात्रा के साथ, मुक्त भस्म उन लोगों को लाभ पहुँचाती है जो कैल्शियम की कमी और हड्डियों की कमज़ोरी से जूझ रहे हैं। अपने शीतल गुणों के कारण, आयुर्वेद में मुक्त भस्म का उपयोग एसिडिटी की समस्या, जलन, मतली और अन्य पित्त-प्रधान स्थितियों जैसी समस्याओं में भी किया जाता है। यह रक्तस्राव संबंधी विकारों में भी सहायक है और स्वस्थ दृष्टि तथा हृदय कार्य को बनाए रखने में मदद करती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म नं 1 के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eधड़कन बढ़ना और चिंता को कम करती है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eस्मृति\u003c\/a\u003e और मानसिक स्वास्थ्य का समर्थन करती है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ नींद के पैटर्न को बनाए रखने में मदद करती है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्राकृतिक कैल्शियम से भरपूर, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eहड्डियों के स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e का समर्थन करती है\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003cli\u003eकमजोरी\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fatigue-weakness-care\"\u003e\u003c\/a\u003e और दुर्बलता के लिए लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखांसी और सांस लेने\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003e\u003c\/a\u003e की कठिनाई से राहत दिलाने में मदद करती है\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएसिडिटी और पित्त असंतुलन में पाचन संबंधी आराम का समर्थन करती है\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म नं 1 की खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम, दिन में दो बार या आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरोग की स्थिति के अनुसार, इसे निम्नलिखित के साथ लिया जा सकता है: \u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमक्खन और मिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगुलकंद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला मुरब्बा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eच्यवनप्राश\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eखांसी और श्वसन संबंधी\u003c\/a\u003e समस्याओं के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म नं 1 को प्रवाल भस्म (125 मिलीग्राम) और च्यवनप्राश के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eपित्त विकारों के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे निम्नलिखित के साथ दिया जाना चाहिए:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eसितोपलादि चूर्ण\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eरक्तस्राव संबंधी विकारों के लिए दूर्वा का रस और मिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला मुरब्बा\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमस्तिष्क स्वास्थ्य और बुद्धि सुधारने के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती भस्म को निम्नलिखित के साथ लेना चाहिए:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eब्राह्मी घृत\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतत्काल लाभ के लिए भोजन के बाद सरस्वतारिष्ट\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eअनिद्रा के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह निम्नलिखित के साथ मिलाने पर लाभकारी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्णमक्षिख भस्म\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमक्खन और मिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइसके बाद भोजन के बाद अश्वगंधारिष्ट\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eगर्भवती महिलाओं के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-pishti\"\u003eप्रवाल पिष्ठी\u003c\/a\u003e और मोती भस्म (मुक्त भस्म) के मिश्रण को गुलकंद और आंवला मुरब्बा के साथ दिया जाना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयह माँ के स्वास्थ्य को बनाए रखने और गर्भस्थ शिशु को पोषण देने में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनशीले पदार्थों के कारण होने वाले सिरदर्द और स्मृति लोप के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशराब और अन्य नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन से होने वाले विकारों में, यह लाभकारी है जब:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रवाल पिष्ठी या स्वर्णमक्षिख भस्म के साथ मिलाया जाए\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eब्राह्मी घृत के साथ लिया जाए\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eपुरानी खांसी, बुखार और अस्थमा में:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजब शरीर कमजोर हो जाए, चलने पर सांस फूलने लगे और ताकत कम होने लगे, तो निम्नलिखित संयोजन अत्यंत लाभकारी माना जाता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/zandu-suvarna-bhasma\"\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/a\u003e – 15 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रवाल भस्म – 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकांत लोहा भस्म – 125 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-abhrak-bhasma-sahastraputi\"\u003eअभ्रक भस्म\u003c\/a\u003e – 125 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्त भस्म\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइन्हें च्यवनप्राश के साथ लेने की सलाह दी जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eगंभीर हिचकी के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्ण भस्म, ताम्र भस्म और कांत लोहा भस्म के साथ मिश्रित बैद्यनाथ मोती भस्म नं 1 को नींबू के रस के साथ दिया जा सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eबच्चों में दांत निकलने के दौरान\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों में दांत निकलने के दौरान बुखार, दस्त और कमजोरी के लिए, रस सिंदूर के साथ मोक्तिक भस्म की सलाह दी जाती है।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eदृष्टि सुधारने के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमोती भस्म को त्रिफला घृत के साथ लेना चाहिए\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/strong\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eघबराहट और धड़कन बढ़ने के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eयह सुबह और शाम को अर्जुन घृत के साथ लेने पर लाभकारी है, इसके बाद भोजन के बाद अर्जुनारिष्ट लिया जा सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eसामान्य कमजोरी के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनिम्नलिखित संयोजन अत्यंत बलवर्धक है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्ण भस्म - 15 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमकरध्वज - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रवाल भस्म - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलोहा भस्म - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-bhasma-1-gm\"\u003eमुक्त भस्म\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइन्हें मक्खन और मिश्री या शहद के साथ चाटना चाहिए, इसके बाद एक कप गुनगुना दूध लिया जा सकता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म नं 1 के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक सेवन से संवेदनशील व्यक्तियों में पाचन संबंधी असुविधा हो सकती है। इससे रक्तचाप कम भी हो सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म नं 1 की सामग्री:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध मोती भस्म (Pearl Calx) - 1 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसंकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअम्लता की अधिकता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजलन की अनुभूति\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/stress-anxiety\"\u003eतनाव और चिंता\u003c\/a\u003e\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधड़कन बढ़ना\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्मृति संबंधी समस्याएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनिद्रा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपुरानी खांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअस्थमा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहिचकी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसामान्य दुर्बलता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहड्डियों की कमजोरी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपुरानी बुखार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eरक्तपित्त (रक्तस्राव संबंधी विकार)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eभस्म (बारीक पाउडर)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म 1 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरती जाने वाली सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में उपयोग करें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीधी धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म नं 1 एक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है, जो अपने शीतल, पौष्टिक और कायाकल्पकारी गुणों के लिए मूल्यवान है। मोती को बारीक भस्म में जलाने की पारंपरिक पुत विधि के अनुसार तैयार, यह मुक्त भस्म \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त संतुलन\u003c\/a\u003e बनाए रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य, श्वसन स्वास्थ्य और हड्डियों की मजबूती का समर्थन करती है, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से अपने प्रामाणिक रूप में उपलब्ध है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eताजे फल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदूध \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगुलकंद और आंवला उत्पाद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहल्का, शीतल और पौष्टिक भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक मसालेदार और तैलीय खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबहुत खट्टे और खमीर वाले खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक चाय, कॉफी और शराब\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभारी जंक और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक गर्म और तले हुए खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें नहीं खाना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eखनिज-आधारित आयुर्वेदिक उत्पादों से एलर्जी वाले व्यक्ति\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों को केवल चिकित्सकीय देखरेख में लेना चाहिए\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगंभीर पुरानी बीमारी वाले लोग, जब तक डॉक्टर द्वारा सलाह न दी जाए\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअम्लता की अधिकता\u003c\/a\u003e और पित्त असंतुलन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eघबराहट और तनाव\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधड़कन बढ़ना\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fatigue-weakness-care\"\u003eकमजोरी और थकान\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहड्डियों की कमजोरी और कैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वसन संबंधी कमजोरी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपुरानी खांसी और सांस लेने की असुविधा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/sleep-support\"\u003eनींद\u003c\/a\u003e संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्मृति दुर्बलता\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म बनाम मोती पिष्ठी: आपको कौन सा खरीदना चाहिए?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म और मोती पिष्ठी दोनों बेचता है, और दोनों शुद्ध मोती से बने होने के कारण इनके नाम अक्सर खरीदारों को भ्रमित करते हैं। अंतर मोती को संसाधित करने की विधि में है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती भस्म नं 1 पारंपरिक पुत विधि से तैयार की जाती है — मोती को तब तक बार-बार उच्च ताप पर जलाया जाता है जब तक कि वह बारीक भस्म न बन जाए। यह इसे अधिक केंद्रित और शक्तिशाली प्रभाव देता है, जिससे यह धड़कन बढ़ना, स्मृति दुर्बलता या हड्डियों की कमी जैसी स्थितियों के लिए अधिक खुराक की आवश्यकता होने पर पहली पसंद बन जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके विपरीत, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-pishti-no-1\"\u003eमोती पिष्ठी नं 1\u003c\/a\u003e को ठंडी विधि से संसाधित किया जाता है — मोती को कई दिनों तक बिना किसी ताप के गुलाब जल के साथ पीसा जाता है। यह इसके प्रभाव को अधिक सौम्य और शीतल बनाए रखता है, और यह अक्सर संवेदनशील व्यक्तियों या लंबे समय तक दैनिक उपयोग के लिए पसंद किया जाता है जहाँ हल्का प्रभाव पर्याप्त होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदोनों ही पित्त से संबंधित स्थितियों के लिए प्रभावी हैं; चुनाव मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि कितने शक्तिशाली प्रभाव की आवश्यकता है और कोर्स कितने समय तक चलेगा।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड।\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-45307777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52005009064237,"sku":"BY-MB1-1G","price":725.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-moti-bhasma-no-1-1gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1790339419"},{"product_id":"baidyanath-moti-pishti-no-1","title":"बैद्यनाथ मोती पिष्ठी नं 1 - पित्त संतुलन और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक मोती फॉर्मूला","description":"\u003cp\u003eपित्त दोष, असंतुलित होने पर, प्रभावित क्षेत्र के आधार पर शरीर में गंभीर लक्षण उत्पन्न कर सकता है। आयुर्वेद में मोती जैसी सामग्री अपनी शीतल शक्ति के लिए जानी जाती हैं, जिससे प्रकुपित पित्त कम होता है। बैद्यनाथ मोती पिष्ठी नं. 1 पारंपरिक विधियों के अनुसार गुलाब जल के साथ मर्दन करके तैयार किया जाता है, इसलिए यह तनाव, चिड़चिड़ापन, जलन और गर्मी के असंतुलन जैसी स्थितियों में, जहाँ पित्त दोष असंतुलित होता है, अत्यंत लाभकारी है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती पिष्ठी उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अनिद्रा, मानसिक स्वास्थ्य और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मुख्त पिष्ठी के नाम से भी जाना जाने वाला यह मिश्रण हृदय के स्वस्थ कार्य का समर्थन करने और शरीर की अत्यधिक गर्मी को कम करने में भी सहायक है। प्राकृतिक कैल्शियम सामग्री के कारण, यह मिश्रण \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eहड्डियों की मजबूती\u003c\/a\u003e और पोषण में सुधार के लिए भी अच्छा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआयुर्वेद में मोती (मुख्त) पिष्ठी का उपयोग अति-अम्लता, मतली, चक्कर, धड़कन बढ़ना, कमजोरी, खांसी, सांस लेने में परेशानी और सामान्य दुर्बलता जैसी स्थितियों में किया जाता है। यह मिश्रण शरीर के लिए सौम्य माना जाता है क्योंकि इसे प्रत्यक्ष ताप प्रसंस्करण के बिना तैयार किया जाता है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी नं. 1 अपनी शीतलता और शांतिदायक गुणों को बनाए रखने के लिए गुलाब जल में मोती के मर्दन की प्रामाणिक और पारंपरिक निर्माण विधि का उपयोग करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती पिष्ठी नं. 1 के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/blood-purification\"\u003eरक्तस्राव संबंधी विकारों\u003c\/a\u003e में लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003cli\u003eपुरानी खांसी और बुखार को नियंत्रित करने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त दोष को संतुलित\u003c\/a\u003e करता है और जलन की अनुभूति को कम करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआरामदायक नींद और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअति-अम्लता को कम करने में सहायक\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003e\u003c\/a\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eऑस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स में कैल्शियम सहायता\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती पिष्ठी नं. 1 का उपयोग कैसे करें \/ उपयोग के निर्देश \/ खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरोज़ाना दो बार 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम लें \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e\u003cstrong\u003eअनुशंसित अनुपान (सहायक पदार्थ):\u003c\/strong\u003e इसे शहद, गुलकंद, मक्खन-चीनी के मिश्रण, आंवला मुरब्बा या च्यवनप्राश के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eविशिष्ट स्थितियों के लिए अनुपान और संयोजन:\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखांसी और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमोती पिष्ठी को निम्नलिखित के साथ लें: \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-bhasma-no-1\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमोती भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म (125 मिलीग्राम)\u003cbr\u003eच्यवनप्राश के साथ।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eपित्त संबंधी विकारों के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003eइसके साथ लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eसितोपलादि चूर्ण\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eरक्तस्राव संबंधी विकारों के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003eपिष्ठी को इसके साथ लें:\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eदुर्वा का रस, मिश्री\u003cbr\u003eया\u003cbr\u003eआंवला मुरब्बा\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/strong\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eकमजोरी, स्मृति संबंधी समस्याओं और दुर्बलता के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी नं. 1 को ब्राह्मी घृत के साथ सेवन करें\u003cbr\u003eऔर भोजन के बाद सरस्वतीरिष्ट पिएं\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eअनिद्रा के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ मिलाएं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्ण मक्षिश भस्म\u003cbr\u003eऔर मक्खन व मिश्री के मिश्रण के साथ लें\u003cbr\u003eऔर भोजन के बाद अश्वगंधारिष्ट पिएं\u003cstrong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/strong\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eनशीले पदार्थों के कारण होने वाले सिरदर्द और स्मृति लोप के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eप्रवाल पिष्ठी या स्वर्ण मक्षिश भस्म के साथ मिलाएं और ब्राह्मी घृत के साथ सेवन करें\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cstrong\u003eतपेदिक, खांसी और उससे जुड़ी कमजोरी के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003eनिम्नलिखित मिलाएं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eस्वर्ण भस्म – 15 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/a\u003e – 60 मिलीग्राम\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eकांत लोहा भस्म – 125 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eअभ्रक भस्म – 125 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमुख्त भस्म के साथ मिलाएं और तत्काल लाभ के लिए च्यवनप्राश के साथ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eगंभीर हिचकी के लिए\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनिम्नलिखित मिलाएं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-swarna-bhasma\"\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताम्र भस्म\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकांत लोहा भस्म\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमोती भस्म के साथ मिलाएं और बिजौरा नींबू के रस के साथ सेवन करें।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eबच्चों में दांत निकलने के दौरान बुखार, दस्त और कमजोरी के लिए\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eइसके साथ दें: रस सिंदूर\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eदृष्टि में सुधार के लिए\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमोती भस्म को इसके साथ लें: त्रिफला घृत\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eघबराहट और धड़कन बढ़ने के लिए\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसुबह और शाम इसके साथ लें: अर्जुन घृत\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eऔर भोजन के बाद पिएं: अर्जुनारिष्ट\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसामान्य कमजोरी के लिए\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिम्नलिखित मिलाएं:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eस्वर्ण भस्म – 15 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमकरध्वज – 60 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eलोहा भस्म – 60 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमुख्त भस्म के साथ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eइसे इसके साथ सेवन करें:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमक्खन-चीनी का मिश्रण\u003cbr\u003eया\u003cbr\u003eशहद\u003cbr\u003eऔर उसके बाद दूध पिएं\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमोती पिष्ठी नं. 1 के दुष्प्रभाव: \u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअत्यधिक मात्रा संवेदनशील व्यक्तियों में पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकती है। इससे रक्तचाप भी कम हो सकता है। \u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2 class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमोती पिष्ठी नं. 1 की सामग्री:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रत्येक 1 ग्राम में:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशुद्ध मोती पिष्ठी 1 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2 class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसंकेत:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअति-अम्लता\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fever-infection-care\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eजलन की अनुभूति\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपित्त का बढ़ना\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eधड़कन बढ़ना\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eघबराहट\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/stress-anxiety\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचिंता और बेचैनी\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eथकान\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनिद्रा\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसांस लेने में परेशानी\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसामान्य दुर्बलता\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eऑस्टियोपोरोसिस\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचक्कर\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमतली\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमूत्र संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का रूप: बारीक पाउडर\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी 1 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरती जाने वाली सावधानियां:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचिकित्सकीय पर्यवेक्षण में उपयोग करें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eठंडी और सूखी जगह पर रखें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसीधी धूप से दूर रखें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी नं. 1 कई चिकित्सीय लाभों वाला एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक मिश्रण है। गुलाब जल के साथ मर्दन किए गए मोती की शीतल प्रकृति रक्तस्राव संबंधी विकारों को रोकने में मदद करती है और जलन तथा अति-अम्लता जैसे लक्षणों में राहत देती है। यह कैल्शियम सप्लीमेंट के रूप में भी कार्य करता है और अनिद्रा, बेचैनी, मूत्र संबंधी समस्याओं तथा सामान्य दुर्बलता को नियंत्रित करने में सहायक है, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से अपने प्रामाणिक रूप में उपलब्ध है।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eक्या खाएं:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनार, खीरा और नारियल पानी जैसे शीतल खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eताज़े फल\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eआंवला उत्पाद\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगुलकंद\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसीमित मात्रा में दूध\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eहल्का और आसानी से पचने योग्य भोजन\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eक्या न खाएं:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअत्यधिक मसालेदार खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतले-भुने और तैलीय खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकैफीन\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशराब\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबहुत खट्टे और खमीरयुक्त खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकिन्हें सेवन नहीं करना चाहिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखनिज उत्पादों से एलर्जी वाले व्यक्ति\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखुराक की निगरानी के बिना बच्चे\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकिन समस्याओं में यह सहायक हो सकता है:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरक्तस्राव संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबवासीर \u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमूत्र संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअति-अम्लता\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतनाव और चिड़चिड़ापन\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eधड़कन बढ़ना\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसामान्य दुर्बलता\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउपरोक्त सभी स्थितियां पित्त के बढ़ने का संकेत देती हैं और मोती पिष्ठी को उपयुक्त अनुपान के साथ लिया जा सकता है।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52005009326381,"sku":"BY-MP1-1G","price":693.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-moti-pishti-no1-1gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1790331461"},{"product_id":"baidyanath-mukta-panchamrit-ras-tablet","title":"बैद्यनाथ मुक्त पंचामृत रस - एसिडिटी, हड्डियों की कमजोरी और पुराने बुखार के लिए आयुर्वेदिक राहत","description":"\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमुक्ता पंचामृत रस आयुर्वेद की एक गोली वाली दवा है। इसमें मौजूद हर मुख्य सामग्री प्राकृतिक कैल्शियम का स्रोत है और इसकी प्रकृति शीतल है। इसलिए एक गोली तीन काम करती है: यह एसिडिटी और पेट की जलन को शांत करती है, कमजोर हड्डियों को पोषण देती है और पुराने बुखार का इलाज करती है, जिस पर साधारण उपचार का असर होना बंद हो गया हो।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसमें मौजूद हर चीज़ समुद्र से आती है। मोती, मूंगा, शंख और सीप। ये चीज़ें कठोर होती हैं, इसलिए इन्हें सीधे नहीं खाया जा सकता। इसलिए पहले प्रत्येक को मुलायम बनाया जाता है, और यह दो तरीकों से किया जाता है। एक तरीका है गुलाब जल के साथ कई दिनों तक धीरे-धीरे पीसना, जब तक कि कठोर टुकड़ा आटे से भी मुलायम पाउडर न बन जाए। दूसरा तरीका है आग। सामग्री को बार-बार गर्म किया जाता है जब तक कि केवल हल्की राख न बच जाए। अंत में परीक्षण सरल है। तैयार पाउडर को दो उंगलियों के बीच रगड़ें और उसे त्वचा की रेखाओं में गायब हो जाना चाहिए। तभी यह तैयार होता है, और यही कारण है कि इतनी कम खुराक भी पर्याप्त होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसी परिवार की कुछ अन्य दवाएं भी हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-praval-panchamrit-ras\"\u003eप्रवाल पंचामृत रस\u003c\/a\u003e इसका करीबी संबंधी है, जो गैस, पेट फूलने और पेट की सूजन की शिकायतों में अधिक प्रभावी है। जब केवल एसिडिटी और शरीर की गर्मी ही समस्या हो, तो मोती वाली कामदुधा रस रखी जाती है। और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-basant-malti-ras-gold-tablet\"\u003eबसंत मालती रस\u003c\/a\u003e तब चुनी जाती है जब पुराने बुखार को हल्की के बजाय अधिक मज़बूती से ठीक करने की ज़रूरत हो।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस के लाभ: यह एसिडिटी, कमजोर हड्डियों और पुराने बुखार में कैसे मदद करता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eजलन और खट्टापन:\u003c\/strong\u003e छाती की जलन, मुँह में खट्टा पानी आना और पचने से पहले पेट के अंदर ही भोजन का खट्टा हो जाना। यह सब शांत होता है। हमारी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e की दवाएं रोज़मर्रा के इन्हीं लक्षणों को कम करने के लिए चुनी गई हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eकमजोर हड्डियां\u003c\/a\u003e और दांत:\u003c\/strong\u003e वे बच्चे जिनकी हड्डियां मुलायम रहती हैं या मुड़ जाती हैं, कमजोर होते दांत और धीरे-धीरे ठीक होने वाले शरीर। इसमें मौजूद कैल्शियम वह है जिसे शरीर आसानी से ग्रहण कर लेता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eभोजन के बाद दर्द:\u003c\/strong\u003e कुछ पेटों में खाने के दो या तीन घंटे बाद दर्द होने लगता है। यह दर्द इस दवा से शांत होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fever-infection-care\"\u003eपुराना बुखार\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e वह बुखार जो हर शाम फिर से चढ़ जाता है और हर हफ़्ते शरीर को थोड़ा और कमज़ोर कर देता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन\u003c\/a\u003e समग्र रूप से:\u003c\/strong\u003e यह केवल एक शिकायत को शांत नहीं करता। धीरे-धीरे, पूरा पाचन तंत्र अपनी प्राकृतिक लय में लौट आता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eलीवर:\u003c\/strong\u003e सुस्त और समस्याग्रस्त लीवर को भी सहारा मिलता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस कैसे लें: खुराक, समय और अनुपान\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eवयस्कों के लिए खुराक 1 से 2 गोली है। गोली के साथ क्या लेना है, यह शिकायत के अनुसार बदलता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसाधारण तरीका:\u003c\/strong\u003e दूध के साथ, या शहद के साथ।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपुराने बुखार के लिए, अधिक संपूर्ण तरीका:\u003c\/strong\u003e गोली को एक चुटकी काली मिर्च (पीपल) के पाउडर और शहद के साथ मिलाएं, और ऊपर से ताज़ा गाय का दूध पिएं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजब भोजन के बाद दर्द की शिकायत हो, तो मीठा अनार का रस या नारियल पानी इसे शरीर तक पहुँचाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eटीबी-प्रकार की कमजोरी में, अधिक मज़बूत परिणामों के लिए इसके साथ \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-swarna-bhasma\"\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/a\u003e की एक छोटी मापी गई मात्रा मिलाई जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eक्या मुक्ता पंचामृत रस सुरक्षित है? दुष्प्रभाव जो आपको जानने चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमोती और मूंगा सौम्य सामग्री हैं, और लिखी गई खुराक पर समस्याएँ दुर्लभ हैं। लेकिन गोली का एक हिस्सा टिन की राख है, और धातु की राख लापरवाही से इस्तेमाल को कभी माफ़ नहीं करती। अपनी मर्ज़ी से खुराक दोगुनी करना, या ज़रूरत से महीनों ज़्यादा तक इसका सेवन जारी रखना, वही वह जगह है जहाँ समस्याएँ शुरू होती हैं। इसे किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में लेना चाहिए।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस की सामग्री: प्रत्येक गोली के अंदर क्या है\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक 125 मिलीग्राम की गोली में शामिल हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-pishti-no-1\"\u003eमोती पिष्ठी\u003c\/a\u003e या मोती भस्म (मोती, बारीक पिसा हुआ या राख में बदला हुआ) – 56.6 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रवाल पिष्ठी या \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\/\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/a\u003e (मूंगा) – 28.3 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eवांग भस्म (टिन की राख) – 14.15 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म (शंख की राख) – 7.08 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमोती सीप भस्म या पिष्ठी (मोती सीप) – 7.08 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रसंस्करण में इस्तेमाल जड़ी-बूटियों के रस और सहायक सामग्री – शेष मात्रा\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eएसिडिटी और हड्डियों के स्वास्थ्य के अलावा मुक्ता पंचामृत रस के अन्य उपयोग\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउसी गोली के पुराने और अधिक गंभीर काम भी हैं। यह वहाँ दी जाती है जहाँ टीबी जैसी क्षय रोग वाली बीमारी लगातार शरीर को कमज़ोर करती रहती है और साथ में खांसी भी चलती है। यह मूत्र संबंधी विकारों में मदद करती है। और किसी भी लंबी बीमारी के बाद, यह उस समय के लिए एक साधारण टॉनिक के रूप में काम करती है जब बीमारी तो चली गई हो, लेकिन \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/post-illness-recovery\"\u003eताकत वापस नहीं आई हो\u003c\/a\u003e।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस की पैकेजिंग और निर्माण कैसे किया जाता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eगोलियाँ एक एम्बर रंग की कांच की बोतल में आती हैं, जिसे एक बाहरी कार्टन में रखा जाता है। यह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे श्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 1, मिर्जापुर रोड, नैनी, प्रयागराज (यू.पी.) में, निर्माण लाइसेंस संख्या A-393\/79 के तहत निर्मित किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eएक पैक में मुक्ता पंचामृत रस की कितनी गोलियाँ आती हैं?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eएक पैक में 10 गोलियाँ आती हैं। रोज़ाना सेवन करने पर बोतल जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए लंबे उपचार के लिए एक से अधिक की ज़रूरत होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पंचामृत रस शुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियाँ\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबोतल का ढक्कन कसकर बंद रखें, धूप से दूर किसी सूखी जगह पर रखें, जहाँ बच्चे उसे न छू सकें। टूटी हुई सील वाला पैक स्वीकार न करें, और पहली गोली लेने से पहले समाप्ति तिथि देखें। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इससे दूर रहना चाहिए।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबैद्यनाथ मुक्ता पंचामृत रस क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमुक्ता पंचामृत उन क्षेत्रों को कवर करता है जिन्हें अधिकांश एकल दवाएं नहीं कर पातीं: यह शीतल करता है, पोषण देता है और इलाज करता है। इस तरह की दवा तभी काम करती है जब उत्पाद असली हो, यही कारण है कि \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e निर्माता के मूल स्टॉक के अलावा कुछ भी नहीं रखता। कार्टन पर एक बैच नंबर और एक ग्राहक सेवा नंबर होता है, और उस बैच के खिलाफ एक ही कॉल आपको बता देती है कि आपकी बोतल कहाँ से आई थी।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और मुक्ता पंचामृत रस से किसे बचना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपुराना चावल, गेहूं और जौ इस उपचार के अनुकूल हैं। बकरी का दूध, घी, मक्खन, पके केले, आंवला, खजूर, फालसा, किशमिश, मुनक्का और नारियल पानी भी उपयुक्त हैं। भोजन में सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। और साफ़, खुली हवा में समय बिताएँ; इसे यहाँ उपचार के हिस्से के रूप में गिना जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eखट्टा, बहुत मसालेदार और तला हुआ भोजन विपरीत दिशा में ले जाता है। बासी भोजन भी। उपचार खत्म होने तक इन्हें थाली से दूर रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसे नहीं लेना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eगंभीर किडनी की समस्या वाले किसी भी व्यक्ति को इसे अपने आप शुरू नहीं करना चाहिए। बच्चे इसे ले सकते हैं, लेकिन कम खुराक में, कभी भी वयस्कों वाली खुराक नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eभोजन के बाद छाती में जलन, खट्टी डकारें, बढ़ते बच्चे में मुलायम या मुड़ती हड्डियां, कमजोर होते दांत, खाने के कुछ घंटे बाद शुरू होने वाला पेट दर्द, हफ्तों से स्थिर न होने वाला बुखार, लंबी बीमारी के दौरान घटता वजन, और बुखार जाने के बाद भी बनी रहने वाली थकान।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 टैब","offer_id":52157363683629,"sku":"BY-MPR-10T","price":448.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/BodyStop_presenting_Baidyanath_Mukta_Panchamrit_Ras_packaging_carton_box_and_amber_glass_medicine_bottle..png?v=1784360006"},{"product_id":"baidyanath-praval-panchamrit-ras","title":"बैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस (मोती युक्त) | एसिडिटी, सीने की जलन और कमजोर पाचन के लिए","description":"\u003cp\u003eपित्त दोष के बढ़ने के कारण शरीर में अत्यधिक गर्मी से मूत्र संबंधी परेशानी, पाचन संबंधी समस्या, जलन, सीने में जलन आदि जैसी विभिन्न समस्याएं हो सकती हैं। प्रवाल (मूंगा) और मोती जैसी सामग्रियों का उपयोग आयुर्वेद में लंबे समय से उनके शीतलता प्रदान करने वाले चिकित्सीय लाभों के लिए किया जाता रहा है। वैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस इन सामग्रियों से बनी एक ऐसी औषधि है, जो शरीर को कई लाभ प्रदान करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रवाल पंचामृत रस को शरीर के मध्य भाग (मध्यकाय) के विकारों के लिए एक उत्कृष्ट औषधि माना जाता है। इसलिए इसके लाभ हृदय, यकृत, प्लीहा, मूत्राशय आदि महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करने वाली स्थितियों में भी मिलते हैं। प्रवाल पंचामृत रस में मोती, प्रवाल, शंख भस्म आदि शीतलता प्रदान करने वाली सामग्रियां शामिल हैं, जो जलन, एसिडिटी आदि जैसे बढ़े हुए पित्त के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रवाल पंचामृत रस कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत भी माना जाता है और इसलिए हड्डियों से संबंधित विकारों में सप्लीमेंट के रूप में लाभकारी है। अपने शीतलता प्रदान करने वाले फॉर्मूले से, यह टैबलेट मूत्र संबंधी समस्याओं की परेशानी को भी कम करती है और जलन जैसे लक्षणों से राहत देती है। उचित अनुपान के साथ सेवन करने पर, वैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत खांसी, सांस फूलना और कमजोर पाचन में सुधार करने में भी मदद करता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eलाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ पाचन और सामान्य भूख बनाए रखने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअम्लता और सीने में जलन\u003c\/a\u003e में लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003cli\u003eशरीर की अत्यधिक गर्मी से जुड़ी जलन को शांत करने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/liver-spleen-health\"\u003eयकृत और प्लीहा\u003c\/a\u003e के विकारों को नियंत्रित करने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपेट की परेशानी और गैस में उपयोगी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखांसी और सांस फूलने में लाभकारी\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम की पूर्ति बनाए रखने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशीतलता प्रदान करने वाला आयुर्वेदिक फॉर्मूला, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त को संतुलित\u003c\/a\u003e करने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003cli\u003eसमग्र स्वास्थ्य और जीवन शक्ति को बढ़ाता है\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eखुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eवयस्कों के लिए:\u003c\/strong\u003e 1 - 2 टैबलेट दिन में दो बार या आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eबच्चों के लिए:\u003c\/strong\u003e आधा टैबलेट दिन में दो बार या चिकित्सक की सलाह के अनुसार।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eटैबलेट को पिप्पली चूर्ण और शहद या केवल शहद के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eस्थिति के अनुसार विशिष्ट संयोजन:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपेट के विकारों और गुलमा के लिए:\u003c\/strong\u003e पुनर्नवा का काढ़ा लें और प्रवाल पंचामृत टैबलेट लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअपच और कमजोर पाचन के लिए:\u003c\/strong\u003e नींबू रस के साथ।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअम्लता के लिए:\u003c\/strong\u003e अनार का रस या चंदन का शरबत लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपित्त-प्रधान विकारों के लिए:\u003c\/strong\u003e सितोपलादि चूर्ण और शहद या गुलकंद या आंवला मुरब्बा के साथ।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eखांसी और सांस फूलने के लिए:\u003c\/strong\u003e प्रवाल पंचामृत रस मोती युक्त को अडूसा (वास) के रस और शहद के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eदुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअधिक मात्रा में सेवन से कब्ज और पेट की परेशानी हो सकती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन से रक्त में कैल्शियम की अत्यधिक मात्रा (हाइपरकैल्सीमिया) हो सकती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसामग्रियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक 125 मिलीग्राम टैबलेट में निम्नलिखित सामग्रियां शामिल हैं:\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-bhasma-1-gm\"\u003eमुक्ता भस्म\u003c\/a\u003e - 18.94 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म - 18.94 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्ता शुकती भस्म - 18.94 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकापरदक भस्म - 18.94 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/a\u003e - 37.88 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभावना द्रव्य \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएक्सिपिएंट्स\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसंकेत:  \u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगुलमा (पेट में गांठ\/विकार)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्लीहा के विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसांस फूलना\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखराब पाचन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभूख की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकोलिक दर्द\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअम्लता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहृदय रोग\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eग्रहणी (कुअवशोषण सिंड्रोम)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदस्त\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमूत्र संबंधी कठिनाइयाँ\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप: टैबलेट\u003c\/h2\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है: \u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eवैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस 10 टैबलेट\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eवैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस 25 टैबलेट\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरतने योग्य सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचिकित्सकीय देखरेख में उपयोग करें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीधी धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथ योगरत्नकार में वर्णित, वैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस एक ऐसी औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पित्त असंतुलन, अम्लता प्रबंधन और पाचन संबंधी परेशानियों के लिए किया जाता है। यह हृदय, यकृत, प्लीहा और मूत्र प्रणाली से संबंधित स्थितियों सहित शरीर के मध्य भाग को प्रभावित करने वाली स्थितियों में अत्यधिक उपयोगी है। यह टैबलेट कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत भी है और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। \u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eपुराना चावल\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकुटकी का सूप\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगाय का दूध और बकरी का दूध\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकिशमिश\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअंगूर\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eफालसा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eछाछ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअरंडी का तेल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलहसुन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबथुआ \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसहजन की फली\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनींबू\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहरड़ (हरितकी)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eउड़द दाल जैसे पचने में भारी खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजौ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमछली\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक मसालेदार और तैलीय भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखमीरयुक्त और जंक फूड\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक चाय, कॉफी और शराब\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक खट्टे खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें सेवन नहीं करना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eइस औषधि की किसी भी सामग्री से एलर्जी वाले व्यक्ति\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचिकित्सक से परामर्श किए बिना गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखुराक की निगरानी के बिना बच्चे\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगंभीर चिकित्सीय स्थिति वाले व्यक्ति, जब तक कि डॉक्टर द्वारा सलाह न दी गई हो\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअम्लता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजलन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eकमजोर पाचन\u003c\/a\u003e\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपेट की परेशानी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपित्त से संबंधित शिकायतें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभूख की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वसन संबंधी समस्याएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसामान्य कमजोरी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम की पूर्ति\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eवैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड।\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “वैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 टैब","offer_id":52157363618093,"sku":"BY-PPR-10T","price":282.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"25 टैब","offer_id":52157363650861,"sku":"BY-PPR-25T","price":607.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-praval-panchamrit-ras-10-25-tablet-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1789804004"},{"product_id":"baidyanath-raupya-chandi-bhasma","title":"बैद्यनाथ रौप्य (चांदी) भस्म | कमजोरी और जीवनशक्ति के लिए आयुर्वेदिक सहायता","description":"\u003cp\u003eबैद्यनाथ रौप्य भस्म एक आयुर्वेदिक मिश्रण है, जिसे शास्त्रीय आयुर्वेदिक सिद्धांतों में वर्णित एक विशेष ताप और ऑक्सीकरण प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध चांदी से तैयार किया गया है। रजत भस्म के नाम से भी जाना जाने वाला यह मिश्रण अपने कायाकल्प और शक्तिवर्धक गुणों के लिए प्रसिद्ध है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआयुर्वेद के अनुसार, चांदी में शीतलता, पोषण, स्थिरता और शक्तिवर्धक गुण होते हैं। उचित शोधन और बार-बार भस्म बनाने की प्रक्रिया के बाद, चांदी को एक सूक्ष्म भस्म रूप में परिवर्तित किया जाता है, जिसे शरीर आसानी से आत्मसात कर सकता है। पारंपरिक रूप से, रौप्य भस्म उन लोगों के लिए लाभकारी है जो कमजोरी, थकान, कमजोर याददाश्त, तनाव, धड़कन तेज होना, मूत्र संबंधी असंतुलन, शरीर में अत्यधिक गर्मी और तंत्रिका संबंधी दुर्बलता से प्राकृतिक रूप से उबरना चाहते हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे रसायन के रूप में भी माना जाता है, जो शरीर के ऊतकों को पोषण देने, सहनशक्ति में सुधार करने, रंग-रूप को निखारने और दीर्घकालिक जीवन शक्ति को बढ़ावा देने में सहायक है। अपने शीतलता प्रदान करने वाले गुण के कारण, इसका उपयोग अक्सर पित्त असंतुलन की स्थितियों जैसे जलन, एसिडिटी, चिड़चिड़ापन आदि में किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eस्वास्थ्य संबंधी समस्या और शारीरिक प्रकृति के आधार पर बैद्यनाथ रौप्य भस्म का सेवन शहद, मक्खन, दूध, आंवला मुरब्बा, ब्राह्मी घृत या च्यवनप्राश जैसे उपयुक्त अनुपापकों के साथ किया जा सकता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरौप्य भस्म के मुख्य लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशारीरिक \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fatigue-weakness-care\"\u003eकमजोरी और थकान\u003c\/a\u003e को कम करने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमानसिक शक्ति और एकाग्रता बनाए रखने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपारंपरिक रूप से \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eयाददाश्त की कमजोरी\u003c\/a\u003e के लिए उपयोग किया जाता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eघबराहट और चिंता को शांत करने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ मूत्र संबंधी कार्य में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशरीर की अतिरिक्त गर्मी और पित्त असंतुलन को नियंत्रित करने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउपयोग करने की विधि \/ सेवन के निर्देश \/ खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम\u003c\/strong\u003e, दिन में दो बार।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eस्थिति के अनुसार निम्नलिखित में से किसी के साथ भी लिया जा सकता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमक्खन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताजी क्रीम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला मुरब्बा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसितोपलादि चूर्ण\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगाय का दूध\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eविशेष चिकित्सीय संयोजन:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमूत्र संबंधी विकारों के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ या त्रिवंग भस्म (125 मिलीग्राम) के साथ मिलाकर लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eकच्ची हल्दी का रस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eगिलोय का रस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइसके बाद गाय का दूध पिएं।\u003cbr\u003eया दूध में मिलाकर शिलाजीत के साथ भी लिया जा सकता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eजीवन शक्ति और मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरौप्य भस्म लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eच्यवनप्राश\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रवाल पिष्टी\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्ण मक्षिक (125 मिलीग्राम)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइसके बाद दूध पिएं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअश्वगंधा चूर्ण\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिश्री मिला हुआ दूध\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त संबंधी विकारों\u003c\/a\u003e के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआंवला मुरब्बा के साथ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eदृष्टि में सुधार के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eत्रिफला घृत\u003cbr\u003eया\u003cbr\u003eमक्खन + मिश्री\u003cbr\u003eया\u003cbr\u003eबादाम का हलवा\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके बाद बकरी का दूध या गाय का दूध पिएं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकमजोर याददाश्त के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसुबह और शाम ब्राह्मी घृत के साथ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनशीले पदार्थों से होने वाले विकारों के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमक्खन और मिश्री में मिलाकर प्रवाल पिष्टी (125 - 250 मिलीग्राम) के साथ लें, फिर दूध पिएं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eधड़कन तेज होना \/ चिंता के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसुबह और शाम अर्जुन घृत के साथ लें, और भोजन के बाद अर्जुनारिष्ट पिएं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eपेट संबंधी विकारों के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eत्रिकटु चूर्ण और शहद के साथ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/nerve-and-nervous-system-care\"\u003eतंत्रिका स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ लें:\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशतावरी का रस\u003cbr\u003eया\u003cbr\u003eदूध के साथ शतावरीदि चूर्ण\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशारीरिक और मानसिक कमजोरी के लिए शक्तिशाली कायाकल्प संयोजन:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eरौप्य भस्म - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-swarna-bhasma\"\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/a\u003e - 15 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमकरध्वज - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्ता भस्म - 30 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअभ्रक भस्म - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/a\u003e - 60 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमक्खन + मिश्री या ताजी क्रीम के साथ लें, उसके बाद दूध पिएं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरौप्य भस्म के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअनुचित स्व-उपचार या अत्यधिक सेवन से गैस्ट्राइटिस, पेट दर्द और गुर्दे संबंधी समस्याएं जैसी असुविधा हो सकती है। \u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eरौप्य भस्म की सामग्री:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eसंरचना (प्रति 1 ग्राम): शोधित चांदी (रौप्य) भस्म - 1.000 ग्राम\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसंकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eआंखों के विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकमजोर याददाश्त\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eथकान\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचिंता\/घबराहट\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधड़कन तेज होना\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eअपनी शीतलता प्रकृति के कारण, यह निम्नलिखित में भी उपयोगी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eपित्त संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक अम्लता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eविभिन्न प्रकार के मूत्र संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eभस्म (बहुत बारीक पाउडर)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा: \u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ रौप्य भस्म 1 ग्राम \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ रौप्य भस्म 2.5 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरती जाने वाली सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eकेवल चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में उपयोग करें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eठंडी और सूखी जगह पर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीधी धूप से दूर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ रौप्य भस्म चांदी पर आधारित एक आयुर्वेदिक मिश्रण है, जो शक्ति, मानसिक स्वास्थ्य, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/urinary-health\"\u003eमूत्र स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e और समग्र जीवन शक्ति को बनाए रखने में सहायक है। अपने शीतलता और कायाकल्प गुणों के साथ, यह आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और वात-पित्त दोषों को संतुलित करने में मदद करता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e पर असली बैद्यनाथ मिश्रण पाएं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमूंग दाल की खिचड़ी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदलिया\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताजी सब्जियां\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआसानी से पचने वाला भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगाय का घी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशीतलता प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ और फल\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमसालेदार भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतली हुई चीजें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतैलीय भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभारी मसाले वाला भोजन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखट्टा दही\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनींबू\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइमली\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे नहीं खाना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eक्रोनिक किडनी रोग (CKD)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयकृत संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकिसी भी सामग्री से एलर्जी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह सहायक हो सकता है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ रौप्य भस्म सामान्य कमजोरी, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/stress-anxiety\"\u003eतनाव\u003c\/a\u003e, कम सहनशक्ति, मूत्र संबंधी समस्याएं, शरीर की अत्यधिक गर्मी, आंखों से संबंधित समस्याएं, याददाश्त और तंत्रिका संबंधी विकारों आदि में लाभकारी हो सकता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cstrong\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52005011226925,"sku":"BY-RB-25G","price":356.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"2.5 ग्राम","offer_id":52197421941037,"sku":null,"price":1162.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-raupya-chandi-bhasma-1Gm-and-2.5gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1790250315"},{"product_id":"baidyanath-sootshekhar-ras-no-1-tablet","title":"बैद्यनाथ सूतशेखर रस नं. 1 | अत्यधिक एसिडिटी और सीने की जलन के लिए आयुर्वेदिक राहत","description":"\u003cp\u003eआयुर्वेद में, शरीर की अधिक गर्मी से संबंधित दोष असंतुलन को प्रकुपित पित्त से जोड़ा जाता है। अनुचित आहार और जीवनशैली की आदतों से सीने की जलन, एसिडिटी, पाचन संबंधी परेशानी और शरीर में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इन स्थितियों को प्राकृतिक रूप से प्रबंधित करने में मदद के लिए शीतलता और संतुलन प्रदान करने वाले तत्वों से बनी विशिष्ट औषधियों का वर्णन किया गया है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसोना युक्त बैद्यनाथ सुतशेखर रस एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका उल्लेख सिद्ध योग संग्रह के पवित्र पृष्ठों में किया गया है। प्राचीन ग्रंथों में इसे केवल सुतशेखर के रूप में उल्लेखित किया गया है, लेकिन यह लोकप्रिय रूप से सुतशेखर रस नं. 1 के नाम से जाना जाता है। घी और शहद जैसे उचित अनुपान के साथ लेने पर यह गोली गैस्ट्राइटिस, सीने की जलन, खांसी, हिचकी, मतली और उल्टी जैसी स्थितियों को प्रबंधित करने में मदद करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसुतशेखर रस के शंख भस्म जैसे तत्व प्रकुपित पित्त को कम करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में लक्षणों से राहत मिलती है। काली मिर्च, इलायची आदि जैसे दीपन-पाचन (पाचन और वायुनाशक) तत्व जब सोने जैसी खनिजों के साथ मिश्रित होते हैं, तो चिकित्सीय प्रभावकारिता बढ़ाते हैं और लगातार हिचकी, खांसी, मतली, अत्यधिक अम्लता और संबंधित लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअत्यधिक अम्लता\u003c\/a\u003e और एसिड रिफ्लक्स से राहत दिलाने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीने की जलन कम करने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमतली में आराम प्रदान करता है \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहिचकी और पाचन संबंधी जलन को कम करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन\u003c\/a\u003e में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपारंपरिक रूप से पित्त-प्रधान स्थितियों में उपयोगी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस की खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eवयस्क:\u003c\/strong\u003e 1 से 2 गोलियां लें।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eबच्चे:\u003c\/strong\u003e वयस्कों की खुराक का एक-चौथाई लें।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eसेवन की आवृत्ति: \u003c\/strong\u003eस्थिति और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दिन में हर 3 से 4 घंटे में लें।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eअनुशंसित अनुपान (Anupan):\u003c\/strong\u003e निर्देशानुसार 1.5 ग्राम गाय के घी और 3 ग्राम शहद के साथ, या मीठे अनार के रस, बैंगन के रस या शरबत\/सिरप के साथ ले सकते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eहिचकी और सीने की जलन के लिए विशेष पारंपरिक उपयोग:\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003eहिचकी और सीने की जलन से राहत के लिए, सुतशेखर रस की गोली के साथ निम्नलिखित से बना ताज़ा हर्बल पेय लिया जा सकता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eलजामंद (फूले चावल से तैयार पानी) - 15 ग्राम\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eछोटी इलायची - 2 से 4 दाने\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिश्री (रॉक शुगर) - अधिकतम 3 ग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपानी - 250 मिलीलीटर\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमिश्रण को लगभग एक-चौथाई रहने तक उबालें, छान लें, ठंडा होने दें और गोली के साथ 1-2 चम्मच लें या आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा निर्देशित अनुसार लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबिना निगरानी के अधिक खुराक और लंबे समय तक सेवन से संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिनमें पाचन संबंधी समस्याएं, मुंह में लगातार धातु जैसा स्वाद और गैस्ट्राइटिस शामिल हैं। \u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के तत्व:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक 125 मिलीग्राम की गोली में शामिल हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-swarna-bhasma\/\"\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/a\u003e - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध पारा - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध गंधक - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध वत्सनाभ - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधतूरे के बीज - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध तंकान - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताम्र भस्म (तांबे का भस्म) - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म (शंख का भस्म) - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबेलगिरी - 9.4 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकचूर - 9.4 मिलीग्राम \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसूखी अदरक - 3.13 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकाली मिर्च - 3.13 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलंबी काली मिर्च - 3.13 मिलीग्राम \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदालचीनी - 2.34 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतेजपत्ता (बे पत्ती) - 2.34 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनागकेसर - 2.34 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eछोटी इलायची - 2.34 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएक्सिपिएंट्स\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभावना द्रव्य (त्रत्न करने वाले तरल पदार्थ)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक अम्लता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eछाती में जलन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपेट दर्द\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगले में जलन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउल्टी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमतली\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचक्कर\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपित्त-प्रधान विकार\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलगातार हिचकी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगुल्म (पेट में गांठें)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीने की जलन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकमजोर पाचन\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप: गोली\u003c\/h2\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eउत्पाद उपलब्ध है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ सुतशेखर रस नं. 1 10 गोलियां\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ सुतशेखर रस नं. 1 25 गोलियां \u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरती जाने वाली सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीधी धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकेवल चिकित्सकीय मार्गदर्शन में उपयोग करें\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ सुतशेखर रस अम्लता, सीने की जलन, मतली, हिचकी और पाचन असंतुलन को प्रबंधित करने के लिए एक विश्वसनीय आयुर्वेदिक औषधि है। यह प्राकृतिक पाचन प्रक्रिया में सहायक है और शरीर में \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त संतुलन\u003c\/a\u003e बनाए रखने में मदद करती है, जिससे जलन, सीने की जलन आदि जैसे लक्षणों में कमी आती है। यह अपनी मूल रूप में \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से उपलब्ध है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगेहूं या जौ की रोटी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपुराना चावल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसत्तू\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमूंग दाल या सूप\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतोरई\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eलौकी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकरेला\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतोरई\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्पंज लौकी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहरी सब्जियां\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबैंगन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअनार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसेब\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपेठा \/ सफेद कद्दू\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनारियल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकेला\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमीठा पका हुआ आम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधनिया\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजीरा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहल्दी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसेंधा नमक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकच्ची अदरक की थोड़ी मात्रा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदूध\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताज़ा मक्खन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eघी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला चटनी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eखट्टे खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक कड़वे खाद्य पदार्थ\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतिल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउड़द दाल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदही\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशराब\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपूरी, पकौड़ी आदि तले हुए खाद्य पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें नहीं खाना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eक्रोनिक किडनी रोग (CKD)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयकृत (लीवर) संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकिसी भी तत्व से एलर्जी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह सहायक हो सकती है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ सुतशेखर रस \u003cspan\u003e1\u003c\/span\u003e शरीर में पित्त दोष असंतुलन से संबंधित जलन, अत्यधिक अम्लता, उल्टी, मतली, खांसी आदि जैसे लक्षणों में राहत दे सकती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड।\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 टैब","offer_id":52157363061037,"sku":"BY-SSRG-10T","price":1024.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"25 टैब","offer_id":52157363093805,"sku":"BY-SSRG-25T","price":2539.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-sootshekhar-ras-no-1-swarna-yukt-10-and-20-tablet-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1790159714"},{"product_id":"baidyanath-prawal-bhasma","title":"बैद्यनाथ प्रावाल भस्म | एसिडिटी, खांसी, कमजोर हड्डियों और गर्भावस्था में सहायता के लिए","description":"\u003cp\u003eप्रवाल भस्म कैल्शियम से भरपूर एक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है, जिसे पारंपरिक पुत विधि (भस्मीकरण) द्वारा शुद्ध प्रवाल से बनाया जाता है। अपनी शीतल प्रकृति के कारण, यह फॉर्मूलेशन पित्त दोष को संतुलित करता है और इससे जुड़ी समस्याओं जैसे अत्यधिक शारीरिक गर्मी और एसिडिटी को कम करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रवाल भस्म प्राकृतिक कैल्शियम का समृद्ध स्रोत है, इसलिए शरीर में इसकी कमी होने पर अत्यंत लाभकारी है। इसी कारण, यह बच्चों में रिकेट्स, दांत निकलने में देरी और दूध पचाने में कठिनाई जैसी समस्याओं से जुड़ी लक्षणों के प्रबंधन में मदद करता है। चूंकि कैल्शियम की कमी और एनीमिया बाल झड़ने के प्रमुख कारणों में से हैं, इसलिए आयुर्वेद में बालों के झड़ने के लिए प्रवाल भस्म के उपयोग की भी सलाह दी जाती है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ प्रवाल भस्म के शांत और शीतल गुणों के कारण यह गर्भावस्था में भी लाभकारी है। जब इसे उचित अनुपान (सहायक पदार्थों) के साथ लिया जाता है, तो यह गर्भावस्था से जुड़ी जोखिमों को कम करने में मदद करता है और स्वस्थ शिशु के जन्म में सहायक होता है। यह फॉर्मूलेशन खांसी, सिरदर्द, मतली और रक्तस्राव संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों के लिए भी उपयोगी है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eप्रवाल भस्म के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eएसिड रिफ्लक्स के प्रबंधन में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसीने की जलन से राहत देता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअतिपित्त को संतुलित करता है \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त दोष\u003c\/a\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eखांसी और सांस\u003c\/a\u003e संबंधी समस्याओं में श्वसन स्वास्थ्य का समर्थन करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशरीर में स्वस्थ कैल्शियम स्तर बनाए रखने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहड्डियों और दांतों की मजबूती का समर्थन करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशारीरिक शक्ति और जीवन शक्ति में सुधार करने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसामान्य शारीरिक कमजोरी में लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eप्रवाल भस्म की खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eवयस्कों के लिए:\u003c\/strong\u003e प्रतिदिन दो बार 125 मिलीग्राम से 375 मिलीग्राम तक शहद, घी या दूध के साथ।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eबच्चों के लिए:\u003c\/strong\u003e उचित मात्रा में 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम तक दिया जा सकता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eविशेष सेवन विधियाँ:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशारीरिक कमजोरी, खांसी और अस्थमा के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रवाल भस्म को सितोपलादि चूर्ण या च्यवनप्राश के साथ लिया जा सकता है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eएसिडिटी से संबंधित सिरदर्द और उल्टी के लिए:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रवाल भस्म को निम्नलिखित के साथ दिया जा सकता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला मुरब्बा, या\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eघी और मिश्री\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eरक्तस्राव संबंधी विकारों या शरीर के किसी भी अंग से रक्तस्राव होने पर:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eस्वर्णमक्ष भस्म (125 मिलीग्राम) को प्रवाल भस्म या प्रवाल पिष्टि के साथ मिलाएं और दूर्वा के रस और मिश्री के साथ सेवन करें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin-bottom: 4.0pt;\"\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकाली खांसी वाले बच्चों के लिए\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e:\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin-bottom: 4.0pt;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमिश्रण:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म - 250 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशृंग भस्म - 250 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगोदंती भस्म - 125 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eवंशलोचन - 125 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगिलोय सत्त्व - 125 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eछोटी इलायची - 60 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउपरोक्त का 4 खुराक तैयार करें और गुलबनाफसा शरबत या शहद के साथ दिन में चार बार दें।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin-bottom: 4.0pt;\"\u003e\u003cstrong\u003eगर्भावस्था के दौरान:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखांसी, उल्टी, मतली, एनीमिया और भ्रूण के उचित पोषण के लिए, प्रवाल भस्म को निम्नलिखित के साथ लिया जाना चाहिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगिलोय सत्त्व\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसितोपलादि चूर्ण, या\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eच्यवनप्राश\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eइसके अतिरिक्त, भोजन के बाद:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eद्राक्षारिष्ट और\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनंतमूल या उसका अर्क (अर्क)\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eएक साथ सेवन किया जा सकता है। यह गर्भावस्था के जोखिमों को कम करने में मदद करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों में:\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरिकेट्स, कैल्शियम का कम स्तर, हड्डियों में सूजन, दांत निकलने में देरी, अपच से संबंधित दस्त, दूध पचाने में असमर्थता, उल्टी और अन्य बचपन की विकारों के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"margin: 12.0pt 0cm 12.0pt 0cm;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल भस्म निम्नलिखित के साथ लेने पर लाभकारी है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनींबू पानी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमिश्री\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eस्वीट लाइम का रस\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतंत्रिका कमजोरी और ताकत बढ़ाने के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिम्नलिखित को च्यवनप्राश और दूध के साथ एक साथ लेना अत्यंत लाभकारी माना जाता है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-abhrak-bhasma-sahastraputi\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअभ्रक भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमकरध्वज\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eलोह भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म के दुष्प्रभाव:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनुचित या अधिक मात्रा में सेवन से पेट की परेशानी, मतली, कब्ज आदि हो सकती है। लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन से कैल्शियम स्टोन और रक्त में कैल्शियम का उच्च स्तर होने का संभावित जोखिम होता है, जिससे थकान और अतालता (Arrhythmia) हो सकती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म के घटक:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रत्येक 5 ग्राम में:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशुद्ध प्रवाल भस्म - 5 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसंकेत:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपित्त संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरक्तपित्त (रक्तस्राव संबंधी विकार)\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअस्थमा\/सांस लेने में कठिनाई\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअति-एसिडिटी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eयकृत संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eवात संबंधी विकार।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eएनीमिया\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fatigue-weakness-care\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eथकान और कमजोरी\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का रूप: भस्म (बारीक पाउडर)\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल भस्म 5 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल भस्म 10 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\n\n\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसुरक्षा जानकारी \/ बरती जाने वाली सावधानियां:\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचिकित्सा पर्यवेक्षण में उपयोग करें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसीधी धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म एक खनिज फॉर्मूलेशन है, जिसे आयुर्वेद में कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोतों और शीतल गुणों के लिए अनुशंसित किया गया है। उचित अनुपान के साथ लेने पर, यह फॉर्मूलेशन हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने, श्वसन संबंधी स्थितियों, पाचन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ अति-एसिडिटी और कमजोरी सहित पित्त से जुड़ी स्थितियों के प्रबंधन में लाभकारी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eदूध और दूध से बने पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताजे फल\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला और आंवले से बने पदार्थ\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eघी \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआसानी से पचने वाले खाद्य\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम से भरपूर खाद्य\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch4\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h4\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमसालेदार खाद्य\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eडीप-फ्राइड खाद्य\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक अम्लीय खाद्य\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैफीन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशराब\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें नहीं खाना चाहिए:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eजिन्हें किसी भी घटक से एलर्जी हो\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना बच्चों\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम स्टोन वाले व्यक्ति\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअति-एसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशरीर की अत्यधिक गर्मी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजलन की अनुभूति\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eकमजोर हड्डियां\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपुरानी खांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वसन संबंधी समस्याएं\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/anemia-iron-supplements\"\u003eएनीमिया\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसामान्य दुर्बलता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eथकान\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबच्चों में दांत निकलने में देरी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड।\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 ग्राम","offer_id":52005017780525,"sku":"BY-PB-10T","price":486.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-prawal-bhasma-10gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1789984729"},{"product_id":"baidyanath-prawal-pishti","title":"बैद्यनाथ प्रवाल पिष्टी - हड्डियों, पित्त और पाचन स्वास्थ्य के लिए कोरल कैल्शियम","description":"\u003cp\u003eप्रवाल पिष्ठी एक कैल्शियम से भरपूर आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है, जिसे शुद्ध प्रवाल के बारीक चूर्ण को गुलाब जल के साथ त्रितुरित करके तैयार किया जाता है। अत्यंत शीतल प्रकृति होने के कारण, यह फॉर्मूलेशन पित्त दोष को संतुलित करता है और इससे संबंधित लक्षणों जैसे अत्यधिक शारीरिक गर्मी और एसिडिटी को कम करता है।\u003cbr\u003e \u003cbr\u003eप्रवाल पिष्ठी प्राकृतिक कैल्शियम का समृद्ध स्रोत है और इसलिए हड्डियों के विकारों तथा बच्चों की बीमारियों जैसे रिकेट्स और दांत निकलने में देरी के प्रबंधन में अत्यधिक लाभकारी है। प्रवाल पिष्ठी के लाभ गर्भावस्था के चरण में भी मिलते हैं, क्योंकि यह सौम्य और शीतल प्रकृति का है। उचित अनुपान के साथ सेवन करने पर, यह गर्भावस्था से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद करता है और स्वस्थ प्रसव में सहायक होता है। यह फॉर्मूलेशन खांसी, सिरदर्द, मतली और रक्तस्राव संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों के लिए भी उपयोगी है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रबल शीतल प्रभाव की आवश्यकता वाली स्थितियों में प्रवाल भस्म की तुलना में प्रवाल पिष्ठी को अक्सर प्राथमिकता दी जाती है। आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में सेवन करने पर इसकी सौम्य प्रकृति इसे विभिन्न आयु समूहों के लिए उपयुक्त बनाती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eप्रवाल पिष्ठी के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eहड्डियों\u003c\/a\u003e और दांतों का समर्थन करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्राकृतिक कैल्शियम स्तर बनाए रखने में सहायक\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएसिड रिफ्लक्स को प्रबंधित करने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वसन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक शारीरिक गर्मी को कम करने में मदद करता है \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वस्थ पाचन को बढ़ावा देने में मदद करता है\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबढ़े हुए \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त दोष\u003c\/a\u003e को संतुलित करने में लाभकारी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eप्रवाल पिष्ठी की खुराक \/ उपयोग के निर्देश:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e\u003cstrong\u003eवयस्क:\u003c\/strong\u003e 125 मिलीग्राम से 375 मिलीग्राम, दिन में दो बार\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eबच्चे:\u003c\/strong\u003e 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eइसे शहद, मक्खन या दूध के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch3 class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eविशेष चिकित्सीय संयोजन:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकमजोरी, खांसी और अस्थमा के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल पिष्ठी को सितोपलादि चूर्ण या च्यवनप्राश के साथ लिया जा सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक प्यास और इसी तरह की स्थितियों के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल पिष्ठी को निम्नलिखित के साथ दिया जा सकता है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eआंवला मुरब्बा या\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eघी और मिश्री\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरक्तस्राव संबंधी विकारों के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल पिष्ठी का उपयोग निम्नलिखित के साथ किया जा सकता है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e125 मिलीग्राम स्वर्णमक्षिक भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eदूर्वा का रस\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमिश्री\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों में काली खांसी के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिम्नलिखित संयोजन की सलाह दी जाती है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/a\u003e - 250 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशृंग भस्म - 250 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगोदंती भस्म - 250 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eवंशलोचन - 125 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगिलोय सत्व - 125 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eछोटी इलायची - 60 मिलीग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसभी सामग्रियों को मिलाकर 4 खुराक में बाँटें और दें।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउचित पोषण और विकास के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपोषण और विकास में सुधार के लिए, प्रवाल पिष्ठी को निम्नलिखित के साथ लेने की सलाह दी जाती है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eगिलोय सत्व\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसितोपलादि चूर्ण या\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eच्यवनप्राश\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों में उपयोग:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरिकेट्स, कैल्शियम की कमी, कमजोर या कम विकसित हड्डियाँ, दांत निकलने में देरी, अपच, दूध पचाने में असमर्थता, उल्टी और संबंधित बाल रोग संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों को प्रवाल पिष्ठी निम्नलिखित के साथ दी जा सकती है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनींबू पानी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमिश्री\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eस्वीट लेमन (मौसंबी) का रस\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमूत्र मार्ग में जलन और त्वचा संबंधी विकारों के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमूत्र त्याग के दौरान जलन, दाद, खुजली और संबंधित शिकायतों जैसी स्थितियों में,\u003cbr\u003eप्रवाल पिष्ठी को सारिवाद्यरिष्ट या चन्दनसावा के साथ लेने पर लाभकारी माना जाता है।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch4\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतंत्रिका कमजोरी और शक्ति के लिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h4\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिम्नलिखित संयोजन:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-abhrak-bhasma-sahastraputi\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअभ्रक भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमकरध्वज\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eलौह भस्म\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eच्यवनप्राश के साथ लेने और उसके बाद दूध पीने से तंत्रिका कमजोरी, शारीरिक शक्ति और समग्र जीवन शक्ति के लिए लाभकारी बताया गया है।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल पिष्ठी के दुष्प्रभाव:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनुचित या अधिक मात्रा में सेवन से पेट में परेशानी, मतली, कब्ज आदि हो सकते हैं। लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करने से कैल्शियम स्टोन और रक्त में कैल्शियम का उच्च स्तर होने का संभावित जोखिम रहता है, जिससे थकान और अतालता (Arrhythmia) हो सकती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रवाल पिष्ठी की सामग्री:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रत्येक 5 ग्राम में:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशुद्ध प्रवाल पिष्ठी - 5.00 ग्राम\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसंकेत:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपित्त संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरक्तपित्त\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eखांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअस्थमा \u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअम्लता\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eरक्त संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपाचन संबंधी गड़बड़ियाँ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eवात संबंधी विकार\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eएनीमिया\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसामान्य कमजोरी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का रूप: पिष्ठी (बारीक चूर्ण)\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद का वजन या शुद्ध मात्रा:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउत्पाद निम्नलिखित रूप में उपलब्ध है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल पिष्ठी 20 ग्राम\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e सुरक्षा जानकारी \/ बरतने योग्य सावधानियां:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eउपयोग से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचिकित्सकीय पर्यवेक्षण में उपयोग करें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअनुशंसित खुराक से अधिक न लें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबच्चों की पहुंच से दूर रखें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसीधी धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल पिष्ठी प्रवाल से बना एक आयुर्वेदिक उत्पाद है, जो अपने शीतल प्रभाव और प्राकृतिक कैल्शियम की मात्रा के लिए प्रसिद्ध है। यह हड्डियों और पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखने में लाभकारी है और साथ ही \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eखांसी और श्वसन संबंधी\u003c\/a\u003e स्थितियों से राहत भी प्रदान करता है। इसके पित्त को संतुलित करने वाले गुण इसे गर्मी सहन न करने और एसिड रिफ्लक्स की स्थितियों में उपयोगी बनाते हैं। यह अपने प्रामाणिक रूप में \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से उपलब्ध है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/span\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eक्या खाएं:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eदूध\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eघी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशहद\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eआंवला उत्पाद\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eताज़े फल\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eआसानी से पचने योग्य खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eक्या न खाएं:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eमसालेदार खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतले-भुने खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअत्यधिक खट्टे खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eशराब\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eतंबाकू उत्पाद\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकिन्हें सेवन नहीं करना चाहिए:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकिसी भी सामग्री से एलर्जी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eचिकित्सकीय पर्यवेक्षण के बिना बच्चे\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकैल्शियम स्टोन वाले व्यक्ति\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकिन समस्याओं में यह सहायक हो सकता है:\u003c\/span\u003e\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eएसिड रिफ्लक्स\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eअत्यधिक शारीरिक गर्मी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकैल्शियम की कमी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eकमजोर हड्डियाँ और दांत\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fatigue-weakness-care\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eसामान्य कमजोरी\u003c\/span\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eश्वसन संबंधी परेशानी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपुरानी खांसी\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003eपित्त असंतुलन\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eश्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड\u003cbr\u003e1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश – 211008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपंजीकृत कार्यालय और ग्राहक सेवा: “बैद्यनाथ भवन”\u003cbr\u003e1, गुप्ता लेन, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 700006\u003cbr\u003eग्राहक सेवा: 011-43507777\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eईमेल: cc@baidyanath.org\u003cspan lang=\"EN-GB\"\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"20 ग्राम","offer_id":52005018042669,"sku":"BY-PP-20T","price":660.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-prawal-pishti-10gm-of-2box-front-by-BodyStop.png?v=1789983749"},{"product_id":"dhootapapeshwar-pittashekhar-rasa","title":"धूत्वापपेश्वर पित्तशेखर रस 30 टैबलेट - एसिडिटी, सीने की जलन और पेट दर्द के लिए","description":"\u003ch2\u003eपित्तशेखर रस क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eपित्तशेखर रस \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e के लिए एक आयुर्वेदिक गोली है। आयुर्वेद में इस समस्या को अम्लपित्त कहा जाता है, जो पेट में \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त दोष\u003c\/a\u003e का असंतुलन है। पेट जरूरत से ज्यादा एसिड बनाता है, और वह अतिरिक्त एसिड अपनी ही समस्याएँ पैदा करने लगता है। खाना गले से नीचे उतरते समय जलता है। डकार खट्टी आती है। हर भोजन के बाद एक घंटे तक छाती में जलन महसूस होती है। कुछ लोगों को इसके साथ सिरदर्द भी होता है। कुछ को चक्कर आते हैं, और कुछ की भूख पूरी तरह खत्म हो जाती है। पित्तशेखर रस इन सभी शिकायतों के लिए बनाया गया है, न कि केवल जलन के लिए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहर गोली में तीन शंख डाले जाते हैं। शंख, जो शंख है। सीप, जिसके अंदर मोती उगता है। और कौड़ी, वह छोटी सी कौड़ी जिससे बच्चे कभी खेलते थे। इन तीनों को तब तक जलाया जाता है जब तक कि वे मुलायम सफेद राख न बन जाएं। शंख स्वभाव से ठंडे होते हैं, और बहुत अधिक एसिड बनाने वाला पेट गर्म पेट होता है, इसलिए ये तीनों जानबूझकर इसमें डाले गए हैं। इनके साथ अविपत्तिकर चूर्ण भी होता है, जो गोली में सबसे भारी एकल सामग्री है। वह एक तैयार मिश्रित चूर्ण है और इसका काम जमा हुए एसिड को बैठने देने के बजाय नीचे की ओर धकेलकर बाहर निकालना है। इसके बाद तीन सादे पौधों की चीजें आती हैं, बिलवा फल का गूदा, आमलतास फल का गूदा और कलमेघ। फिर पूरे मिश्रण को भृंगराज के रस और भूमि आंवला के साथ उबले पानी में गीला पीसकर तैयार किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएसिडिटी की कुछ अन्य दवाएं इसके करीब ही आती हैं। धूतपापेश्वर अम्लपित्त मिश्रण एक तरल है, जिसे उस दिन के लिए रखा गया है जब जलन पहले से ही हो और उसे जल्दी शांत करने की जरूरत हो। बैद्यनाथ कामदुधा रस मोती युक्त एक ठंडी करने वाली गोली है, जिसे तब चुना जाता है जब गर्मी और जलन ही पूरी शिकायत हो। बैद्यनाथ अम्लपित्तनाशक योग पुरानी एसिडिटी के लिए है, वह एसिडिटी जिसके साथ कोई व्यक्ति वर्षों से जी रहा हो।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eपित्तशेखर रस के लाभ: यह एसिडिक पेट में कैसे मदद करता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eजलन और सीने की जलन:\u003c\/strong\u003e तीन शंखों की राख यह काम करती है। वे पेट की परत को ठंडा करती हैं और उसमें जमा एसिड की तीक्ष्णता को कम करती हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eखट्टी डकार और मतली:\u003c\/strong\u003e \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-sootashekhar-rasa\"\u003eसूतशेखर रस\u003c\/a\u003e इसी के लिए है। यह एक घंटे तक केवल भावना को ढकने के बजाय खराब एसिड को पचाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपेट में दर्द:\u003c\/strong\u003e कपर्दक भस्म पकड़ वाले दर्द पर काम करती है, वह दर्द जो लहरों में आता है और फिर छूट जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eभूख और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e बिलवा इस पक्ष को संभालता है। खाना फिर से ठीक से नीचे जाने लगता है, और जिसे भूख लगना बंद हो गया था, वह व्यक्ति खाना शुरू करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eयकृत:\u003c\/strong\u003e आमलतास और कलमेघ दोनों यहाँ काम करते हैं। धीमा यकृत एसिडिटी को जारी रखता है, इसलिए यह हिस्सा लोगों की सोच से ज्यादा मायने रखता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसिरदर्द और चक्कर:\u003c\/strong\u003e ये बुरी एसिडिटी के साथ आते हैं और शायद ही कोई इन दोनों को जोड़ता हो। जैसे-जैसे पेट शांत होता है, ये भी शांत हो जाते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eपित्तशेखर रस की खुराक: इसे कैसे और किसके साथ लेना है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eएक से दो गोलियां, दिन में एक या दो बार, या चिकित्सक द्वारा निर्धारित अनुसार। प्रत्येक पित्तशेखर रस गोली लेपित होती है, इसलिए यह आसानी से नीचे उतरती है और मुँह में कोई स्वाद नहीं छोड़ती।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे लेने के लिए तीन चीजों का उपयोग किया जा सकता है। आंवला मुरब्बा का एक टुकड़ा, गाय का दूध, या सादा गुनगुना पानी।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eक्या यह सुरक्षित है? पित्तशेखर रस के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eअधिकांश लोग इसे बिना किसी परेशानी के लेते हैं। यह एक सौम्य गोली है, और यह पहले से ही आहत पेट के लिए बनाई गई है, इसलिए यह परेशानी को बढ़ाती नहीं है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसमें अभी भी राख है। पहले कुछ दिनों में मल थोड़ा ढीला हो सकता है। अविपत्तिकर चूर्ण हल्का रेचक है और यह वहीं से आता है। एक बार शरीर को कोर्स की आदत हो जाने पर यह अपने आप शांत हो जाता है। कुछ लोगों को खुराक के बाद भारीपन महसूस होता है। वह भी बीत जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे चिकित्सकीय देखरेख में लें। एक योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर को खुराक तय करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि कोर्स कितने समय तक चलेगा, और यह तब और भी ज्यादा मायने रखता है जब पहले से ही अल्सर हो या एसिडिटी वर्षों से चल रही हो। अगर बीच में कुछ भी गलत लगे, तो इसे रोकें और जांच कराएं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eपित्तशेखर रस की सामग्री: प्रत्येक गोली में क्या-क्या होता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक लेपित गोली बनाई जाती है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eसूतशेखर रस (सुवर्णयुक्त) 10 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म (शंख की राख) 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशौक्तिक (मुक्ताशukti) भस्म (जिस शंख में मोती उगता है उसकी राख) 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकपर्दिका (वराटिका) भस्म (कौड़ी की राख) 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअविपत्तिकर चूर्ण 100 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबिलवा (एग्ले मार्मेलोस) फल का गूदा चूर्ण 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअरागवधा (कैसिया फिस्टुला) फल का गूदा चूर्ण 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकलमेघ (एंड्रोग्राफिस पैनिकुलाटा) पूरे पौधे का चूर्ण 20 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eपूरे मिश्रण को भूमि आंवला, जो तमालकी है, के साथ उबले पानी और भृंगराज के ताजे रस में संसाधित किया जाता है। वे आठ पित्तशेखर रस सामग्री 230 मिलीग्राम तक आती हैं। गोली का बाकी हिस्सा सादा आधार है जो आकार को बनाए रखता है, साथ ही बाहर की लेप भी है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरोजमर्रा की एसिडिटी से परे पित्तशेखर रस गोली के उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबॉक्स पर पित्तशेखर रस के उपयोग सामान्य एसिडिटी से थोड़े व्यापक रूप से चलते हैं। जो हिचकी बंद नहीं होती, वह उस सूची में है। उल्टी भी है। फिर पित्तजा श्वासका है, जो गर्म पेट से उठने वाली खांसी और सांस फूलना है, न कि छाती से। ऐसा व्यक्ति खाने के बाद ज्यादा खांसता है और खांसी के साथ खट्टी डकारें आती हैं। पित्तजा ग्रहणी दूसरा है। वहाँ, बहुत अधिक एसिड से पाचन कमजोर हो गया है, और मल ढीला और जलन वाला हो जाता है। दोनों ही गौण उपयोग हैं। एसिडिटी मुख्य काम बनी रहती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eइस दवा को कैसे पैक और बनाया जाता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e30 गोलियों की स्ट्रिप एक हरे कार्टन में आती है जिसके सामने पेट छपा होता है, और उसी बॉक्स में एक छोटी सूचना पुस्तिका रखी होती है। यह पित्तशेखर रस है जिसे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dhootapapeshwar\/\"\u003eधूतपापेश्वर\u003c\/a\u003e अपने स्वयं के ट्रेडमार्क के तहत बेचता है, जबकि इसे ओम फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, 12वीं माइल, ओल्ड मद्रास रोड, बैंगलोर 560 049 में, विनिर्माण लाइसेंस संख्या AUS-510 के तहत बनाया जाता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eएक पैक में कितनी गोलियां आती हैं?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह लिस्टिंग पित्तशेखर रस 30 गोली पैक है, एक एकल स्ट्रिप। बैच नंबर, बनाने की तारीख और समाप्ति की तारीख कार्टन के पीछे छपी होती है, इसलिए पहली खुराक से पहले उन्हें एक बार पढ़ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियां\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eस्ट्रिप को उसके कार्टन के अंदर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें, धूप से दूर और बच्चों की पहुंच से बाहर।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपित्तशेखर रस के लाभ एक दिन में नहीं दिखते। यह एक कोर्स की दवा है और इसे कुछ हफ्तों की जरूरत होती है। इसके साथ, खाने की आदतें उतनी ही मायने रखती हैं जितना कि गोली। दो भारी भोजन के बजाय दिन में तीन या चार बार छोटे भोजन। खाने के तुरंत बाद न लेटें। इसके बजाय थोड़ी देर टहलें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर धूतपापेश्वर पित्तशेखर रस क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eपुरानी एसिडिटी वाले लोग एक के बाद एक दवा आजमाने के बाद अंत में एक कॉपी किया हुआ पैक आजमाते हैं, और उस दौर में इसकी कीमत पैसे से ज्यादा होती है। इसमें महीने लग जाते हैं, और जब वे महीने बीत जाते हैं तो पेट पहले से बेहतर नहीं होता। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e केवल वही स्टॉक रखता है जो निर्माता की अपनी आपूर्ति से आया हो। कार्टन पर बैच नंबर छपा होता है जिसके बगल में कस्टमर केयर नंबर होता है, और जब भी आप सुनिश्चित होना चाहें, कंपनी उस बैच की पुष्टि करेगी कि वह उनकी ही है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किसे इससे बचना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपुराने चावल, गेहूं और जौ। मूंग दाल। लौकी। आंवला और अनार। गाय का घी और दूध। थोड़ा चीनी या शहद। पुराना पेठा। भोजन हल्का और ताज़ा पका हुआ रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eनए अनाज। कड़वा भोजन। तिल, उड़द और कुल्थी। तला हुआ भोजन और भारी भोजन। बकरी का दूध। दही। धनिया। मसालेदार भोजन, और शराब।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसे नहीं लेना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे अपने आप शुरू नहीं करना चाहिए। यह ऐसी गोली नहीं है जो किसी बच्चे को थमा दी जाए। किडनी या लिवर की गंभीर समस्या वाले किसी भी व्यक्ति को इस तरह की खनिज दवाओं से दूर रहना चाहिए। और डॉक्टर की एसिडिटी की उपचार पहले से ले रहे व्यक्ति को इसके लिए उसे नहीं छोड़ना चाहिए।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन चिंताओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eहर भोजन के बाद छाती में जलन। खट्टी डकारें जो लगातार आती रहती हैं। खाली पेट में दर्द करने वाला पेट और खाने के बाद फिर से दर्द करने वाला पेट। मतली, और उल्टी जो थोड़ी राहत देती है। हिचकी जो बंद नहीं होती। बिल्कुल भूख न लगना। बाकी के साथ सिरदर्द और चक्कर। मुँह के छाले जो बार-बार वापस आते रहते हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eदवाएं जो इसके साथ ली जाती हैं\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइसके साथ दो अन्य चीजें इस्तेमाल की जाती हैं, प्रत्येक अलग काम के लिए।\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eयष्टिमधु चूर्ण\u003c\/strong\u003e बारीक पिसा हुआ सादा मुलेठी है। इसे तब लिया जाता है जब जलन भोजन नली और गले तक चढ़ गई हो, क्योंकि यह उस परत को ढकती और शांत करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eद्राक्षारिष्ट\u003c\/strong\u003e किशमिश से बना एक तरल है। इसे तब चुना जाता है जब एसिडिटी एक ऐसे पेट के साथ आती है जो अवरुद्ध रहता है, क्योंकि यह ठंडा करता है और आंतों को गतिशील रखता है।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eदोनों ही अतिरिक्त हैं। गोली मुख्य दवा बनी रहती है।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"30 टैब","offer_id":52157361389869,"sku":"SDL-PSR-30T","price":1339.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-pittashekhar-rasa-tablets-box-30-tablets-by-BodyStop.png?v=1785327399"},{"product_id":"dhootapapeshwar-sootashekhar-rasa","title":"धूतपापेश्वर सूतशेखर रस गोल्ड 10\/30 टैबलेट | एसिडिटी, सीने में जलन और उल्टी के लिए","description":"\u003ch2\u003eसूतशेखर रस क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eसूतशेखर रस अम्लता के लिए बनाई गई एक आयुर्वेदिक गोली है। यह तब दी जाती है जब पेट में आवश्यकता से अधिक अम्ल बनता है और छाती में, ऊपरी पेट में या गले के पीछे जलन दिखाई देने लगती है। कुछ लोगों को हर भोजन के बाद यह समस्या होती है। कुछ को सुबह खाली पेट होती है। यहाँ बिकने वाला पैक सुवर्ण सूतशेखर रस है, जिसमें सोने की भस्म है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदेखें कि इसमें क्या-क्या है, और इसका आधा हिस्सा तो किसी दवा की दुकान से है ही नहीं। दालचीनी। तेजपत्ता। छोटी इलायची। सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली। कचु और बेल के फल का सूखा गूदा। ये रसोई में मिलने वाली चीज़ें हैं, वही जो रोज़ाना खाना पकाने में इस्तेमाल होती हैं, और ये इसलिए हैं क्योंकि ये पेट को शांत करती हैं और पाचन को फिर से दुरुस्त करती हैं। इनके साथ-साथ कुछ भारी चीज़ें भी हैं। शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक, तांबा भस्म, शंख भस्म, स्वर्ण भस्म, सुहागा और दो ऐसी शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ जिन्हें कोई घर में नहीं रखता। इनमें से प्रत्येक को मिलीग्राम में मापा गया है। इसीलिए यह गोली छोटी है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक ही शिकायत वाले लोग कुछ अन्य दवाइयाँ भी खरीदते हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-pittashekhar-rasa\"\u003eधूतपापेश्वर पित्तशेखर रस\u003c\/a\u003e एक बड़ी संयोजन वाली दवा है और यह दवा भी इसी के अंदर है, इसलिए यह उस व्यक्ति के लिए है जिसकी अम्लता धीमी पाचन और कभी ठीक से साफ न होने वाले पेट के साथ आती है। बैद्यनाथ कामदुधा रस मोती युक्त ठंडक देने वाली दवा है, जिसे तब खरीदा जाता है जब केवल गर्मी और जलन ही पूरी समस्या हो और उसके साथ कोई दर्द न हो। धूतपापेश्वर अम्लपित्त मिश्रण एक तरल के रूप में आता है जिसे चम्मच से लिया जाता है, इसलिए यह उस व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जो चाहता है कि जलन उसी दिन शांत हो जाए।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसूतशेखर रस के लाभ: यह जलन वाले पेट में कैसे मदद करता है\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eछाती और पेट में जलन:\u003c\/strong\u003e इसी समस्या के लिए यह गोली खरीदी जाती है। शंख भस्म और स्वर्ण भस्म इसी पर काम करते हैं, और भोजन के बाद छाती की हड्डी के पीछे होने वाली जलन बिल्कुल वैसी ही है जिसके लिए यह बनाई गई है। यह रोज़ाना की \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअम्लता और सीने की जलन\u003c\/a\u003e की समस्या है जिसे शांत करने के लिए यह गोली बनाई गई है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eजी मिचलाना और उल्टी:\u003c\/strong\u003e भोजन ऊपर आ जाता है या ऐसा महसूस होता है। यह गोली दोनों में इस्तेमाल की जाती है, और यह उस खट्टे पानी को भी नियंत्रित करती है जो बार-बार मुँह में आता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपेट में दर्द:\u003c\/strong\u003e ऊपरी पेट में तेज़ दर्द जो खाली पेट होने पर बढ़ जाता है। यहाँ बेलगिरी काम करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eभूख न लगना और खाने के बाद भारीपन:\u003c\/strong\u003e सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली इस समस्या को संभालती हैं। पहले भूख वापस आती है। फिर खाने के बाद का भारीपन कम होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eदिन भर खट्टी डकारें आना: \u003c\/strong\u003eभोजन खत्म होने के घंटों बाद भी जो डकारें आती रहती हैं। यह गोली उन्हें शांत करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसूतशेखर रस की खुराक: कितनी और किसके साथ लेनी चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eएक से दो गोलियाँ, दिन में एक या दो बार। उपचार की योजना बनाते समय आपकी खुराक तय की जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे लेने के लिए तीन चीज़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगाय का दूध\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचीनी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगाय का घी\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eतीनों में से किसी एक को चुनें और पूरे कोर्स तक उसी का इस्तेमाल करें। समय भी तय कर लें। अम्लता धीरे-धीरे शांत होती है और एक-दो दिन छूट जाने से परिणाम और पीछे खिसक जाते हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eक्या यह सुरक्षित है? सूतशेखर रस के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eपहले हफ़्ते में कुछ छोटी समस्याएँ हो सकती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमुँह सूखना एक आम समस्या है, और यह इसके अंदर मौजूद धतूरे के बीज से होती है। कुछ लोगों को शरीर में थोड़ी गर्मी महसूस होती है। आमतौर पर बिना कुछ किए ही दोनों ठीक हो जाती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपनी मर्ज़ी से गोली न बढ़ाएँ। इस दवा में दो शक्तिशाली जड़ी-बूटियों के साथ शुद्ध पारा भी है, और यही कारण है कि छपी हुई खुराक इतनी कम रखी गई है। एक गोली से ज़्यादा दो गोलियाँ जलन को जल्दी ठंडा नहीं करेंगी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे चिकित्सकीय देखरेख में लें। एक योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही आपकी खुराक तय करे और यह तय करे कि कोर्स कितने हफ़्ते तक चलेगा। अगर मुँह सूखा रहे, या बीच में कुछ भी गलत लगे, तो इसे बंद कर दें और जाँच कराएँ।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसूतशेखर रस की सामग्री: प्रत्येक गोली में क्या है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक गोली इन चीज़ों से बनी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित पारा 3.676 मिलीग्राम (शुद्ध पारा)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित गंधक 3.676 मिलीग्राम (शुद्ध गंधक)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित सुहागा 3.676 मिलीग्राम (शुद्ध सुहागा)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-suvarna-svarna-bhasma-premium-quality-suvarnakalpa\"\u003eसुवर्ण (स्वर्ण) भस्म\u003c\/a\u003e 3.676 मिलीग्राम\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म 3.676 मिलीग्राम (शंख की भस्म)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतांबा भस्म 3.676 मिलीग्राम (तांबे की भस्म)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित वत्सनाभ 3.676 मिलीग्राम (बचनघ की जड़)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित धतूरे के बीज 3.676 मिलीग्राम (धतूरे के बीज)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतवाक 3.676 मिलीग्राम (दालचीनी)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइला सूक्ष्मा 3.676 मिलीग्राम (छोटी इलायची)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतवाकपत्र 3.676 मिलीग्राम (तेजपत्ता)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनागकेसर 3.676 मिलीग्राम (नागकेसर)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबिल्वा 3.676 मिलीग्राम (बेलगिरी)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुंठी 3.676 मिलीग्राम (सोंठ)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमरीच 3.676 मिलीग्राम (काली मिर्च)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपिप्पली 3.676 मिलीग्राम (पिप्पली)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकर्चूरा 3.676 मिलीग्राम (कचु)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eपूरे मिश्रण को ताज़े भृंगराज के रस में पीसा जाता है। टैबलेट को खराब होने से बचाने के लिए सोडियम बेंजोएट मिलाया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइन सत्रह चीज़ों को जोड़ें तो कुल 62.492 मिलीग्राम होता है। कार्टन पर तैयार गोली का वज़न नहीं छपा होता, इसलिए इस संख्या से ऊपर जो भी है, वह केवल गोली को आकार में बनाए रखने वाला सादा आधार है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरोज़ाना की अम्लता से परे सूतशेखर रस के उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइनमें से दो का अम्लता से कोई लेना-देना नहीं है, और ज़्यादातर खरीदार इन्हें अम्लता से कभी जोड़ते ही नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसिरदर्द और चक्कर आना पहले हैं। जब लंबे समय तक अम्ल का स्तर बढ़ा रहता है, तो आँखों के पीछे हल्का सिरदर्द होता है और खड़े होने पर सिर हल्का महसूस होता है। पैक में दोनों शामिल हैं, और इन्हें अलग समस्या मानने के बजाय एक ही समस्या के हिस्से के रूप में उपचारित किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहिचकी और खाँसी दूसरे हैं। पैक में ऐसी हिचकी शामिल है जो रुकती नहीं। साथ ही वह खाँसी भी है जो कुछ लोगों को रात में अम्ल ऊपर आने और गले में अटकने पर होती है, सूखी खाँसी जो लेटने के बाद शुरू होती है और जिसका सर्दी से कोई लेना-देना नहीं होता।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसूतशेखर रस सुवर्णकल्प की पैकेजिंग और निर्माण\u003c\/h2\u003e\n\n\u003cp\u003eकार्टन गहरा नीला है और उस पर सोने की एक पट्टी है। अंदर गोलियों की एक पट्टी और एक छोटी पुस्तिका है। गोलियाँ गोल और गहरे रंग की हैं, उन पर कोई रंग की परत नहीं है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे 135, नानुभाई देसाई रोड, खेतवाड़ी, मुंबई 400004 पर निर्माण लाइसेंस संख्या AYU-150 के तहत श्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dhootapapeshwar\"\u003eधूतपापेश्वर\u003c\/a\u003e लिमिटेड द्वारा बनाया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eएक पैक में कितनी गोलियाँ आती हैं?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइस पेज पर दो आकार बेचे जाते हैं। सूतशेखर रस की 30 गोलियों वाली पट्टी बड़ी है, और छोटे कार्टन में दस गोलियाँ हैं। दोनों के पीछे निर्माण और समाप्ति की तारीखें छपी होती हैं, इसलिए पैक मिलने पर एक बार उन्हें पढ़ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियाँ\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eसूतशेखर रस की गोली की पट्टी को उसके कार्टन में, ठंडी और सूखी जगह पर, धूप से दूर और बच्चों की पहुँच से बाहर रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तिका में दवा के साथ कुछ आदतों का पालन करने को कहा गया है, और इस समस्या में वे गोली जितनी ही मायने रखती हैं। तेज़ धूप से बचें। देर रात तक न जागें। प्राकृतिक इच्छाओं को न रोकें। हवादार कमरे में सोएँ और हल्के सूती कपड़े पहनें। एक भारी भोजन के बजाय छोटे-छोटे भोजन करें, और खाने के तुरंत बाद न लेटें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर सूतशेखर रस गोल्ड क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eअम्लता के कारण लोग जल्दी में खरीदारी करते हैं। रात में जलन शुरू होती है, अगली सुबह पास की किसी भी दुकान से कुछ उठा लिया जाता है, और कोई बॉक्स नहीं देखता। यही जल्दबाज़ी डुप्लीकेट पैक को बढ़ावा देती है, और यहाँ इसकी कीमत पैसे से ज़्यादा होती है। पेट वैसा ही रहता है और एक और महीना बीत जाता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e निर्माता की अपनी आपूर्ति से आने वाली चीज़ों के अलावा कुछ भी स्टॉक नहीं करता। चाहे आप सूतशेखर रस के 10 गोलियों वाले कार्टन से शुरू करें या बड़ी पट्टी लें, उस पर एक बैच नंबर और उसके बगल में एक कस्टमर केयर नंबर छपा होता है। वह बैच नंबर कंपनी को पढ़कर सुनाएँ और वे कॉल पर बताएँगे कि पैक उन्हीं का है या नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किन लोगों को धूतपापेश्वर सूतशेखर रस नहीं लेना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपुराना चावल, जौ और गेहूँ। मूंग दाल। चिकन या मीट का सूप। दिन भर गुनगुना पानी। चीनी और शहद। परवल और पेठा। अनार और आंवला।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eहर तरह का खट्टा भोजन। दही। तला हुआ भोजन। तिल और उड़द। कुलथी। बकरी का दूध। धनिया। नमकीन भोजन, भारी भोजन और शराब। ताज़ी फसल का अनाज भी इस सूची में शामिल है, इसलिए पुराना चावल और पुराना गेहूँ बेहतर विकल्प हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन्हें नहीं लेना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eगर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए नहीं है। किडनी या लिवर की गंभीर समस्या वाले किसी भी व्यक्ति को खनिज वाली दवाइयों से दूर रहना चाहिए। और अगर अल्सर या पेट की किसी अन्य समस्या का उपचार पहले से चल रहा है, तो वह उपचार ठीक वैसे ही जारी रहता है। इस गोली के लिए कुछ भी बंद नहीं किया जाता।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eहर भोजन के एक घंटे बाद शुरू होने वाली जलन। मुँह में खट्टा पानी आना। दिन भर डकारें आना। ऊपरी पेट में दर्द जो खाली पेट होने पर बढ़ जाता है। भोजन देखकर जी मिचलाना। बार-बार उल्टी होना। रात में सूखी खाँसी। हिचकी जो रुकती नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eइसके साथ ली जाने वाली दवाइयाँ\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eबैद्यनाथ शंख वटी\u003c\/strong\u003e तब चुनी जाती है जब दर्द मुख्य शिकायत हो, वह दर्द जो पेट को जकड़ लेता है और अंदर फंसी गैस के साथ आता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eहिमालय गासेक्स\u003c\/strong\u003e भोजन के बाद पेट फूलने और पेट भरा-भरा व तंग होने के लिए रोज़ाना इस्तेमाल की जाने वाली दवा है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eहिमालय शतावरी\u003c\/strong\u003e पेट की परत पर काम करती है, और इसका इस्तेमाल तब लंबे समय तक किया जाता है जब जलन सालों से बार-बार लौट रही हो।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-pishti\"\u003e\u003cstrong\u003eबैद्यनाथ प्रवाल पिष्ठी\u003c\/strong\u003e\u003c\/a\u003e मूंगे से बनी है और यह ठंडक देती है, इसलिए यह उस व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जिसे अम्लता के साथ शरीर में गर्मी महसूस होती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य काम अभी भी इसी गोली का है। ये चारों केवल उन कोनों को कवर करते हैं जहाँ तक यह नहीं पहुँचती।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबैद्यनाथ, डाबर, झंडू या धूतपापेश्वर, आपको कौन सा सूतशेखर रस खरीदना चाहिए?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eये चारों इस वेबसाइट पर हैं। हर पैक पर नाम लगभग एक जैसा है। अंदर की चीज़ें वैसी नहीं हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदो चीज़ें खरीदारों को पहले ही उलझा देती हैं। बैद्यनाथ सूतशेखर रस नंबर 1 छापता है, और वह नंबर कोई ग्रेड या ज़्यादा शक्तिशाली संस्करण नहीं है। यह वह तरीका है जिससे बाज़ार सोने वाले संस्करण को सादे संस्करण से अलग करता है। इसलिए बैद्यनाथ पैक पर नंबर 1, डाबर और झंडू पर विथ गोल्ड, और धूतपापेश्वर कार्टन पर सुवर्णकल्प, ये सभी एक ही बात कह रहे हैं। यहाँ चारों में स्वर्ण भस्म है। वर्तनी भी बदलती है, सूतशेखर, सूतशेखर, सूतशेखर। फिर भी एक ही दवा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसूतशेखर रस के उपयोग चारों में एक जैसे हैं। जो बदलता है वह गोली का आकार है, उसके अंदर की मात्राएँ हैं, और प्रत्येक कंपनी पैक पर क्या छापती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eज़्यादातर लोग जो गलती करते हैं वह बीच में कंपनी बदल देते हैं। प्रत्येक कंपनी अपनी मात्राएँ तय करती है, इसलिए जिस दिन पैक बदलता है, शरीर में जाने वाली मात्रा भी उसके साथ बदल जाती है। अगर कोर्स पहले ही शुरू हो चुका है, तो उसी कंपनी के साथ उसे पूरा करें। अगर अभी तक कुछ भी शुरू नहीं किया गया है, तो विकल्प पूरी तरह खुला है, इसलिए इसे अपनी समस्या के अनुसार चुनें।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-sootshekhar-ras-no-1-tablet\"\u003eबैद्यनाथ सूतशेखर रस नंबर 1\u003c\/a\u003e में चारों में सबसे भारी गोली 125 मिलीग्राम की है, जिसमें इसकी दस सामग्री 9.4 मिलीग्राम प्रत्येक हैं। इसमें शिकायतों की सबसे लंबी सूची है, और यह एकमात्र पैक है जो बच्चों के लिए खुराक छापता है, जो एक वयस्क द्वारा ली जाने वाली खुराक का एक चौथाई है। 10 और 25 गोलियों में बेचा जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-sutshekhar-ras-with-gold\/\"\u003eडाबर सूतशेखर रस\u003c\/a\u003e 100 मिलीग्राम की गोली है और यह एकमात्र है जो पेट में अल्सर और लंबे समय से चल रहे गैस्ट्राइटिस को छापता है। इसकी मात्रा तय और सरल है, सुबह एक गोली और रात में घी के साथ एक गोली। 10 और 30 गोलियों में बेचा जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/zandu-sutshekhar-rasa-with-gold-tablet\"\u003eझंडू सूतशेखर रस\u003c\/a\u003e धूतपापेश्वर पैक के सबसे करीब है, जिसमें वही सत्रह सामग्री उसी भृंगराज के रस में पीसी गई हैं। पैक पर कोई मात्रा नहीं छपी होती, इसलिए उस पर कुछ भी ऐसा नहीं है जो आपको बताए कि कितनी लेनी है। यहाँ 30 गोलियों में बेचा जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eधूतपापेश्वर सूतशेखर रस तीन चीज़ें छापता है जिसके साथ इसे लिया जा सकता है, गाय का दूध, चीनी या गाय का घी। यह उन लोगों की मदद करता है जो रोज़ घी नहीं ले सकते। 10 और 30 गोलियों में बेचा जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसलिए गोली के आकार, इस पर कि क्या अल्सर या पुराना गैस्ट्राइटिस आपकी समस्या का हिस्सा है, इसे कौन ले रहा है, और आप कितनी छोटी पैक से शुरू करना चाहते हैं, इस पर ध्यान दें।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 टैब","offer_id":52157361062189,"sku":"SDL-SSRG-10T","price":1334.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"30 टैब","offer_id":52157361094957,"sku":"SDL-SSR-30T","price":2365.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-sootashekhar-rasa-suvarnakalpa-box-by-BodyStop.png?v=1786020132"},{"product_id":"dhootapapeshwar-mouktik-mukta-pishti","title":"धूतपापेश्वर मोक्तिक (मुक्ता) पिष्टी 1 ग्राम | शरीर की गर्मी, एसिडिटी, तेज़ धड़कन और कमज़ोर हड्डियों के लिए","description":"\u003ch2\u003eमौक्तिक (मुक्ता) पिष्ठी क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमौक्तिक (मुक्ता) पिष्ठी मोती से बनी एक आयुर्वेदिक दवा है। यह एक बारीक सफेद पाउडर है। जब शरीर के अंदर बहुत अधिक गर्मी होती है, तब इसे दिया जाता है। इसके लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। भोजन के बाद पेट में जलन। खट्टी डकारें। गर्मियों में नाक से खून आना। रात में बार-बार टूटती नींद। मोती प्राकृतिक कैल्शियम है, इसलिए हड्डियों और दांतों को भी इसका लाभ मिलता है। इसे बड़े-बूढ़े और बच्चे दोनों ले सकते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती को साफ किया जाता है, फिर कई दिनों तक गुलाब जल से घिसा जाता है, जब तक कि पाउडर सुरमा जितना बारीक न हो जाए। इसे बनाने में कभी आग का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यही एक बात पिष्ठी को भस्म से अलग करती है। भस्म को जलाकर बनाया जाता है। पिष्ठी को केवल पीसा जाता है। पीसने से दवा ठंडी और सौम्य बनी रहती है, इसीलिए इसे छोटे बच्चों को भी दिया जा सकता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे खरीदने वाले अक्सर कुछ अन्य नामों को भी देखते हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-prawal-pishti\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल पिष्ठी\u003c\/a\u003e मोती के बजाय मूंगे से बनी है। यह भी शरीर को उसी तरह ठंडा करती है, लेकिन इसे मन के बजाय कमजोर हड्डियों और एसिडिटी के लिए अधिक चुना जाता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-sootshekhar-ras-no-1-tablet\"\u003eबैद्यनाथ सूतशेखर रस\u003c\/a\u003e उस व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जिसकी मुख्य समस्या एसिडिटी, जलन और हर भोजन के बाद खट्टी डकारें हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-brahmi-vati-suvarnayukta\"\u003eधूतपापेश्वर ब्राह्मी वटी सुवर्णयुक्त\u003c\/a\u003e उस खरीदार के लिए है जो मुख्य रूप से शांत मन और बेहतर नींद की तलाश में आया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमौक्तिक पिष्ठी के लाभ: यह शरीर को कैसे ठंडा करती है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त\u003c\/a\u003e की ऐसी गर्मी जो शांत न हो:\u003c\/strong\u003e यह इसका मुख्य कार्य है। मौसम अच्छा होने पर भी शरीर अंदर से गर्म महसूस होता है। हाथ गर्म रहते हैं। सिर में गर्मी महसूस होती है। कुछ लोगों को दिन भर छाती या पेट में जलन होती है।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी\u003c\/a\u003e और खट्टी डकारें:\u003c\/strong\u003e खाने के कुछ समय बाद भोजन खट्टा हो जाता है। छाती के पास जलन होती है, कभी-कभी मुंह में कड़वा स्वाद आता है। मोती का पाउडर क्षारीय होता है, इसलिए यह एसिड से लड़ने के बजाय उसे शांत करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eबेचैन छाती और धड़कन का महसूस होना:\u003c\/strong\u003e बिना किसी स्पष्ट कारण के छाती में बेचैनी होती है। इसके साथ आमतौर पर ऐसी धड़कन होती है, जो रात में लेटने पर साफ महसूस होने लगती है। दोनों धीरे-धीरे शांत होते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eबार-बार टूटती नींद:\u003c\/strong\u003e मन व्यस्त रहता है। आंखें बंद हो जाती हैं, लेकिन दिमाग शांत नहीं होता। यह दवा उस बेचैनी के पीछे की गर्मी पर काम करती है, जिससे कुछ हफ्तों में रातें अधिक स्थिर हो जाती हैं — यही स्थिर नींद का लक्ष्य हमारे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/sleep-support\"\u003eस्लीप सपोर्ट\u003c\/a\u003e रेंज के पीछे भी है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eगर्मी से होने वाली ब्लीडिंग:\u003c\/strong\u003e गर्मियों के महीनों में नाक से खून आना। मल के साथ खून आना। कुछ महिलाओं में भारी ब्लीडिंग। मोती का पाउडर इस तरह की ब्लीडिंग के लिए पुराने समय से इस्तेमाल होने वाले उपायों में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eकमजोर हड्डियां और कैल्शियम की कमी:\u003c\/strong\u003e मोती में मौजूद कैल्शियम पहले से ही बहुत बारीक होता है, इसलिए शरीर इसे आसानी से सोख लेता है। इसी कारण इसे बढ़ते बच्चों, चालीस के बाद की महिलाओं और कमजोर हड्डियों वाले किसी भी व्यक्ति को दिया जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eगर्मी से होने वाले मुहांसे और सुस्त चेहरा:\u003c\/strong\u003e गर्म महीनों में होने वाले मुहांसे, छोटे-छोटे फोड़े, थका हुआ दिखने वाला चेहरा। जैसे-जैसे अंदरूनी गर्मी कम होती है, चेहरा धीरे-धीरे साफ होने लगता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमौक्तिक पिष्ठी की खुराक: कितनी मात्रा और किसके साथ लें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम तक, दिन में दो बार। यह बहुत ही छोटी मात्रा है। आपकी खुराक का निर्धारण आपके उपचार की योजना बनाते समय किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे लेने के लिए तीन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eथोड़ी मिश्री के साथ मक्खन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदूध\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइनमें से किसी एक को चुनें और पूरे कोर्स के दौरान उसी का इस्तेमाल करें। समय भी निश्चित रखें। शरीर की गर्मी धीरे-धीरे कम होती है, और दिन छोड़ने से परिणाम और दूर हो जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eक्या यह सुरक्षित है? मौक्तिक पिष्ठी के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह एक सौम्य दवा है। अधिकांश लोग बिना किसी दुष्प्रभाव के पूरा कोर्स कर लेते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशुरुआती कुछ दिनों में पेट भारी महसूस हो सकता है। कभी-कभी एक बार दस्त लग सकते हैं। दोनों अपने आप ठीक हो जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआपके लिए निर्धारित मौक्तिक (मोती) पिष्ठी की खुराक का ही पालन करें। अतिरिक्त लेने से शरीर अधिक तेजी से ठंडा नहीं होता, और खाली पेट अधिक मात्रा लेने से ही आमतौर पर वह भारीपन होता है, जिसकी शिकायत लोग करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक बात का ध्यान रखना जरूरी है। यह पाउडर रक्तचाप को थोड़ा कम करता है। यदि आप पहले से ही रक्तचाप की दवा ले रहे हैं, तो इसे शुरू करने से पहले जांच करवाएं। इसे चिकित्सकीय देखरेख में लें। एक योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही आपकी खुराक तय करें और कोर्स की अवधि निर्धारित करें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमौक्तिक पिष्ठी के घटक: जार के अंदर क्या है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eपाउडर के प्रत्येक ग्राम में शामिल हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमौक्तिक (मुक्ता) पिष्ठी 1 ग्राम (गुलाब जल से घिसा हुआ बारीक मोती)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eयही पूरी सूची है। इसमें कोई फिलर, बाइंडर, चीनी या दूसरी दवा नहीं है। जार में एक ग्राम पाउडर का मतलब है एक ग्राम दवा, जो अधिकांश टैबलेट के साथ नहीं होता।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरोजमर्रा की गर्मी के अलावा मौक्तिक पिष्ठी के अन्य उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eचार और उपयोगों के बारे में जानना फायदेमंद है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपहला है जलन के साथ लंबे समय तक रहने वाला बुखार। दो दिन रहने और फिर जाने वाला बुखार नहीं, बल्कि वह जो हफ्तों तक बना रहे और शरीर को गर्म और कमजोर कर दे। इसे चल रहे किसी भी अन्य उपचार के साथ दिया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदूसरा है पेशाब करते समय जलन। गर्म महीनों में यह एक आम शिकायत है, और इसके साथ अक्सर पेशाब बहुत कम आता है और बहुत अधिक गर्मी महसूस होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतीसरा है आंखों की समस्या। शाम तक जलन होने वाली आंखें, दिन भर स्क्रीन पर काम करने के बाद थकी हुई महसूस होने वाली आंखें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआखिरी उपयोग गर्भवती महिलाओं के लिए है। कैल्शियम की कमी और गर्मी से ग्रस्त शरीर में इसकी कमी को पूरा करने के लिए इसे दिया जाता है, और खुराक के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह ली जाती है। यदि गर्मी के बजाय हड्डियों की मजबूती अधिक चिंता का विषय है, तो आमतौर पर \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-mukta-panchamrit-ras-tablet\"\u003eबैद्यनाथ मुक्ता पंचामृत रस\u003c\/a\u003e को चुना जाता है, क्योंकि इसमें मोती के साथ चार अन्य चीजें भी होती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमौक्तिक पिष्ठी की पैकेजिंग और निर्माण\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह एक छोटे सफेद प्लास्टिक जार में आता है, जिसमें घुमाने वाला ढक्कन और लेबल के चारों ओर बैंगनी पट्टियां होती हैं। अंदर का पाउडर सफेद और बहुत बारीक होता है, जिसमें पीसने के कारण गुलाब की हल्की महक बची रहती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे श्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dhootapapeshwar\"\u003eधूतपापेश्वर\u003c\/a\u003e लिमिटेड द्वारा 135, नानुभाई देसाई रोड, खेतवाड़ी, मुंबई 400004 में, निर्माण लाइसेंस संख्या AYU-150 के तहत बनाया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eजार में कितना पाउडर आता है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह मौक्तिक पिष्ठी 1 ग्राम जार की लिस्ट है। निर्माण और समाप्ति की तारीखें लेबल पर छपी होती हैं, इसलिए जार मिलने पर दोनों को एक बार पढ़ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले बरतने वाली सावधानियां\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eजार को धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। हर इस्तेमाल के बाद ढक्कन को कसकर बंद करें। हर बार साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें, क्योंकि नमी ही इस तरह के पाउडर को खराब करती है। इसे फ्रिज में न रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकुछ आदतें भी मदद करती हैं। दोपहर की धूप से बचें। एक साथ बहुत सारा पानी पीने के बजाय दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं। कोर्स के दौरान चाय और कॉफी कम करें। देर रात तक जागने से शरीर की गर्मी बढ़ती है, इसलिए एक निश्चित समय पर सोएं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर धूतपापेश्वर मुक्ता पिष्ठी क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमोती महंगा होता है। यही कारण है कि इस दवा की नकल की जाती है, क्योंकि चाक जैसा सफेद पाउडर लगभग मुफ्त होता है और जार में बिल्कुल एक जैसा दिखता है। कोई भी देखकर दोनों में अंतर नहीं बता सकता, और जब तक खरीदार को पता चलता है कि छह हफ्तों में कोई बदलाव नहीं आया, तब तक पैसे और छह हफ्ते दोनों ही चले जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e सिर्फ निर्माता की अपनी आपूर्ति से आने वाली चीजें ही रखता है। हर जार पर एक बैच नंबर होता है, जिसके बगल में कस्टमर केयर नंबर छपा होता है। कॉल पर वह बैच नंबर बताएं और कंपनी तुरंत बता देगी कि जार उनका है या नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eदूध, मक्खन और जौ। पुराना चावल। नारियल पानी और छाछ। आंवला, अनार और मीठे फल। गुलकंद। खाने में धनिया और सौंफ। आसानी से पचने वाला हल्का भोजन।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eमिर्च और तीखा मसाला। तला हुआ और तैलीय भोजन। बहुत खट्टी चीजें और खमीर वाली कोई भी चीज। बहुत अधिक चाय, कॉफी या शराब। भोजन छोड़ना, जिससे जलन किसी भी एक खाद्य पदार्थ की तुलना में अधिक तेजी से वापस आती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपहले से ही रक्तचाप की दवा ले रहे किसी भी व्यक्ति को पहले पूछना चाहिए। नवजात शिशु को इसे अपने मन से शुरू न करें। गंभीर किडनी या लिवर की समस्या वाले व्यक्ति को खनिज दवाओं से दूर रहना चाहिए। और जो भी उपचार पहले से चल रहा है, उसे बिल्कुल वैसे ही जारी रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eभोजन के एक घंटे बाद पेट में जलन। दिन भर खट्टी डकारें। छाती में बेचैनी। रात में तेज होने वाली धड़कन। सुबह दो बजे टूटती नींद। गर्मियों में नाक से खून आना। गर्मी में होने वाले मुहांसे। बढ़ते बच्चे में कमजोर हड्डियां।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eइसके साथ ली जाने वाली दवाएं\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eAVP गंधा तैलम कैप्सूल हड्डियों की कमजोरी के लिए हैं, और इन्हें तब चुना जाता है जब गर्मी के बजाय कमजोर हड्डियां या धीरे-धीरे भरने वाली हड्डी की दरार अधिक चिंता का विषय हो।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबैद्यनाथ गैसैन्तक वटी गैस और एसिडिटी के लिए एक साधारण टैबलेट है, जिसे वह व्यक्ति खरीदता है जिसकी मुख्य समस्या पेट है, और हर भोजन के बाद जलन और खट्टी डकारें आती हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/avp-manasamithra-vatakam-gulika-with-gold-tablet\"\u003eAVP मनसामिथ्रा वटकम\u003c\/a\u003e मन से जुड़ी समस्याओं के लिए है, उस मरीज के लिए जिसकी नींद और बेचैनी शरीर ठंडा होने के बाद भी शांत नहीं हुई हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य कार्य अभी भी इसी पाउडर का है। ये तीनों केवल उन कोनों तक पहुंचते हैं जहां यह नहीं पहुंच पाता।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबैद्यनाथ, डाबर या धूतपापेश्वर, आपको कौन सी मोती पिष्ठी खरीदनी चाहिए?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eये सभी इस वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, इसलिए ऑर्डर करने से पहले पूछना जायज है। अंदर की दवा तीनों में एक ही है। शुद्ध मोती का एक ग्राम, गुलाब जल के साथ पीसा गया, और कुछ भी नहीं। तो आप कैसे चुनें?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eक्या आपने पहले ही किसी कंपनी के जार से कोर्स शुरू कर दिया है? तो उसी के साथ इसे पूरा करें। बीच में ब्रांड बदलने से आप यह नहीं कह पाएंगे कि दवा काम कर रही थी या नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनया शुरू कर रहे हैं? तीनों में से कोई भी एक ही काम करता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-mukta-moti-pishti\"\u003eडाबर मुक्ता (मोती) पिष्ठी\u003c\/a\u003e और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-pishti-no-1\/\"\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी नंबर 1\u003c\/a\u003e दोनों एक ही 1 ग्राम आकार में आते हैं, और दोनों ही किफायती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्ठी नंबर 1\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-pishti-no-1\/\"\u003e\u003c\/a\u003e वह है जिसके बारे में लोग सबसे अधिक पूछते हैं। नंबर 1 एक ग्रेड है, बड़ा पैक नहीं। यह बैद्यनाथ की मोती पिष्ठी रेंज में सबसे बारीक गुणवत्ता वाली है और इसी कारण इसकी कीमत अधिक है। खुराक, लेने का तरीका और किसके साथ लेना है, इसमें कोई बदलाव नहीं होता। यदि आप शेल्फ पर सबसे अच्छी गुणवत्ता चाहते हैं और कीमत निर्णायक कारक नहीं है, तो वही है। रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए साधारण जार भी काम करते हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52016669655341,"sku":"SDL-MP-1G","price":420.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-mouktik-mukta-pishti-bottle-by-BodyStop.png?v=1786015491"},{"product_id":"zandu-sutshekhar-rasa-with-gold-tablet","title":"ज़ंडू सुतशेखर रस गोल्ड 30 टैबलेट - एसिडिटी, सीने की जलन, खट्टी डकार और खाने के बाद जलन के लिए","description":"\u003ch2\u003eसुतशेखर रस गोल्ड क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eज़ंडू सुतशेखर रस एसिडिटी और सीने की जलन के लिए एक पुरानी आयुर्वेदिक गोली है। यह जिस समस्या का समाधान करती है, वह सीधी-सादी है—जब पेट ज़रूरत से ज़्यादा एसिड बनाता है, तो वह एसिड छाती में जलन पैदा करता है, खट्टा पानी मुँह तक पहुँचाता है, और बुरे दिनों में उल्टी के रूप में बाहर आता है। आयुर्वेद में, इन सभी समस्याओं को बढ़ा हुआ पित्त माना जाता है। बहुत लंबे समय से इस समस्या के लिए इस गोली का उपयोग किया जाता रहा है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक गोली में सत्रह पदार्थ होते हैं। प्रत्येक का वज़न एक समान है: 3.82 मिलीग्राम। इनमें से कई केवल मसाले हैं। सूखी अदरक, काली मिर्च, लंबी मिर्च, दालचीनी, तेजपत्ता, इलायची, बेल का गूदा। बाकी खनिज हैं। उन्हें शुद्ध किया जाता है, फिर भस्म होने तक जलाया जाता है, और जब तक भस्म मुलायम न हो जाए, इस प्रक्रिया को कई बार दोहराया जाता है। फिर भृंगराज के रस में इन सभी को मिलाकर एक गीला पेस्ट बनाया जाता है, और उसी से गोलियाँ तैयार की जाती हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकुछ अन्य दवाएँ भी इसी समस्या में काम करती हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-sootshekhar-ras-no-1-tablet\"\u003eबैद्यनाथ सुतशेखर रस\u003c\/a\u003e एक ही दवा है, जिसे किसी दूसरी कंपनी ने बनाया है। कामदुधा रस एक साधारण ठंडी करने वाली गोली है, जिसे नई और हल्की जलन के लिए रखा गया है। अविपत्तिकर चूर्ण एक पाउडर है, और यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिन्हें एसिडिटी के साथ कब्ज़ की समस्या होती है। यह गोली उस एसिड की समस्या के लिए है, जो लंबे समय से बनी हुई है और बार-बार लौटती रहती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eज़ंडू सुतशेखर रस के लाभ: एसिडिटी बढ़ने पर यह कैसे मदद करता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eजलन शांत होती है:\u003c\/strong\u003e यह गोली एसिड के अतिरिक्त उत्पादन को उसके स्रोत पर ही कम करती है, और भोजन के बाद छाती व गले में होने वाली जलन धीरे-धीरे शांत होती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eखट्टी उल्टी रुकती है:\u003c\/strong\u003e जब एसिड खट्टे पानी के रूप में मुँह तक आता है या पूरी तरह उल्टी के रूप में बाहर निकलता है, तो यह गोली केवल उसे दबाने के बजाय उसके स्रोत पर ही उसे नियंत्रित करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपेट दर्द में आराम मिलता है:\u003c\/strong\u003e एसिडिटी के कारण पेट में होने वाला मरोड़ और ऐंठन का दर्द भी शांत होता है। यह हमारी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e श्रेणी में शामिल कई समस्याओं में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस की खुराक: इसे कैसे और कब लें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eज़ंडू सुतशेखर रस गोल्ड की 1 से 2 गोलियाँ दिन में दो बार शहद के साथ, या चिकित्सक के निर्देशानुसार लेनी चाहिए। शहद की चम्मच में गोली रखें, उसे मिलाएँ और निगल लें। शहद इसे आसानी से नीचे उतरने में मदद करता है, और मसालों की गर्मी को भी थोड़ा कम करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eनिर्धारित खुराक पर, अधिकांश पेट इस गोली को बिना किसी परेशानी के सहन कर लेते हैं। अतिरिक्त जलन नहीं होती; मल त्याग सामान्य रहता है। इसमें वत्सनाभ और धतूरे के बीज होते हैं। उपयोग से पहले दोनों को अच्छी तरह शुद्ध किया जाता है, और प्रत्येक गोली में इनकी बहुत ही कम मात्रा होती है, इसलिए सही खुराक में ये सुरक्षित रहते हैं। फिर भी, यह ऐसी गोली नहीं है जिसकी खुराक आप स्वयं बढ़ाएँ। इसे किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में लेना चाहिए। यदि कोर्स के बीच में जलन कम होने के बजाय बढ़ जाए, तो इसे बंद करें और चिकित्सक से परामर्श लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के घटक: पूरी सूची\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक गोली इन सत्रह पदार्थों से तैयार की जाती है, जिनमें से प्रत्येक 3.82 मिलीग्राम है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध पारा (शुद्ध किया गया पारा)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/zandu-suvarna-bhasma\"\u003eसुवर्ण भस्म\u003c\/a\u003e (सोने की भस्म)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध तंकण (सुहागा, शुद्ध किया हुआ)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध वत्सनाभ (एक मज़बूत जड़, उपयोग से पहले शुद्ध किया हुआ)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसुंठी (सूखी अदरक)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमरिच (काली मिर्च)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपिप्पली (लंबी मिर्च)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध धतूरे के बीज (उपयोग से पहले शुद्ध किए हुए)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशुद्ध गंधक (शुद्ध किया गया गंधक)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eताम्र भस्म (तांबे की भस्म)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eत्वक (दालचीनी, दालचीनी की छाल)\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eत्वकपत्र (तेजपत्ता)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसुखस्मैल (छोटी इलायची)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eनागकेसर\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eशंख भस्म (शंख की भस्म)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबिल्व (बेल का गूदा)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकरचूर (सफेद हल्दी)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eभृंगराज का रस वह तरल है जिसमें इन सभी को पीसकर मिलाया जाता है, और एक साधारण बाइंडिंग बेस प्रत्येक गोली का शेष हिस्सा बनाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eजलन के अलावा सुतशेखर रस के अन्य उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eहिचकी एक छोटी सी समस्या लगती है, जब तक कि वह रुकने से इनकार न कर दे। इसके पीछे का ऊपर की ओर दबाव वही है जो उल्टी के पीछे होता है, और यह गोली उसे शांत करती है। भोजन के बाद ढोल की तरह फूला हुआ और कड़ा पेट इसकी अगली समस्या है, जिसका यह समाधान करती है; भोजन बैठने के बजाय आगे बढ़ने लगता है। और जहाँ पाचन की गति धीमी हो गई है, और हर भोजन ज़रूरत से ज़्यादा भारी लगता है, यह पेट को उसकी गति वापस दिलाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस की पैकेजिंग और निर्माण कैसे किया जाता है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eगोलियाँ एक सुनहरे प्रिंटेड कार्टन के अंदर छोटी बोतल में रखी होती हैं। यह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे एमामी लिमिटेड द्वारा सर्वे नं. 61\/2P\/1, मसात, सिल्वासा, डी \u0026amp; एनएच और दमन \u0026amp; दीव (यू.टी.) 396 230 में, लाइसेंस संख्या DNH\/AYU\/10 के तहत निर्मित किया जाता है। बॉडीस्टॉप पर \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/zandu\"\u003eज़ंडू\u003c\/a\u003e श्रेणी में और देखें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eएक पैक में कितनी गोलियाँ आती हैं?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह लिस्टिंग ज़ंडू सुतशेखर रस 30 गोली का पैक है, जिस पर निर्माण और समाप्ति की तारीखें छपी होती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियाँ\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबोतल को कमरे के तापमान पर कसकर बंद रखें, सीधी धूप से दूर और बच्चों की पहुँच से बाहर रखें। नम हवा खनिज गोलियों के लिए हानिकारक होती है, इसलिए उन्हें अपनी बोतल में ही रखें, कभी भी पिल बॉक्स में खुला न छोड़ें। पहली खुराक से पहले सील और समाप्ति की तारीख की जाँच करें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर ज़ंडू सुतशेखर रस क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eएसिडिटी की दवाएँ बार-बार, महीने दर महीने खरीदी जाती हैं, और एक कॉपी किया गया पैक हर बार आपको धोखा देता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e निर्माता से आए उत्पादों के अलावा कुछ भी स्टॉक नहीं करता। अपने कार्टन पर बैच नंबर को उसके बगल में छपे कस्टमर केयर नंबर पर पढ़ें, और पुष्टि सीधे कंपनी से आती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपुराना चावल, मूंग दाल, लौकी, परवल और तोरी, कम तेल और कम मिर्च के साथ साधारण तरीके से पकाई हुई। ठंडा दूध, नारियल पानी और मीठे पके हुए फल इस कोर्स के लिए उपयुक्त हैं। समय पर भोजन उतना ही मायने रखता है जितना कि भोजन स्वयं; लंबे घंटों तक खाली पेट रहने से एसिड कम नहीं, बल्कि ज़्यादा बनता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएँ\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eलाल और हरी मिर्च, तला हुआ और तैलीय भोजन, अचार, खट्टी हर चीज़, और देर रात का भारी भोजन। चाय और कॉफी कम लें। शराब पूरी तरह बंद कर दें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इससे दूर रहना चाहिए। गंभीर किडनी या लिवर की समस्या वाले लोगों और छोटे बच्चों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकती है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eपेट से शुरू होकर भोजन के बाद ऊपर चढ़ने वाली जलन। अचानक मुँह में भर जाने वाला खट्टा पानी। भोजन के बाद पेट में दर्द से मुड़ जाने वाली समस्या। दिन भर बार-बार आने वाली हिचकी। और वह भारी, फूला हुआ एहसास जो हल्के भोजन को भी पत्थर की तरह पेट में बैठा देता है — ये सभी हमारी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e श्रेणी में शामिल हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"30 टैब","offer_id":52157360374061,"sku":"ZAN-SUT-30T","price":2700.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/zandu-sutshekhar-rasa-with-gold-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1784978000"},{"product_id":"dabur-swarna-bhasma","title":"डाबर स्वर्ण भस्म प्रीमियम क्वालिटी 125mg\/500mg","description":"\u003cp\u003eडाबर स्वर्ण भस्म एक प्राचीन आयुर्वेदिक मिश्रण है जो रसायन के रूप में कार्य करता है और इस प्रकार शरीर और मन को पुनर्जीवित करता है। इसे 24 कैरेट सोने से बनाया गया है, जिसे प्राचीन आयुर्वेदिक विधियों का उपयोग करके विशेष रूप से संसाधित किया जाता है। सभी उम्र के लोग स्वर्ण भस्म का सेवन कर सकते हैं। इसे रस तरंगिणी और पंचादश तरंग के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। इसे शास्त्रीय शोधन (शुद्धिकरण) और मारण (भस्म बनाने) की तकनीकों के अनुसार तैयार किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशास्त्रीय आयुर्वेद में इसे सर्वोच्च श्रेणी का रसायन माना गया है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयह बलकारक है, जो शारीरिक और मानसिक दोनों शक्तियों को बढ़ाकर ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्वर्ण भस्म स्मृति शक्ति और मस्तिष्क की कार्यक्षमता के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक औषधियों में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएक मेध्य रसायन (मस्तिष्क टॉनिक) के रूप में, यह बुद्धि, स्मरण शक्ति, एकाग्रता और समग्र संज्ञानात्मक कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जिससे यह छात्रों, बुजुर्गों और कमजोर याददाश्त वाले लोगों के लिए लाभकारी होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म के उपयोग:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eस्वर्ण भस्म का उपयोग पुरानी और तीव्र, दोनों प्रकार की बीमारियों में व्यापक रूप से किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eपुरानी खांसी, बुखार और सांस फूलना (जीर्ण ज्वर, खांसी, श्वास):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें जीर्ण ज्वर (बार-बार होने वाला बुखार), खांसी (पुरानी खांसी), श्वास (सांस लेने में कठिनाई) या अस्थमा है। स्वर्ण भस्म में मौजूद सोने के सूक्ष्म कण फेफड़ों में जाकर सूजन कम करने और फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह लंबे समय से चली आ रही सांस संबंधी समस्याओं में शरीर को बेहतर महसूस कराने में मदद करता है, विशेष रूप से उन पुरानी छाती की समस्याओं में, जिन्हें \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eखांसी और श्वसन संबंधी देखभाल\u003c\/a\u003e से राहत देने के लिए उपयोग किया जाता है। जब बुखार, तपेदिक (टीबी) में अन्य दवाएं अच्छी तरह काम न करें, तब स्वर्ण भसमा भी बहुत उपयोगी होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eस्मृति वृद्धि और तंत्रिका कमजोरी:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eडाबर स्वर्ण भस्म स्मृति और कमजोर तंत्रिकाओं में मदद करता है। यह मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को मजबूत बनाता है। एक मेध्य रसायन के रूप में, स्वर्ण भस्म उन नलिकाओं पर कार्य करता है जो पोषक तत्वों का संचार करती हैं, तंत्रिका ऊतकों को पोषण देती हैं और तंत्रिकाओं को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करती हैं—यह हमारी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eस्मृति और मस्तिष्क स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e श्रेणी के लिए केंद्रीय संज्ञानात्मक-सहायक भूमिका निभाता है। यह आपकी सोचने की क्षमता में सुधार करता है और तंत्रिकाओं को कंपन तथा तंत्रिका क्षति जैसी समस्याओं से उबरने में मदद करता है। यह मस्तिष्क स्वास्थ्य का समर्थन करता है और तंत्रिका कमजोरी में मदद करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहृदय स्वास्थ्य (हृदय रोग और एंजाइना):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर हृदय स्वास्थ्य के लिए वास्तव में प्रभावी है। स्वर्ण भस्म में सोने के सूक्ष्म कण \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/heart-care\"\u003eहृदय की देखभाल\u003c\/a\u003e के लिए अच्छे होते हैं। आयुर्वेद में लंबे समय से ज्ञात है कि सोने से गंभीर हृदय समस्याओं और हृदय को पर्याप्त रक्त न मिलने के कारण होने वाली क्षति को रोकने में मदद मिलती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eमिर्गी, लकवा और गंभीर तंत्रिका संबंधी विकार:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eइसका उपयोग हेमिप्लेजिया, पूर्ण लकवा, मिर्गी और अन्य गंभीर तंत्रिका संबंधी विकारों वाले रोगियों में किया जाता है। जब स्वर्ण भसमा का उपयोग ब्राह्मी की तैयारियों के साथ किया जाता है, तो यह तंत्रिकाओं की रक्षा करने में मदद करता है। स्वर्ण भस्म और ब्राह्मी की तैयारियों को साथ में उन्माद, मनोविकृति और स्मृति हानि जैसी स्थितियों वाले लोगों की मदद के लिए उपयोग किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eत्वचा रोग, सिफलिस और ऑटोइम्यून स्थितियां:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eस्वर्ण \u003cspan\u003eभसमा \u003c\/span\u003e \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/skin-disorders\"\u003eत्वचा रोगों\u003c\/a\u003e और सिफलिस के लिए वास्तव में बहुत अच्छा है, जिसे उपदंश के रूप में भी जाना जाता है। सोने की \u003cspan\u003eभस्म\u003c\/span\u003e सूजन कम करने और त्वचा को बेहतर दिखाने में मदद करती है। यह त्वचा की उन परतों को प्रभावित करने वाले त्वचा रोगों को ठीक करने में भी मदद करती है, जिन्हें चिकित्सा की दृष्टि से धातु कहा जाता है। स्वर्ण भस्म त्वचा रोगों और उपदंश या सिफलिस के लिए प्रभावी है। यह उन त्वचा स्थितियों में सहायक है जिनका इलाज करना कठिन होता है। सोने की भस्म के उपयोग से सूजन कम होती है। यह त्वचा की रंगत में सुधार करती है और धातु स्तर पर त्वचा रोगों को ठीक करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eसामान्य दुर्बलता, ऊतक क्षय और पुरानी बीमारी से उबरना:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eडाबर स्वर्ण भस्म उन लोगों में प्रभावी है जिन्हें धातु क्षय है। यह आपके शरीर के सभी ऊतकों के पुनर्निर्माण में मदद करता है। ये सात प्रकार के होते हैं। स्वर्ण भसमा आयुर्वेद की उन औषधियों में से एक है जो तपेदिक या लंबे समय तक एनीमिया जैसी बहुत गंभीर बीमारियों में मदद करती है। स्वर्ण भस्म आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों शक्तियों में सुधार करने में भी मदद करती है, और यह आपके ओजस—शरीर की जीवन शक्ति—को भी बढ़ाता है, जिसका उद्देश्य \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/post-illness-recovery\"\u003eबीमारी के बाद की रिकवरी\u003c\/a\u003e में शरीर का पुनर्निर्माण करना है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म की खुराक \/ उपयोग के निर्देश:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक खुराक:\u003c\/strong\u003e अनुशंसित खुराक 15 मिलीग्राम से 30 मिलीग्राम है, जिसे दिन में दो बार लेना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनुपान:\u003c\/strong\u003e चिकित्सक के निर्देशानुसार दूध, मलाई (क्रीम \/ मक्खन) और मिश्री के साथ लें। इसके अतिरिक्त, शहद और घी स्वर्ण भसमा के शास्त्रीय अनुपान हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eबच्चे (5–10 वर्ष):\u003c\/strong\u003e बाल रोग आयुर्वेदिक चिकित्सक के सख्त मार्गदर्शन में प्रतिदिन 10 मिलीग्राम। स्वर्ण भस्म का उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता और संज्ञानात्मक विकास के लिए बाल रसायन चिकित्सा (स्वर्ण बिंदु प्राशन) में किया जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर स्वर्ण भस्म आमतौर पर सख्त चिकित्सा निगरानी में अनुशंसित खुराक के साथ लेने पर सुरक्षित है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजब इसे उचित शोधन और मारण के साथ पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों के अनुसार तैयार और उपयोग किया जाता है, तो कोई दुष्प्रभाव दर्ज नहीं किए गए हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eहालांकि, निम्नलिखित सावधानियां लागू हो सकती हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक खुराक से \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त\u003c\/a\u003e से संबंधित लक्षण जैसे जलन, पेट की खराबी या त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतपेदिक के उच्च-ग्रेड बुखार के मामलों में, स्वर्ण भस्म का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि बैक्टीरिया के तेजी से नष्ट होने से विषैले पदार्थ निकल सकते हैं, जिससे बुखार अस्थायी रूप से बना रह सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eबिल्व (बेल) के फलों के साथ सेवन से बचें - इसे विरुद्ध आहार माना जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बिना सलाह स्वर्ण भस्म का सेवन नहीं करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउच्च सिस्टोलिक रक्तचाप वाले बुजुर्ग रोगियों में सख्त चिकित्सा निगरानी में उपयोग करें।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म के घटक (संरचना):\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eएकमात्र घटक 100% स्वर्ण भस्म है, जो शुद्ध सोने की भस्म है, जिसे एक कठोर शास्त्रीय प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया गया है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eस्वर्ण भस्म (100%)\u003c\/strong\u003e: एकमात्र, पूर्ण घटक, शुद्ध 24 कैरेट सोने की भस्म (राख), जो आयुर्वेद में सबसे बहुमूल्य खनिज रसायन है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रत्येक 125 मिलीग्राम पैक में शुद्ध स्वर्ण भस्म के 125 मिलीग्राम शामिल हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइसे मेध्य, त्रिदोष शामक और रसायन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eतैयारी की प्रक्रिया: शोधन और मारण:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 1\u003c\/strong\u003e - शोधन (शुद्धिकरण): शुद्ध 24 कैरेट सोने को लाल-गर्म किया जाता है और इसे पूरी तरह शुद्ध करने के लिए त्रिफला (आमलकी, बिभीतकी, हरितकी), तिल के तेल, गाय के ताक (छाछ), गोमूत्र और कुटला (घोड़ा चना) के काढ़े में बार-बार डुबोया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 2\u003c\/strong\u003e - मारण (भस्म बनाना): शुद्ध सोने को पीटकर पतली चादरों में बदला जाता है, औषधीय लेप (सल्फर-आधारित) लगाया जाता है, इसे चकरीका के रूप में सुखाया जाता है और मिट्टी के बर्तन (शराव सम्पुट) में रखा जाता है। नियंत्रित परिस्थितियों में कई चक्रों (पुट्स) - 100 या उससे अधिक - तक 500–700°C पर गर्म किया जाता है, जब तक कि सोना पूरी तरह से अत्यंत महीन, लाल-गुलाबी रंग की भस्म में परिवर्तित न हो जाए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 3\u003c\/strong\u003e - गुणवत्ता परीक्षण (भस्म परीक्षा): भस्म का परीक्षण शास्त्रीय गुणवत्ता परीक्षणों वरीतरा (पानी पर तैरना), रेखापूर्ण (त्वचा की रेखाओं को भरना), निश्चंद्र (चमक रहित) द्वारा किया जाता है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि यह चिकित्सीय उपयोग के लिए शास्त्रीय मानक को पूरा करता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eस्वर्ण भस्म के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर स्वर्ण भस्म उल्लेखनीय रूप से व्यापक श्रेणी की स्थितियों में लाभ प्रदान करता है और निम्नलिखित के लिए संकेत दिया गया है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eजीर्ण ज्वर: पुरानी \/ बार-बार होने वाला बुखार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eखांसी: पुरानी खांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वास: सांस फूलना, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/asthma-care\"\u003eअस्थमा\u003c\/a\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपक्षघात \/ एकंगवात: हेमिप्लेजिया और पूर्ण लकवा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअपस्मार: मिर्गी और दौरे\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहृदय रोग: हृदय रोग और एंजाइना पेक्टोरिस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रदर \/ उपदंश: सिफलिस और संबंधित विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकुष्ठ: त्वचा रोग और ऑटोइम्यून त्वचा की स्थितियां\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउन्माद \/ मानस रोग: उन्माद, मनोविकृति और मानसिक विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eधातु क्षय: ऊतक क्षय और तपेदिक दुर्बलता\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएनीमिया \/ कुअवशोषण सिंड्रोम: पाचन और रक्त संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रमेह: मधुमेह और मूत्र संबंधी रोग\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eराज्याक्ष्मा: तपेदिक और क्षय रोग\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरूप \u003c\/strong\u003e: पाउडर \/ भस्म (अत्यंत महीन भस्म)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eघटक:\u003c\/strong\u003e प्रत्येक 125 मिलीग्राम में स्वर्ण भस्म 125 मिलीग्राम (शुद्ध सोने की भस्म) शामिल है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपैक आकार\u003c\/strong\u003e: 125 मिलीग्राम और 500 मिलीग्राम में उपलब्ध है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरंग\u003c\/strong\u003e: महीन, लाल-गुलाबी या हल्का-पीला पाउडर।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eआज की दुनिया में पुरानी बीमारी, तनाव, मानसिक थकान, रोग प्रतिरोधक कमजोरी और तंत्रिका दुर्बलता तेजी से प्रचलित हो रही है। डाबर स्वर्ण भस्म प्रीमियम क्वालिटी को शास्त्रीय शोधन और मारण के माध्यम से शुद्ध 24 कैरेट सोने से तैयार किया गया है। एक बलकारक, मेध्य, त्रिदोष शामक और रसायन के रूप में, यह शारीरिक और मानसिक शक्ति बनाता है, पुरानी और जटिल बीमारियों को दूर करता है, और ओजस को बहाल करता है। जब इसे सही खुराक (दिन में दो बार 15–30 मिलीग्राम) में दूध, मक्खन और चीनी के साथ चिकित्सा निगरानी में लिया जाता है, तो यह संपूर्ण आयुर्वेदिक मिश्रण में सबसे शक्तिशाली और सुरक्षित रसायनों में से एक के रूप में खड़ा होता है, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e के माध्यम से सीलबंद, बैच-ट्रैक किए गए पैक में उपलब्ध है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं (पथ्य):\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eदूध, मलाई, घी (मक्खन\/क्रीम) जैसी शुद्ध डेयरी वस्तुओं के साथ-साथ चावल या गेहूं लेना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eये शास्त्रीय वात-शामक, रसायन-सहायक खाद्य पदार्थ हैं जो स्वर्ण भस्म के अवशोषण और चिकित्सीय क्रिया को बढ़ाते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइसके अतिरिक्त, आसानी से पचने वाला (लघु आहार), पौष्टिक और सात्विक भोजन; बादाम, अखरोट, हल्का सूप, और मौसमी फल भी अनुशंसित हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं (अपथ्य):\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eखट्टे पदार्थ, मसालेदार\/मिर्च वाले भोजन और अनियमित आहार व नींद की आदतों से बचें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइसके अतिरिक्त, शराब, तंबाकू, प्रोसेस्ड भोजन, बिल्व (बेल) का फल (शास्त्रीय निषेध), भारी और असंगत (विरुद्ध) खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको औद्योगिक परिसर\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"125 मिलीग्राम","offer_id":52031406473517,"sku":"DB-SB","price":3105.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"500 मिलीग्राम","offer_id":52031406506285,"sku":"DB-SB","price":9919.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-swarna-bhasma-125mg-500mg-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1788268012"},{"product_id":"dabur-sutshekhar-ras-with-gold","title":"डाबर सुत्शेखर रस गोल्ड - अत्यधिक अम्लता और अल्सर के लिए","description":"\u003cp\u003eडाबर सुतशेखर रस गोल्ड एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है, जिसे योग रत्नाकर और अम्लपित्त चिकित्सा के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। यह शास्त्रीय आयुर्वेदिक अध्याय है जो विशेष रूप से एसिड से संबंधित आंत विकारों से संबंधित है। सुतशेखर रस की प्रत्येक 100 मिलीग्राम टैबलेट में कज्जली, स्वर्ण भस्म, शुद्ध तंकण, मरीच, पिप्पली, शंख भस्म, बिल्व और अन्य शास्त्रीय सामग्रियों का बारीक मिश्रण होता है। यह फॉर्मूलेशन हाइपरएसिडिटी, पेप्टिक अल्सर और क्रोनिक गैस्ट्राइटिस के लिए उपयोगी है। \u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के उपयोग और मुख्य लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eसुतशेखर रस सूजन, अल्सर, पाचन संबंधी असंतुलन जैसे आंत विकारों की एक विस्तृत श्रृंखला में लाभ प्रदान करता है। सुतशेखर रस के उपयोग का विस्तृत विवरण यहाँ दिया गया है:\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहाइपरएसिडिटी:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eआयुर्वेद में, अम्लपित्त, जिसे हाइपरएसिडिटी के रूप में भी जाना जाता है, तब होता है जब पेट में बहुत अधिक पित्त होता है। सुतशेखर रस एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग लोग हाइपरएसिडिटी के इलाज के लिए करते हैं। इस फॉर्मूलेशन में शुद्ध तंकण, शंख भस्म और मरीच जैसी सामग्रियां पेट द्वारा उत्पादित अतिरिक्त एसिड को बेअसर करने और जलन की अनुभूति को कम करने का काम करती हैं, जिससे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e में राहत मिलती है, जिसके लिए शास्त्रीय रूप से इस फॉर्मूलेशन का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार, समय के साथ सामान्य गैस्ट्रिक पीएच बहाल होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eपेप्टिक अल्सर:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eसुतशेखर रस गोल्ड पेप्टिक अल्सर के प्रबंधन के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें बिल्व, नागकेसर और स्वर्ण भस्म जैसी सामग्रियां शामिल हैं, जो सूजे हुए पेट की परत को शांत करने में मदद करती हैं। यह अल्सर को कम करने और अंदर से श्लेष्मा (म्यूकोसा) को ठीक करने में भी मदद करता है। इसका उपयोग पेप्टिक अल्सर के इलाज में बहुत अधिक किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्रोनिक गैस्ट्राइटिस:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eक्रोनिक गैस्ट्राइटिस एक अन्य प्रमुख संकेत है। पेट की इस दीर्घकालिक सूजन में सुतशेखर रस टैबलेट का उपयोग किया जाता है। यह गैस्ट्रिक सूजन को कम करने और समग्र पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। त्वक, इला और त्वकपत्र जैसी सामग्रियों में सूजनरोधी गुण होते हैं। \u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eइरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eआयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका उपयोग अक्सर इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) के प्रबंधन में किया जाता है। सुतशेखर रस का फॉर्मूलेशन \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त\u003c\/a\u003e और अपान \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/vata-dosha-balance\"\u003eवात\u003c\/a\u003e को संतुलित करने में मदद करता है। यह पेट फूलने, अनियमित मल त्याग की आदतों और आईबीएस के अन्य लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eपाचन अग्नि में सुधार:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eसुतशेखर रस सदा (गैर-गोल्ड संस्करण) और गोल्ड-समृद्ध संस्करण दोनों ही पाचन अग्नि को बहाल करने का काम करते हैं। लेकिन \u003cspan\u003eसदा गैर-गोल्ड संस्करण है, जो कम शक्तिशाली है।\u003c\/span\u003e पिप्पली (Piper longum) और मरीच (Piper nigrum) जैसी सामग्रियां अन्य सामग्रियों को उनके गुणों को बढ़ाने और पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करने में मदद करती हैं। इस प्रकार, यह सुतशेखर रस को समग्र \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e में सुधार करने में अद्भुत बनाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस की खुराक \/ उपयोग के निर्देश:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eसुतशेखर रस की मानक अनुशंसित खुराक 1 टैबलेट (100 मिलीग्राम) है, जिसे सुबह और शाम घी के साथ लेना सबसे अच्छा है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eजब आप सही खुराक में, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में सुतशेखर रस लेते हैं, तो इसके दुष्प्रभाव बहुत कम होते हैं। सुतशेखर रस की सामग्रियों में शुद्ध वत्सनाभ और शुद्ध धतूरा शामिल हैं, जो अत्यधिक शक्तिशाली हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से बात करनी चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eएंटासिड या प्रोटॉन पंप इनहिबिटर लेने वाले रोगियों को सुतशेखर रस लेने से पहले अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस की सामग्रियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eनिम्नलिखित \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e सुतशेखर रस की सामग्रियां प्रत्येक 100 मिलीग्राम टैबलेट में होती हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eकज्जली\u003c\/strong\u003e (11.76 मिलीग्राम) : रसायन, संक्रमणरोधी।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-swarna-bhasma\"\u003e\u003cstrong\u003eस्वर्ण भस्म\u003c\/strong\u003e\u003c\/a\u003e (सोने की भस्म) : तंत्रिका टॉनिक, रसायन।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध तंकण\u003c\/strong\u003e (शुद्ध बोरेक्स) : पेट से एसिड को कम करने में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध वत्सनाभ\u003c\/strong\u003e (Aconitum balfourii) : यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुंठी\u003c\/strong\u003e (Zingiber officinale) : तेज भूख बढ़ाने वाला और मतली को रोकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमरीच\u003c\/strong\u003e (Piper nigrum) : यह पाचन अग्नि को बढ़ाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपिप्पली\u003c\/strong\u003e (Piper longum) : यह बेहतर पाचन में मदद करता है और बेहतर श्वसन प्रदान करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध धतूरा\u003c\/strong\u003e (Datura metal) : यह मांसपेशियों की ऐंठन को कम करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eताम्र भस्म\u003c\/strong\u003e (तांबे की भस्म) : यह पाचन और यकृत के कार्यों का समर्थन करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eनागकेसर\u003c\/strong\u003e (Mesua ferrea) : यह गैस्ट्रिक श्लेष्मा को शांत करता है और सूजन को भी कम करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eत्वक\u003c\/strong\u003e (Cinnamomum zeylanicum) : सुगंधित और एसिडिटी में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eइला\u003c\/strong\u003e (Ellettaria cardamomum) : ठंडक प्रदान करता है, मतली और जलन की अनुभूति को रोकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eत्वकपत्र\u003c\/strong\u003e (Cinnamomum tamala) : यह पाचन के लिए अच्छा है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशंख भस्म\u003c\/strong\u003e (शंख की भस्म) : यह पेट में एसिड उत्पादन को कम करके एंटासिड के रूप में कार्य करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eबिल्व\u003c\/strong\u003e (Aegle marmelos) : सर्वोत्तम पाचन टॉनिक के रूप में कार्य करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eकरचुड़ा\u003c\/strong\u003e (Curcuma zedoaria) : यह बेहतर पाचन में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुतशेखर रस के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eहाइपरएसिडिटी और गैस्ट्राइटिस (अम्लपित्त)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपित्त से संबंधित सिरदर्द।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eपाचन संबंधी परेशानी।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वसन स्वास्थ्य।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eउत्पाद का रूप:\u003c\/strong\u003e टैबलेट\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसंदर्भ पाठ:\u003c\/strong\u003e योग रत्नाकर \/ अम्लपित्त चिकित्सा।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक पैक:\u003c\/strong\u003e 10 और 30 टैबलेट\u003cspan\u003e प्रति बोतल।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी और सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eहमेशा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में सेवन करें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो डॉक्टर से बात किए बिना इसे न लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयदि आप दवाएं ले रहे हैं तो इस दवा को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को बताना आवश्यक है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eउचित बैच ट्रैकिंग वाली प्रामाणिक, सीलबंद आयुर्वेदिक दवाओं के लिए सीधे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e से खरीदारी करें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमूंग (हरी ग्राम) पित्त दोष को संतुलित करने के लिए सर्वोत्तम अनाजों में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला (भारतीय आंवला) पित्त को शांत करने वाले सर्वोत्तम प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकरेला (कड़वा करेला) एक कड़वा स्वाद है जो प्राकृतिक रूप से पित्त को कम करता है। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसुतशेखर रस के सेवन के दौरान गेहूं, चीनी और सत्तू (भुने हुए चने का आटा) का सेवन भी किया जा सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eउड़द (काली ग्राम) - भारी और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/kapha-dosha-balance\"\u003eकफ\u003c\/a\u003e और पित्त को बिगाड़ता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकुलथी (घोड़े की ग्राम) - प्रकृति में गर्म और एसिडिटी को बिगाड़ता है। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचावल - केवल तभी अनुमत है जब पेट सक्रिय न हो।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eजौ - कुछ लोगों में लक्षणों को बिगाड़ता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदही - खट्टा और पित्त तथा हाइपरएसिडिटी को बिगाड़ता है। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eतैलीय तले हुए खाद्य पदार्थ - पित्त को बिगाड़ते हैं और पेट के उपचार को धीमा करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eडाबर इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003e\u003c\/strong\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003cstrong\u003e\u003c\/strong\u003e\u003cstrong\u003e\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"10 टैब","offer_id":52157359358253,"sku":"DB-SSR","price":1144.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"30 टैब","offer_id":52157359391021,"sku":"DB-SSR","price":2674.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-sutshekhar-ras-gold-10-and-20-tablets-bottle-and-box-BodyStop.png?v=1788257487"},{"product_id":"dabur-praval-panchamrit-ras-with-moti","title":"मोती के साथ डाबर प्रवालपञ्चामृत रस - पाचन, हड्डियों और हृदय स्वास्थ्य के लिए","description":"\u003cp\u003eडाबर प्रावलपंचामृत रस (मोती के साथ) सबसे भरोसेमंद और शास्त्रीय आयुर्वेदिक योगों में से एक है, जिसका उपयोग लंबे समय से पाचन स्वास्थ्य, कैल्शियम की कमी, पित्त संतुलन और हृदय स्वास्थ्य के लिए किया जाता रहा है। इसे सदियों से सबसे बेहतरीन आयुर्वेदिक रस रसायन दवाओं में से एक माना जाता है। आयुर्वेद में पाचन, श्वसन और हड्डियों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाता है। यह दवा एक उत्कृष्ट बहुखनिज टॉनिक है; मोती के साथ प्रावल पंचामृत रस पाँच शक्तिशाली समुद्री-खनिज भस्मों से समृद्ध है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रावलपंचामृत रस योग रत्नाकर \/ गुलमा चिकित्सा के अंतर्गत वर्गीकृत है और इसका उल्लेख भैषज्य रत्नावली (गुलमा रोगधिकार 139–143) में भी किया गया है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइस योग में पाँच शक्तिशाली पंच (पाँच) + अमृत (अमृत) खनिज भस्म शामिल हैं, जो पाचन, श्वसन और हृदय-संवहनी प्रणालियों के लिए अमृत के समान कार्य करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयह कैल्शियम का प्राकृतिक स्रोत है। इसमें समुद्र से प्राप्त पाँच प्रकार के खनिज हैं, जो आपकी हड्डियों, दांतों और समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। इन खनिजों में कैल्शियम होता है, जिसका उपयोग आपका शरीर आसानी से कर सकता है और जो हड्डियों के घनत्व तथा दांतों की मजबूती में मदद करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस के उपयोग:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइसका उपयोग पाचन, श्वसन, हृदय, मूत्र और हड्डियों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जाता है। प्रावलपंचामृत के विस्तृत उपयोग यहाँ दिए गए हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eपाचन संबंधी विकार - पेट फूलना, अपच और भूख न लगना (गुलमा रोग): \u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eडाबर प्रावलपंचामृत रस को गुलमा रोग (पेट फूलने और पेट में गांठों सहित पाचन संबंधी विकारों) के लिए सबसे बेहतरीन शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवाओं में से एक माना जाता है। इसके प्रमुख खनिज भस्म आंत में विकृत पित्त और वात को ठीक करने में उत्कृष्ट रूप से कार्य करते हैं। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें अपच, भूख न लगना, पेट फूलना, आईबीएस (IBS) और कुअवशोषण सिंड्रोम है — ये रोज़मर्रा की आंत संबंधी शिकायतें हैं, जिन्हें कम करने के लिए हमारे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e संबंधी उत्पादों को चुना गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eअम्लता, गैस्ट्राइटिस और जीईआरडी (GERD):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावलपंचामृत एक ऐसी दवा है जो अत्यधिक अम्लता और गैस्ट्राइटिस में मदद करती है। आयुर्वेद के अनुसार, अत्यधिक अम्लता और सीने की जलन पित्त दोष के असंतुलन के कारण होती है। इसमें \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/products\/baidyanath-prawal-bhasma\"\u003eप्रावल भस्म\u003c\/a\u003e और शंख भस्म जैसे खनिज शामिल हैं। ये खनिज पेट की अम्लता को नियंत्रित करने और जीईआरडी, सीने की जलन, गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर तथा पेट में जलन से राहत दिलाने में मदद करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eदस्त, पेचिश और कुअवशोषण सिंड्रोम:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावलपंचामृत रस एक शाकाहारी-खनिज योग है, जो तीव्र और पुराना दस्त दोनों के प्रबंधन में उपयोगी है। कपर्द भस्म और शुकती भस्म भोजन को अवशोषित कर आंत को ठीक से कार्य करने में मदद करते हैं। कपर्द भस्म और शुकती भस्म शरीर को भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी सहायता करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहृदय संबंधी विकार और कमजोरी (हृदय रोग):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावल पंचामृत रस हृदय स्वास्थ्य को सहारा देने और हृदय संबंधी कष्ट को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। मुक्ता भस्म (मोती) और प्रावल भस्म (मूंगा) उत्कृष्ट हृदय टॉनिक के रूप में कार्य करते हैं। ये धड़कन बढ़ने को कम करने, हृदय की मांसपेशियों की ताकत बहाल करने और तनाव से संबंधित हृदय संबंधी लक्षणों को शांत करने में मदद करते हैं। इस प्रकार, यह समग्र हृदय स्वास्थ्य के लिए एक अद्भुत रसायन योग के रूप में कार्य करता है, यही कारण है कि इसका उल्लेख अक्सर \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/heart-care\"\u003eहृदय देखभाल\u003c\/a\u003e के अन्य विकल्पों के साथ किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eखांसी, अस्थमा और श्वसन संबंधी विकार:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावल पंचामृत श्वसन संबंधी समस्याओं, विशेष रूप से कफ-वात असंतुलन से जुड़ी पुरानी खांसी और अस्थमा में लाभ पहुँचाता है। खनिज भस्म अतिरिक्त बलगम को कम करते हैं, फेफड़ों को मजबूत करते हैं और सामान्य श्वसन कार्य को बहाल करते हैं। निमोनिया, पुरानी खांसी और श्वसन संबंधी कमजोरी से संबंधित शिकायतों वाले रोगियों के लिए यह कई तरह से फायदेमंद है, जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/cough-respiratory-care\"\u003eखांसी और श्वसन देखभाल\u003c\/a\u003e के अंतर्गत अधिक व्यापक रूप से शामिल हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहड्डियों की मजबूती, कैल्शियम की कमी:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावलपंचामृत रस आयुर्वेद में सबसे बेहतरीन प्राकृतिक कैल्शियम सप्लीमेंट्स में से एक है। इसके पाँच समुद्री-खनिज भस्म अत्यधिक जैव-उपलब्ध कैल्शियम प्रदान करते हैं, जो हड्डियों, दांतों और जोड़ों को मजबूत बनाते हैं — यही वह सहायता है जो हमारे \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eजोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e संग्रह में शामिल हर उत्पाद के पीछे है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eमूत्र संबंधी विकार:\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eप्रावलपंचामृत रस मूत्र को क्षारीय बनाने और मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई), मूत्र calculi तथा गुर्दे से संबंधित विकारों के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है। यह \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/urinary-health\"\u003eमूत्र स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e के अंतर्गत पाए जाने वाले व्यापक यूटीआई और गुर्दे की देखभाल संबंधी विषयों के साथ-साथ मधुमेह प्रबंधन में भी सहायक रूप से उपयोगी है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस की खुराक \/ सेवन विधि:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक खुराक\u003c\/strong\u003e: डाबर प्रावलपंचामृत रस की सामान्य खुराक दिन में एक या दो बार 1 से 2 गोली (250 मिलीग्राम – 500 मिलीग्राम) भोजन से पहले या बाद में है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनुपान (वाहन)\u003c\/strong\u003e: इसे शहद और घी या गर्म दूध के साथ लेना सबसे अच्छा है ताकि आपका शरीर इसे बेहतर ढंग से अवशोषित कर सके। प्रावलपंचामृत इन अनुपान के साथ या चिकित्सक के निर्देशानुसार लेने पर सर्वाधिक लाभ देता है।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eचिकित्सकीय देखरेख में अनुशंसित खुराक के अनुसार लेने पर यह आमतौर पर सुरक्षित है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eचूंकि इस योग में भारी-धातु खनिज भस्म शामिल हैं, इसलिए इसका अधिक सेवन सख्ती से टाला जाना चाहिए क्योंकि इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइस दवा में भारी धातुएं शामिल हैं। इसलिए, मधुमेह, उच्च रक्तचाप (एचटीएन) और पुरानी गुर्दे की बीमारी (सीकेडी) वाले रोगियों में इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस के घटक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रत्येक प्रावल पंचामृत रस गोली पाँच शक्तिशाली समुद्री-खनिज भस्मों से निर्मित पाँच अमृत का योग है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e योग में मोती (मोती \/ मुक्ता पिष्टि) से अतिरिक्त रूप से समृद्ध है।\u003cspan style=\"font-size: 0.875rem;\"\u003e\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eसभी घटकों को अर्का क्षीर (कैलोट्रोपिस प्रोसेरा का लेटेक्स) से संसाधित किया जाता है:\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eप्रावल भस्म:\u003c\/strong\u003e मूंगा भस्म, जो मुख्य और सबसे बड़ा घटक है, प्राकृतिक कैल्शियम, मैग्नीशियम और सूक्ष्म खनिजों से भरपूर है। यह एक शक्तिशाली पित्त शामक, अम्ल-नाशक, सूजन-नाशक और हृदय टॉनिक के रूप में कार्य करता है। यह हड्डियों के खनिजीकरण में भी सहायता करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमुक्ता भस्म:\u003c\/strong\u003e मोती की भस्म एक प्राकृतिक कैल्शियम सप्लीमेंट है। यह अम्लता, गैस्ट्राइटिस और पेट दर्द से राहत देती है। उत्कृष्ट हृदय टॉनिक। इम्यूनोमॉड्यूलेटर और रसायन।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशंख भस्म:\u003c\/strong\u003e शंख भस्म पेट की समस्याओं के लिए वास्तव में प्रभावी है। यह गैस्ट्राइटिस, अत्यधिक अम्लता और कुअवशोषण सिंड्रोम के लिए अच्छा है। शंख भस्म अग्नि, जिसे अग्नि भी कहा जाता है, को संतुलित करने में मदद करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशुकती भस्म:\u003c\/strong\u003e मोती सीप भस्म का उपयोग पेप्टिक अल्सर, उल्टी, अत्यधिक अम्लता, अपच, गैस्ट्राइटिस और पेट दर्द में किया जाता है। यह सूजन-नाशक और शीतल है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकपर्द भस्म:\u003c\/strong\u003e कौड़ी भस्म पाचन संबंधी विकार, दस्त, स्प्रू और पेट फूलने में उपयोगी है। यह आंत के सामान्य कार्य और खनिज संतुलन को बहाल करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-mukta-moti-pishti\"\u003eमोती पिष्टि\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e डाबर 'विथ मोती' संस्करण में शुद्ध मोती पिष्टि मिलाई गई है। यह शीतल, शांत करने वाली और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी है। यह हृदय स्वास्थ्य, मानसिक शांति, त्वचा स्वास्थ्य और हड्डियों के घनत्व को भी सहारा देती है। यह योग के समग्र रसायन कार्य को बढ़ाती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eअर्क क्षीर मदर दुग्ध:\u003c\/strong\u003e कैलोट्रोपिस प्रोसेरा के लेटेक्स का उपयोग प्रसंस्करण माध्यम (भावना द्रव्य) के रूप में किया जाता है। यह सभी पाँच भस्मों की जैव-उपलब्धता, गहरे ऊतकों में प्रवेश और चिकित्सीय क्षमता को बढ़ाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eप्रावलपंचामृत रस के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रावलपंचामृत रस विभिन्न स्थितियों में लाभ पहुँचाता है और निम्नलिखित विकारों में उपयोगी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eगुलमा: पेट में गांठें, पेट फूलना और पेट का फूलना\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअम्लापित्त: अत्यधिक अम्लता, जीईआरडी, सीने की जलन और एंट्रल गैस्ट्राइटिस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअग्निमांद्य: अपच, कमजोर पाचन अग्नि और भूख न लगना\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअतिसार: तीव्र और पुराना दस्त तथा पेचिश\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eग्रहणी: आईबीएस, कुअवशोषण सिंड्रोम और स्प्रू\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकास: पुरानी और तीव्र खांसी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eश्वास: अस्थमा और श्वसन संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहृदय रोग: हृदय की कमजोरी, धड़कन बढ़ना और हृदय संबंधी कष्ट\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअस्थि क्षय: हड्डियों की कमजोरी और कैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्रमेह: मूत्र संबंधी विकार और मधुमेह (सहायक रूप में)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमूत्रकृच्छा: मूत्र मार्ग संक्रमण और मूत्र calculi\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eप्लीहा रोग: प्लीहा और यकृत संबंधी विकार\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरूप:\u003c\/strong\u003e गोली (रस \/ रसायन योग), शास्त्रीय शाकाहारी-खनिज योग।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसंदर्भ ग्रंथ:\u003c\/strong\u003e योग रत्नाकर \/ गुलमा चिकित्सा एवं भैषज्य रत्नावली (गुलमा रोगधिकार 139–143)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eउपलब्ध पैक आकार:\u003c\/strong\u003e प्रति बोतल 20 गोलियाँ।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eक्या आप 10 या 25 गोलियों का पैक ढूंढ रहे हैं? वे आपको हमारे अन्य ब्रांड विकल्प, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-praval-panchamrit-ras\"\u003eबैद्यनाथ प्रावल पंचामृत रस\u003c\/a\u003e के अंतर्गत मिलेंगे।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eआज के समय में लोग आमतौर पर अत्यधिक अम्लता, पेट फूलना, पुरानी अपच, कैल्शियम की कमी और हृदय की कमजोरी से जूझते हैं। पाँच शक्तिशाली समुद्री-खनिज भस्मों और मुक्ता (मोती) पिष्टि की शीतलता से समृद्ध प्रावल पंचामृत रस, इन सभी स्थितियों के लिए एक उत्कृष्ट आयुर्वेदिक समाधान है। यह पाचन स्वास्थ्य, हड्डियों के स्वास्थ्य, हृदय स्वास्थ्य और पित्त संतुलन के लिए सबसे बेहतरीन शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है, जिसे सदियों के शास्त्रीय संदर्भ और योग निर्माण विशेषज्ञता का समर्थन प्राप्त है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं (पथ्य):\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर प्रावलपंचामृत रस शहद और घी या गर्म दूध के साथ लेने पर सबसे अच्छा कार्य करता है, जो रस योगों के लिए आयुर्वेद में शास्त्रीय अनुपान हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eइसके साथ, सेवन के दौरान पुरानी चावल (पुराना शाली), हल्की खिचड़ी, हरी पत्तेदार सब्जियां, नारियल पानी, अनार, आंवला, छाछ, लहसुन और आसानी से पचने वाला सात्विक भोजन की सलाह दी जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eऐसे खाद्य पदार्थ जो पित्त संतुलन को सहारा दें और दवा के पाचन तथा खनिज कार्य में सहायता करें।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं (अपथ्य):\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक तैलीय और तला हुआ भोजन कफ और पित्त को बिगाड़ता है। इससे दवा पाचन में मदद करने से रुक सकती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदही विशेष रूप से पाचन और पित्त संबंधी विकारों में वर्जित है क्योंकि यह आम (विषाक्त पदार्थ) को बढ़ाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमसालेदार, मिर्च से भरपूर और खट्टे खाद्य पदार्थ पित्त को बिगाड़ते हैं। अत्यधिक संसाधित और बहुत अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ अग्नि को प्रभावित करते हैं। शराब पीना और तंबाकू का सेवन सीधे तौर पर इस योग के कार्य के विरुद्ध है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"20 टैब","offer_id":52157358866733,"sku":"DB-PPR","price":312.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-praval-panchamrit-ras-bottle-by-BodyStop.png?v=1788258827"},{"product_id":"dabur-rajat-chandi-bhasma-2-5-gm","title":"डाबर रजत(चांदी) भस्म 2.5 ग्राम - तंत्रिका, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सिल्वर ऐश","description":"\u003cp\u003eडाबर रजत भस्म शुद्ध चांदी से निर्मित एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है, इसलिए इसे अक्सर चांदी भस्म के नाम से भी जाना जाता है। रजत भस्म का उपयोग मुख्य रूप से तंत्रिका संबंधी विकारों, सांस लेने में कठिनाई और कम रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रबंधन में किया जाता है। यह अपने शीतलता प्रदान करने वाले गुणों, कायाकल्प (रसायन) गुणों के लिए अत्यंत प्रभावी है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eएक और औषधि भी इसी श्रेणी में आती है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-raupya-chandi-bhasma\"\u003eबैद्यनाथ रौप्य (चांदी) भस्म\u003c\/a\u003e एक अन्य निर्माता की समान शास्त्रीय औषधि है। यह 1 ग्राम और 2.5 ग्राम के पैक में उपलब्ध है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरजत भस्म के उपयोग और प्रमुख लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर रजत भस्म विभिन्न तंत्रिका संबंधी और श्वसन संबंधी विकारों में लाभ पहुँचाती है। यह एनीमिया, पुरानी सिरदर्द और मधुमेह के उपचार में सहायक है। रजत भस्म के उपयोग का विस्तृत विवरण यहाँ दिया गया है:\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eतंत्रिका टॉनिक और मस्तिष्क स्वास्थ्य:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eरजत (चांदी) भस्म का उपयोग न्यूराल्जिया, मिर्गी और पार्किंसंस रोग में किया जाता है। यह एकाग्रता की कमी, स्मृति हानि और तनाव जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद करती है — ये चिंताएं स्वाभाविक रूप से \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eस्मृति और मस्तिष्क स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e के अंतर्गत आती हैं। चांदी को मज्जा धातु, यानी तंत्रिका और अस्थि मज्जा ऊतक के लिए प्राकृतिक रूप से अनुकूल माना जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eरोग प्रतिरोधक क्षमता और जीवन शक्ति:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eरजत भस्म एक मान्यता प्राप्त रसायन है क्योंकि यह समग्र रोग प्रतिरोधक क्षमता का समर्थन करती है, शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करती है, और धीरे-धीरे क्षीण हुई जीवन शक्ति का पुनर्निर्माण करती है — इसी आधार पर \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/immunity-booster\"\u003eरोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले\u003c\/a\u003e फॉर्मूलेशन बनाए जाते हैं। पुरुषों के लिए रजत भस्म के लाभों में शुक्र धातु की कमी से उत्पन्न कमजोरी, कम ऊर्जा और जीवन शक्ति से संबंधित चिंताओं का समाधान शामिल है, जिस प्रकार की कमी को दूर करने के लिए \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/mens-health\"\u003eपुरुष स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e फॉर्मूलेशन चुने जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eमानसिक विकार और भावनात्मक संतुलन:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eरजत (\u003c\/span\u003eचांदी) भस्म मानसिक स्वास्थ्य के प्रबंधन में व्यापक रूप से लाभ पहुँचाती है। चांदी स्वभाव से शीतल (ठंडी) और शांत करने वाली होती है। यह गुण विकृत \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त\u003c\/a\u003e और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/vata-dosha-balance\"\u003eवात\u003c\/a\u003e को संतुलित करने में मदद करता है। इसलिए, यह चिंता, तनाव और भावनात्मक विकारों के प्रबंधन में प्रभावी है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eबुखार का प्रबंधन:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eचांदी में प्रसिद्ध संक्रमणरोधी और ज्वरनाशक गुण होते हैं। चांदी (रजत) भस्म का उपयोग बुखार के प्रबंधन में, विशेष रूप से पुराने या बार-बार होने वाले बुखार में किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eपाचन संबंधी सहायता:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eरजत भस्म \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e के क्षेत्र में भी उपयोगी है क्योंकि यह पुरानी अति-अम्लता, गैस्ट्रिक अल्सर और पाचन संबंधी कमजोरी जैसी स्थितियों के प्रबंधन में मदद करती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरजत भस्म की खुराक \/ उपयोग के निर्देश:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eरजत भस्म की मानक अनुशंसित खुराक दिन में दो बार 15 मिलीग्राम से 30 मिलीग्राम है। उपचार की जा रही स्थिति के आधार पर सामान्य अनुपान में शहद, घी या दूध शामिल हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eरजत भस्म के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eजब आप आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में सही खुराक लेते हैं, तो इसके दुष्प्रभाव न्यूनतम होते हैं। डाबर रजत भस्म में चांदी होती है, जो एक खनिज तैयारी है, और अधिक मात्रा में लेने से प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डाबर चांदी भस्म का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमानसिक अक्षमता वाले रोगियों को रजत भस्म लेने से पहले चिकित्सक को सूचित करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eरजत भस्म के घटक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर रजत भस्म में शामिल हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eरजत भस्म (चांदी भस्म): इसे शास्त्रीय शोधन (हर्बल जूस का उपयोग करके शुद्धिकरण) और मारण (भस्मीकरण) प्रक्रियाओं के माध्यम से शुद्ध चांदी से तैयार किया जाता है। बारीक चांदी की राख, जिसे चांदी भस्म के नाम से भी जाना जाता है, गंधहीन, स्वादहीन और अत्यधिक जैव-उपलब्ध है। यह जीवाणुरोधी, तंत्रिका-सुरक्षात्मक और रसायन जैसे गुणों के साथ प्रभावी है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eरजत भस्म के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eरजत भस्म शास्त्रीय रूप से निम्नलिखित में उपयोगी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eतंत्रिका संबंधी विकार और तंत्रिका कमजोरी।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्मृति हानि और एकाग्रता की कमी।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eदीर्घकालिक पुराना \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fever-infection-care\"\u003eबुखार और संक्रमण\u003c\/a\u003e।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगैस्ट्रिक अल्सर और आंत संबंधी विकार।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/fertility-reproductive-health\"\u003eप्रजनन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eकम रोग प्रतिरोधक क्षमता\/रसायन।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eउत्पाद का रूप:\u003c\/strong\u003e भस्म (भस्मीकृत खनिज तैयारी)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eइसके अन्य नाम:\u003c\/strong\u003e चांदी भस्म \/ रौप्य भस्म \/ सिल्वर भस्म \/ रौप्य भस्म\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक पैक:\u003c\/strong\u003e प्रत्येक आमतौर पर 2.5 ग्राम में उपलब्ध है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी और सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eकेवल चिकित्सकीय देखरेख में लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगर्भवती महिलाओं को उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहमेशा \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e जैसे अधिकृत लाइसेंस प्राप्त स्रोतों से ही खरीदें।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eरजत भस्म लेते समय आमतौर पर हल्की, आसानी से पचने वाली और शीतल प्रकृति वाली खाद्य पदार्थों की सलाह दी जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eरजत भस्म के सेवन के दौरान दूध, घी, मूंग दाल, अनार और आंवला जैसे फलों और ताजी सब्जियों का सेवन भी बताया गया है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं:\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमसालेदार, तैलीय\/तले हुए और पचने में भारी खाद्य पदार्थों की अधिकता से बचना चाहिए क्योंकि यह पित्त को असंतुलित करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभस्म के प्रभाव के साथ खट्टे और किण्वित खाद्य पदार्थों से भी बचना चाहिए और इनका सेवन सीमित करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको औद्योगिक परिसर\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"2.5 ग्राम","offer_id":52031409226029,"sku":"DB-RB-25GM","price":660.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-rajat-chandi-bhasma-2.5gm-bottle-by-BodyStop.png?v=1788419952"},{"product_id":"dabur-mukta-moti-pishti","title":"डाबर मुक्ता (मोती) पिष्टी 1 ग्राम | हृदय, त्वचा और पाचन के लिए कोल्ड-प्रोसेस्ड पर्ल टॉनिक","description":"\u003cp\u003eडाबर मुक्ता (मोती) पिष्ठी सबसे विश्वसनीय और शास्त्रीय आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है। इसका उपयोग मुख्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य, हृदय स्वास्थ्य और पित्त संतुलन के लिए किया जाता है। यह एसिडिटी, तनाव, उच्च रक्तचाप और जलन की अनुभूति के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है। इसके घटक शुद्ध किए गए मोतियों से तैयार किए जाते हैं और इनमें उत्कृष्ट शीतलता एवं शांत करने वाले गुण होते हैं। इसका उल्लेख रस तंत्र सार सिद्ध प्रयोग संग्रह और भस्म प्रकरण में किया गया है। प्रत्येक मुक्ता पिष्ठी की बोतल में 1 ग्राम सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली पिष्ठी होती है, जिसे शुद्ध मुक्ता (शुद्ध किया गया मोती) को गुलाब अर्का (गुलाब जल) के साथ सुरमा की तरह बारीक पीसकर तैयार किया जाता है, जिससे मोती की अधिकतम शीतलता और रसायन गुण बरकरार रहते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पिष्ठी के उपयोग:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर मुक्ता पिष्ठी आयुर्वेद में एक उत्कृष्ट हृदय टॉनिक के रूप में कार्य करती है। यह उच्च रक्तचाप में सहायक है और हृदय की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाती है। यह धड़कन बढ़ने और बेचैनी को कम करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयह पित्त से संबंधित समस्याओं वाले लोगों के लिए सबसे अच्छी दवाओं में से एक है। मुक्ता पिष्ठी के घटकों का शीतलता प्रभाव शरीर की समग्र गर्मी को कम करने में मदद करता है। इस प्रकार, यह सूजन, जलन की अनुभूति और शरीर में एसिडिटी में सहायक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्ता पिष्ठी पेट की अम्लता को दूर करने में बहुत प्रभावी है। इससे गैस्ट्राइटिस, जीईआरडी, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी और सीने की जलन\u003c\/a\u003e जैसी स्थितियों से राहत मिलती है, और यह पेट की अग्नि को संतुलित करने में भी मदद करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पिष्ठी के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eहृदय स्वास्थ्य\/ धड़कन बढ़ना: \u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eडाबर मुक्ता पिष्ठी को सबसे बेहतरीन शास्त्रीय आयुर्वेदिक \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/heart-care\"\u003eहृदय देखभाल\u003c\/a\u003e टॉनिकों में से एक माना जाता है। इसका मुख्य घटक, शुद्ध मुक्ता (शुद्ध किया गया मोती), हृदय की मांसपेशियों पर उत्कृष्ट रूप से कार्य करता है। यह तनाव, बेचैनी, धड़कन बढ़ने और हृदय की कमजोरी को कम करने में मदद करता है। यह तनाव-प्रेरित उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए उपयोगी है। यह रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से सामान्य करने में मदद करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eमानसिक शांति, तनाव और चिंता प्रबंधन:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eडाबर मोती पिष्ठी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/stress-anxiety\"\u003eतनाव और चिंता\u003c\/a\u003e के लिए एक शक्तिशाली प्राकृतिक आयुर्वेदिक दवा के रूप में कार्य करती है। आयुर्वेद में चिंता, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा मुख्य रूप से पित्त और वात के असंतुलन के कारण होती हैं। यह मानसिक थकान और अधिक सोचने की प्रवृत्ति को कम करके नींद में भी मदद करती है। इस फॉर्मूलेशन से हमारे शरीर में कोर्टिसोल का स्तर कम होता है। यह चिंता और अनिद्रा के लिए अच्छी है। यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करती है। यह फॉर्मूलेशन \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/vata-dosha-balance\"\u003eवात\u003c\/a\u003e और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त दोष\u003c\/a\u003e पर कार्य करता है। इससे मानसिक थकान और अधिक सोचने की प्रवृत्ति कम होती है। \u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eएसिडिटी, हाइपरएसिडिटी और गैस्ट्राइटिस:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eमुक्ता (मोती) पिष्ठी के क्षारीय और शीतलता गुण इसे हाइपरएसिडिटी के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक बनाते हैं। यह पेट में अतिरिक्त एसिड को तुरंत बेअसर करता है और सीने की जलन, जीईआरडी, पेट में जलन की अनुभूति और गैस्ट्राइटिस से राहत प्रदान करता है। यह अग्नि (पाचन अग्नि) में सुधार करती है और अधिक पित्त के कारण होने वाली अपच को कम करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहड्डियों की मजबूती और कैल्शियम सहायता:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eहर्बो-मिनरल मुक्ता (मोती) एक उत्कृष्ट प्राकृतिक कैल्शियम सप्लीमेंट है। इसका कैल्शियम अत्यंत सूक्ष्म और आंत में जैव-अवशोषित होने योग्य होता है। डाबर मुक्ता (मोती) पिष्ठी मांसपेशियों, \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/joint-bone-health\"\u003eजोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e के लिए शक्ति प्रदान करती है। यह हड्डियों के निर्माण के लिए एक बेहतरीन दवा है, इसलिए ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करती है, हड्डियों के घनत्व को बढ़ाती है और समग्र कंकाल स्वास्थ्य का समर्थन करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eत्वचा का स्वास्थ्य और रंग-रूप:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eइसका उपयोग त्वचा के स्वास्थ्य और रंग-रूप को निखारने के लिए किया जाता है। यह अतिरिक्त सीबम को नियंत्रित करने, त्वचा को संतुलित और हाइड्रेटेड रखने तथा पर्यावरणीय क्षति से बचाने में मदद करता है। कफ-पित्त शामक होने के कारण, यह त्वचा से एएमए विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और मुहाँसे, एक्जिमा तथा त्वचा में जलन की अनुभूति का उपचार कर प्राकृतिक रूप से चमकदार निखार देती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eरक्तस्राव संबंधी विकार और बुखार:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह रक्तस्रावी दस्त, नाक से खून बहना और अत्यधिक रक्तस्राव सहित विभिन्न रक्तस्राव संबंधी विकारों में उपयोगी है। इसके शीतलता गुण रक्त की अतिरिक्त गर्मी को कम करते हैं और पित्त-प्रकोपित बुखार को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करते हैं। यह आँखों में जलन की अनुभूति और बार-बार होने वाले सिरदर्द में भी उपयोगी है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती (मुक्ता) पिष्ठी की खुराक और सेवन विधि:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक खुराक:\u003c\/strong\u003e डाबर मुक्ता पिष्ठी की मानक अनुशंसित खुराक 30 से 125 मिलीग्राम है, जिसे दिन में दो बार सुबह और शाम लेना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनुपान:\u003c\/strong\u003e इसे मक्खन (मक्खन), शहद या गर्म दूध के साथ लेना सबसे अच्छा है, ताकि शरीर द्वारा इसका बेहतर अवशोषण हो सके।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पिष्ठी के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर मुक्ता पिष्ठी, निर्देशानुसार सेवन करने पर आमतौर पर सुरक्षित है। यदि आप बहुत अधिक या बहुत कम मात्रा लेते हैं, तो पेट दर्द हो सकता है, या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eउच्च रक्तचाप से संबंधित दवाएं ले रहे लोगों को सेवन से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पिष्ठी के घटक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक जार में निम्नलिखित सामग्री की 1 ग्राम मुक्ता पिष्ठी होती है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध मुक्ता:\u003c\/strong\u003e डाबर मुक्ता पिष्ठी का मुख्य घटक शुद्ध किया गया मोती है। इसे गुलाब अर्का (गुलाब जल) के साथ संसाधित किया जाता है। यह प्रक्रिया तीन दिनों तक की जाती है, जब तक कि यह सुरमा की तरह बारीक न हो जाए। इससे पिष्ठी को इसकी विशिष्ट सफेद, बारीक और सुगंधित पाउडर की बनावट मिलती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमोती प्राकृतिक रूप से कैल्शियम, अमीनो एसिड, मैग्नीशियम और सूक्ष्म खनिजों से भी भरपूर होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता पिष्ठी के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमुक्ता पिष्ठी विभिन्न स्थितियों में लाभ देती है और निम्नलिखित विकारों के लिए उपयोगी है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eहृदय रोग:\u003c\/strong\u003e हृदय से संबंधित रोग और टैकीकार्डिया\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरक्तपित्त:\u003c\/strong\u003e रक्तस्राव संबंधी विकार, नाक से खून बहना, रक्तस्रावी दस्त\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअम्लपित्त:\u003c\/strong\u003e हाइपरएसिडिटी, जीईआरडी, सीने की जलन और गैस्ट्राइटिस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनिद्रा:\u003c\/strong\u003e अनिद्रा और बाधित \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/sleep-support\"\u003eनींद\u003c\/a\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eचित्त उद्वेग:\u003c\/strong\u003e चिंता, घबराहट और बेचैनी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानस शदन:\u003c\/strong\u003e मानसिक अवसाद, तनाव और थकान\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eज्वर:\u003c\/strong\u003e जलन की अनुभूति वाला पित्त-प्रकोपित बुखार\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eदाह:\u003c\/strong\u003e अत्यधिक जलन की अनुभूति (पेट, आँखें, त्वचा)\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअस्थि क्षय:\u003c\/strong\u003e हड्डियों की कमजोरी और कैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eत्वक विकार:\u003c\/strong\u003e \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/skin-disorders\"\u003eत्वचा विकार\u003c\/a\u003e, मुहाँसे और एक्जिमा\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरूप:\u003c\/strong\u003e पाउडर \/ पिष्ठी (शास्त्रीय शीत-प्रक्रिया द्वारा तैयार खनिज औषधि)।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसंदर्भ ग्रंथ:\u003c\/strong\u003e रस तंत्र सार सिद्ध प्रयोग संग्रह \/ भस्म प्रकरण।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध वजन:\u003c\/strong\u003e प्रति बोतल 1 ग्राम।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरंग:\u003c\/strong\u003e सुगंधित बारीक सफेद पाउडर।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eआज की दुनिया में बहुत से लोगों को तनाव, एसिडिटी और नींद न आने जैसी समस्याएं हैं। कई लोगों को उच्च रक्तचाप और त्वचा संबंधी समस्याएं भी होती हैं। डाबर मुक्ता पिष्ठी एक ऐसा उत्पाद है जो इन समस्याओं में सहायक है। यह उत्पाद पित्त से संबंधित विकारों में मदद करता है। यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, डाबर मुक्ता पिष्ठी \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eपाचन स्वास्थ्य\u003c\/a\u003e में भी मदद करती है। इसके शीत और रसायन गुण इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए वास्तव में एक बहुउपयोगी फॉर्मूलेशन बनाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं (पथ्य):\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्ता पिष्ठी के सेवन के दौरान अनुशंसित आहार में पुराने चावल, हरी सब्जियां, नारियल पानी, अनार, मीठे फल, धनिया, सौंफ, आंवला और छाछ जैसे शीतलता प्रदान करने वाले और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eक्या न खाएं (अपथ्य):\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eतली-भुनी और तैलीय खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कफ को बढ़ाता है और पित्त को शांत करने वाली दवा के प्रभाव के विपरीत कार्य करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिर्च वाले मसालेदार खाद्य और खट्टे खाद्य पित्त को बढ़ाते हैं और डाबर मुक्ता पिष्ठी की प्रभावकारिता को कम करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52031409258797,"sku":"DB-MP-1GM","price":480.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-mukta-moti-pishti-1gm-bottle-by-BodyStop.png?v=1788345844"},{"product_id":"dabur-mukta-moti-bhasma","title":"डाबर मुक्ता मोती भस्म 1 ग्राम - हृदय, तनाव और पित्त संतुलन के लिए आयुर्वेदिक दवा","description":"\u003cp\u003eडाबर मुक्ता (मोती) भस्म एक शास्त्रीय और विश्वसनीय आयुर्वेदिक औषधि है। इसका उपयोग सदियों से हृदय स्वास्थ्य, मानसिक शांति और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pitta-dosha-balance\"\u003eपित्त संतुलन\u003c\/a\u003e के लिए किया जाता रहा है। यह कैल्शियम की कमी और हड्डियों की मजबूती के लिए भी उपयोगी है। इसे अति अम्लता, तनाव, चिंता, हृदय संबंधी विकारों और शरीर में जलन की अनुभूति के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक औषधियों में से एक माना जाता है। इसे एक विशेष ताप-आधारित प्रक्रिया का उपयोग करके मोती से बनाया जाता है, जिसे शुद्ध मुक्ता भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया को मारण प्रक्रिया कहा जाता है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eडाबर मुक्ता भस्म को रस तरंगिणी \/ त्रैपुर सिद्ध प्रयोग संग्रह के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-mukta-moti-pishti\"\u003eमुक्ता पिष्ठी\u003c\/a\u003e के विपरीत, जिसे गुलाब जल के साथ कोल्ड-प्रोसेसिंग द्वारा तैयार किया जाता है, मुक्ता भस्म को हर्बल भावनाओं का उपयोग करके शास्त्रीय मारण (भस्मीकरण) विधि द्वारा तैयार किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्कृष्ट जैव-उपलब्धता और बहु-प्रणाली चिकित्सीय क्रिया वाली शक्तिशाली भस्म प्राप्त होती है। प्रत्येक बोतल में 1 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मोती भस्म होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता भस्म के लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eयह पित्त असंतुलन में बहुत प्रभावी है। इसका शीतलता का प्रभाव होता है। यह अम्लीय नहीं है, इसलिए यह जलन, सूजन और शरीर में अत्यधिक एसिड की अनुभूति में मदद करता है। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर मुक्ता भस्म हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करती है। यह रक्तचाप को सामान्य रखने में भी मदद करती है। यह औषधि धड़कन की अनियमितता को कम करती है और हृदय को ठीक से काम करने में मदद करती है। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमानसिक शांति, तनाव से राहत और इम्यूनोमॉड्यूलेटर: मुक्ता भस्म चिंता, तनाव, अनिद्रा और तंत्रिका संबंधी उत्तेजना के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक औषधियों में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eभस्मीकृत मोती में प्राकृतिक कैल्शियम और अमीनो एसिड राजस और तमस मनस दोषों को शांत करते हैं और कोर्टिसोल के स्तर को प्राकृतिक रूप से कम करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता भस्म के उपयोग:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर मुक्ता भस्म हृदय, मानसिक, पाचन, हड्डियों और त्वचा स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों में उपयोगी है। इसके विस्तृत उपयोग यहाँ दिए गए हैं:\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eहृदय स्वास्थ्य, धड़कन की अनियमितता और उच्च रक्तचाप (हृदय रोग):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह सबसे अधिक सम्मानित शास्त्रीय आयुर्वेदिक हृदय और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/heart-care\"\u003eहृदय देखभाल\u003c\/a\u003e टॉनिक में से एक है। मोती भस्म में मौजूद कैल्शियम हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, इसलिए यह आपके हृदय को बेहतर ढंग से काम करने में भी मदद करता है और कमजोरी को कम करता है। यह तनाव के कारण उच्च रक्तचाप वाले लोगों की मदद करता है और धड़कन की अनियमितता, तेज धड़कन, बेचैनी और छाती में भारीपन में भी राहत देता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eमानसिक शांति, तनाव और चिंता प्रबंधन:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह एक प्राकृतिक औषधि है जो \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/stress-anxiety\"\u003eतनाव और चिंता\u003c\/a\u003e में मदद करती है। जब हमारे शरीर में अत्यधिक पित्त और वात होता है, तो यह हमें चिंतित, चिड़चिड़ा और घबराया हुआ महसूस करा सकता है, और हमें सोने में भी परेशानी हो सकती है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो हमारे मन और शरीर को शांत और शीतल कर सकते हैं। यह हमारे मस्तिष्क में पित्त को कम करने में मदद करता है, जिससे हमारा तंत्रिका तंत्र शांत होता है, नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और मानसिक रूप से थकावट की अनुभूति कम होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eअति अम्लता, गैस्ट्राइटिस और जीईआरडी (अम्लपित्त):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जिन्हें \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eअति अम्लता\u003c\/a\u003e है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुक्ता (मोती) भस्म में क्षारीय और शीतलता देने वाले गुण होते हैं। यह पेट के एसिड को बहुत जल्दी खत्म करने में मदद करता है। इससे लोगों को सीने की जलन और जीईआरडी जैसी अन्य समस्याओं से राहत मिलती है। इसलिए, यह गैस्ट्राइटिस और पेप्टिक अल्सर के लिए भी अच्छी है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eत्वचा स्वास्थ्य, रंगत और पित्त संबंधी त्वचा विकार (त्वक विकार):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eइसका उपयोग त्वचा स्वास्थ्य और रंगत को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। पित्त-कफ शामक होने के कारण यह त्वचा से आम या विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है। इससे तेल और त्वचा की सूजन कम होती है। यह पित्त असंतुलन से होने वाले \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/skin-disorders\"\u003eत्वचा विकारों\u003c\/a\u003e में भी मदद करता है, जैसे मुहाँसे, एक्जिमा, पित्त और त्वचा में जलन की अनुभूति। इसका नियमित उपयोग त्वचा को निखार देता है और इसे चिकना बनाता है। पित्त-कफ शामक त्वचा से आम को बाहर निकालने में मदद करता है। त्वचा चमकदार बनती है और उसकी बनावट में सुधार होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eरक्तस्राव संबंधी विकार और पित्त ज्वर (रक्तपित्त \/ ज्वर):\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eयह रक्तस्राव संबंधी विभिन्न विकारों में उपयोगी है, जिसमें रक्तस्रावी दस्त, नाक से खून आना और मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव शामिल हैं। इसके शीतलता देने वाले गुण रक्त में अतिरिक्त गर्मी को कम करते हैं और पित्त-प्रभावित ज्वर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करते हैं। यह आँखों में जलन, बार-बार सिरदर्द और सामान्य पित्त-प्रकार के ज्वर में भी सहायक है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता भस्म की खुराक \/ उपयोग के निर्देश: \u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानक खुराक:\u003c\/strong\u003e अनुशंसित खुराक 30 से 125 मिलीग्राम है, जिसे दिन में एक या दो बार, सुबह और शाम को लिया जाना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनुपान\u003c\/strong\u003e: इसे मक्खन, शहद या गर्म दूध के साथ लेना सबसे अच्छा है ताकि आपका शरीर इसे बेहतर ढंग से अवशोषित कर सके।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eहृदय और मानसिक स्थितियों के लिए शहद अनुपान के रूप में पसंदीदा है। हड्डियों की मजबूती और पाचन संबंधी स्थितियों के लिए गर्म दूध आदर्श है। चिकित्सक के निर्देशानुसार लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमुक्ता भस्म बच्चों को 15 से 30 मिलीग्राम की खुराक में दी जा सकती है। बच्चों के लिए यह आयुर्वेदिक चिकित्सा में विशेषज्ञता रखने वाले डॉक्टर के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए। इसका उपयोग स्वर्ण प्राशन और बच्चों के लिए बनाई गई अन्य औषधियों में भी किया जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eडाबर मुक्ता भस्म के दुष्प्रभाव:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eआपको डाबर मुक्ता भस्म का सेवन करते समय हमेशा सावधान रहना चाहिए। इसका अधिक सेवन आपके रक्तचाप को कम कर सकता है। इसलिए पहले अपना रक्तचाप जांचें और फिर 30 से 125 मिलीग्राम की मात्रा में मुक्ता भस्म लें।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयदि आप इसकी सही मात्रा नहीं लेते हैं, तो आपको कब्ज या गैस्ट्राइटिस हो सकता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो मुक्ता भस्म का उपयोग शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से बात करना उचित है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता (मोती) भस्म के घटक:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eशुद्ध मुक्ता:\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eशुद्ध मुक्ता, जिसे शुद्ध मोती के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। मोती को शोधन नामक विधि का उपयोग करके शुद्ध किया जाता है। इसमें मोती को गर्म करके फिर एक तरल में रखा जाता है। इसके बाद मोती को नियंत्रित ताप पर हर्बल पेस्ट के साथ तब तक भस्म किया जाता है जब तक कि वह बहुत बारीक सफेद भस्म न बन जाए। इस भस्म को शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित किया जाता है। शुद्ध मुक्ता या शुद्ध मोती बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया की जाती है। शुद्ध मोती को बारीक भस्म में परिवर्तित किया जाता है। शुद्ध मुक्ता बनाने की प्रक्रिया में इसकी शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कई चरण शामिल हैं। इसका अंतिम परिणाम शुद्ध मोती से प्राप्त एक जैव-अवशोषित भस्म है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतैयारी की विधि (शोधन और मारण):\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 1\u003c\/strong\u003e : शोधन वह चरण है जिसमें मोती को साफ किया जाता है। हम मोती को जड़ी-बूटियों में भिगोते हैं ताकि उसमें मौजूद अवांछित तत्वों को हटाया जा सके। इससे मोती मारण के लिए तैयार हो जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 2\u003c\/strong\u003e : अब मारण किया जाता है। मोती लिया जाता है और उस पर एक विशेष जड़ी-बूटी लगाई जाती है। फिर इसे सुखाकर डिस्क का आकार दिया जाता है। इन डिस्क को शरव सम्पुट नामक मिट्टी के बर्तन में रखा जाता है। इस बर्तन को नियंत्रित तरीके से तब तक गर्म किया जाता है जब तक मोती सफेद पाउडर, जिसे भस्म कहा जाता है, में न बदल जाए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eचरण 3\u003c\/strong\u003e : भस्म की गुणवत्ता की जांच के लिए कुछ परीक्षण किए जाते हैं, जिसे भस्म परीक्षा कहा जाता है। जांचा जाता है कि भस्म पानी पर तैरती है या नहीं, अर्थात वरीतरा। यह भी जांचा जाता है कि क्या यह त्वचा की रेखाओं में भर जाती है, अर्थात रेखापूर्ण। हम सुनिश्चित करते हैं कि यह चमकदार न हो, अर्थात निश्छंद्र। ये भस्म की अच्छी गुणवत्ता की जांच करने के तरीके हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमुक्ता भस्म के संकेत:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eडाबर मुक्ता भस्म निम्नलिखित स्थितियों में लाभ देती है: \u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eहृदय रोग:\u003c\/strong\u003e  हृदय विकार, धड़कन की अनियमितता और टैकीकार्डिया\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरक्तपित्त:\u003c\/strong\u003e रक्तस्राव संबंधी विकार, नाक से खून आना, रक्तस्रावी दस्त\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअम्लपित्त:\u003c\/strong\u003e  अति अम्लता, जीईआरडी, सीने की जलन और एंट्रल गैस्ट्राइटिस\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअनिद्रा:\u003c\/strong\u003e अनिद्रा और बाधित \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/sleep-support\"\u003eनींद\u003c\/a\u003e तथा रात में बेचैनी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eचित्त उद्वेग:\u003c\/strong\u003e चिंता, घबराहट और बेचैनी\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eमानस शदन:\u003c\/strong\u003e  मानसिक अवसाद, तनाव और थकावट\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eज्वर:\u003c\/strong\u003e  जलन की अनुभूति वाला पित्त-प्रकार का ज्वर\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eदाह:\u003c\/strong\u003e पेट, आँखों और त्वचा में अत्यधिक जलन की अनुभूति\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eअस्थि क्षय:\u003c\/strong\u003e हड्डियों की कमजोरी और कैल्शियम की कमी\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eत्वक विकार:\u003c\/strong\u003e त्वचा विकार, मुहाँसे और एक्जिमा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eउच्च रक्तचाप:\u003c\/strong\u003e  तनाव-प्रेरित उच्च रक्तचाप\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशिरो रोग:\u003c\/strong\u003e  सिरदर्द और माइग्रेन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eनेत्रदाह:\u003c\/strong\u003e  आँखों में जलन की अनुभूति\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद का रूप और शुद्ध वजन:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरूप\u003c\/strong\u003e: पाउडर \/ भस्म (अत्यंत बारीक भस्मीकृत मोती की राख) एक सीलबंद बोतल में।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eसंदर्भ ग्रंथ\u003c\/strong\u003e: रस तरंगिणी \/ त्रैपुर सिद्ध प्रयोग संग्रह।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eशुद्ध वजन\u003c\/strong\u003e: 1 ग्राम प्रति बोतल।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eरंग\u003c\/strong\u003e: बारीक सफेद पाउडर (निश्छंद्र - शास्त्रीय मानकों के अनुसार चमकदार नहीं)।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिष्कर्ष:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eआज की दुनिया में लोग आमतौर पर पुरानी तनाव, अम्लता, नींद की गड़बड़ी, उच्च रक्तचाप, कैल्शियम की कमी और त्वचा की समस्याओं से जूझ करते हैं। रस तरंगिणी में वर्णित शास्त्रीय मारण प्रक्रिया द्वारा शुद्ध मोती से तैयार डाबर मुक्ता (मोती) भस्म सभी पित्त-संबंधी और कैल्शियम की कमी वाली स्थितियों के लिए एक उत्कृष्ट समाधान है। इसकी शीत वीर्य, क्षारीयता और रसायन गुण इसे सबसे अच्छी शास्त्रीय \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eआयुर्वेदिक औषधियों\u003c\/a\u003e में से एक बनाते हैं। यह औषधि हृदय स्वास्थ्य, मानसिक शांति, हड्डियों की मजबूती और पाचन स्वास्थ्य में मदद करती है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eसुरक्षा जानकारी \/ सावधानियां:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eआपको हमेशा एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eस्तनपान कराने वाली माताओं को डॉक्टर के मार्गदर्शन के बिना इसे नहीं लेना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eयदि आप निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन के रोगी हैं, तो आपको इसका उपयोग अत्यंत सावधानी से करना चाहिए और आपको बहुत सावधान रहना चाहिए।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं (पथ्य):\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eडाबर मुक्ता भस्म मक्खन या गर्म दूध के साथ लेने पर बहुत प्रभावी होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मक्खन और गर्म दूध पित्त को शांत करने में मदद करते हैं। \u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआपको हर दिन चावल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। अनार और आंवले में बहुत सारे विटामिन होते हैं। छाछ पाचन में मदद करती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआप अपने भोजन में धनिया और सौंफ भी ले सकते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eये खाद्य पदार्थ डाबर मोती भस्म को अच्छी तरह काम करने में मदद करते हैं और पित्त को शांत करने तथा आपके शरीर की मदद करने के कार्य का समर्थन करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं (अपथ्य):\u003c\/h3\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक तैलीय और तला हुआ भोजन कफ को बिगाड़ता है। वे पित्त में मदद करने वाली औषधि के विरुद्ध भी काम करते हैं। ये खाद्य पदार्थ पित्त पर औषधि की क्रिया को विफल करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमसालेदार, मिर्च से भरपूर और खट्टे खाद्य पदार्थ पित्त को बढ़ाते हैं, जिससे मुक्ता भस्म की प्रभावकारिता सीधे तौर पर कम हो जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eअत्यधिक संसाधित मीठी वस्तुएं अग्नि को बिगाड़ती हैं। शराब और तंबाकू शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं और सीधे तौर पर इस फॉर्मूलेशन की शीतलता देने वाले वीर्य के विरुद्ध काम करते हैं।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eनिर्माता की जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/dabur\"\u003eडाबर\u003c\/a\u003e इंडिया लिमिटेड।\u003cbr\u003eपता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको औद्योगिक परिसर\u003cbr\u003eबारी जम्मू\/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,\u003cbr\u003eगाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52031409291565,"sku":"DB-MB-1GM","price":359.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dabur-mukta-moti-bhasma-1gm-bottle-by-BodyStop.png?v=1788340408"},{"product_id":"baidyanath-moti-bhasma-1-gm","title":"बैद्यनाथ मोती (मुक्ता) भस्म 1 ग्राम | बढ़ते बच्चों, गर्भावस्था की कमजोरी और अशांत मन के लिए","description":"\u003ch2\u003eमोती भस्म (ऑर्ड.) क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह मोती से बनी एक आयुर्वेदिक दवा है। यह एक छोटी कांच की बोतल में बारीक पाउडर के रूप में आती है। यह स्वभाव से ठंडी है और एक साथ दो तरह की परेशानियों के लिए दी जाती है, शरीर से जुड़ी और मन से जुड़ी। एक बच्चा जो दुबला और नाटा रहे। एक माँ जिसका शरीर गर्भवती होने के दौरान पोषण की कमी से कमजोर हो गया हो। पेशाब में जलन। सिरदर्द और कमजोर होती याददाश्त। नाक से खून आना। ये सभी बातें पैक पर लिखी हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबोतल के अंदर केवल एक ही चीज़ है और कुछ नहीं। मोती। न कोई जड़ी-बूटी, न कोई दूसरी भस्म, न कोई मिलावट। इसलिए यहाँ असली काम इसकी विधि में है, न कि इसकी सामग्री में। पहले मोती को साफ किया जाता है। उसके बाद इसे एक बंद बर्तन में सील करके आग में तपाया जाता है, और यह तपाने की प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जब तक कि मोती जैसी कठोर चीज़ एक मुलायम भस्म में न बदल जाए, जिसे शरीर ग्रहण कर सके।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस बोतल के सामने खड़े खरीदार आमतौर पर दो-तीन अन्य दवाएं भी देखते हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-kumarkalyan-ras-with-gold-and-pearl\"\u003eडाबर कुमार्कल्याण रस\u003c\/a\u003e केवल बच्चों के लिए बनाई गई है, और इसे तब चुना जाता है जब बच्चा हर कुछ हफ्तों में बीमार पड़ जाए और उसका वजन न बढ़े। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-brahmi-bati-vati-with-gold-tablet\"\u003eबैद्यनाथ ब्राह्मी वटी गोल्ड\u003c\/a\u003e सीधे दिमाग पर काम करती है, कमजोर याददाश्त और ऐसे मन के लिए जो शांत न रहे। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-praval-panchamrit-ras-with-moti\"\u003eडाबर प्रवाल पंचामृत रस\u003c\/a\u003e मूंगे से बनी है और इसे मुख्य रूप से कैल्शियम की कमी और पेट में जलन के लिए खरीदा जाता है।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म के लाभ: यह बढ़ते बच्चे और कमजोर शरीर की कैसे मदद करती है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/kids-wellness\"\u003eवह बच्चा जो ठीक से बढ़ नहीं रहा है\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e रुकी हुई लंबाई। पतले हाथ-पैर। मुलायम हड्डियां और देर से निकले दांत। मोती में बहुत अच्छी किस्म का कैल्शियम होता है, और यही मुख्य कारण है कि बच्चे को यह दवा दी जाती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/pregnancy-care\"\u003eवह माँ जो गर्भावस्था में कमजोर हो गई है\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e उन महीनों में शरीर को सामान्य से कहीं अधिक पोषण की आवश्यकता होती है। जब यह कम पड़ जाता है, तो थकान सबसे पहले दिखाई देती है। माँ की अपनी ताकत बनाए रखने के लिए इस दौरान इसका सेवन किया जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/urinary-health\"\u003eपेशाब में जलन और पेशाब करने में परेशानी\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e कम मात्रा में आने वाला पेशाब, जलन के साथ आने वाला पेशाब, या बार-बार रुक-रुक कर आने वाला पेशाब। दोनों तरह की समस्याएं पैक पर लिखी हैं, और इस दवा का ठंडा स्वभाव यहाँ काम करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eभारी सिर और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/memory-brain-health\"\u003eकमजोर दिमाग\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e बार-बार होने वाला सिरदर्द। नाम और नंबर भूल जाना। किसी एक चीज़ पर लंबे समय तक ध्यान न टिक पाना।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eउन जगहों से खून आना जहाँ नहीं आना चाहिए:\u003c\/strong\u003e नाक से खून आना आम है। उल्टी या मल में खून आना भी इस सूची में शामिल है। शरीर के अंदरूनी ताप से होने वाले रक्तस्राव के लिए मोती एक पुरानी और अच्छी तरह से जानी-मानी औषधि है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म की खुराक: कितनी मात्रा और किसके साथ लें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eदिन में दो बार 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम तक। आपकी खुराक आपके उपचार की योजना तय होने पर निर्धारित की जाती है, और बच्चे को बड़ों से कम मात्रा दी जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे लेने के लिए पाँच चीज़ों का उपयोग किया जा सकता है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशहद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eमिश्री के साथ मक्खन\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eगुलकंद\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eआंवला मुरब्बा\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003eच्यवनप्राश\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eइनमें से किसी एक को चुनें और पूरे कोर्स के दौरान उसी का उपयोग करें। सुबह और शाम का समय भी निश्चित रखें। यह दवा नियमितता से काम करती है, और दिन छोड़ने से परिणाम और दूर हो जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eक्या यह सुरक्षित है? मोती भस्म के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eछपी हुई मात्रा कम है, और इसके कम होने का एक कारण है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस मात्रा से अधिक लेने पर एक दिन के लिए पेट भारी महसूस हो सकता है, या मल ढीला हो सकता है। इससे रक्तचाप भी कम हो सकता है। इसलिए, जिसका रक्तचाप पहले से ही कम रहता हो या जो इसके लिए गोली लेता हो, उसे शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eघर पर अंदाज़े से बच्चे की खुराक कभी तय न करें। बड़ों की खुराक का आधा हिस्सा कोई नियम नहीं है, यह केवल एक अंदाज़ा है, और यह एक ऐसी दवा है जिसमें सटीक मात्रा मायने रखती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसे चिकित्सकीय देखरेख में लें। एक योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही मात्रा तय करे और यह तय करे कि कोर्स कितने हफ्तों का चलेगा। अगर बीच में कुछ भी गलत लगे, तो इसे बंद करें और जाँच कराएं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती भस्म की सामग्री: बोतल के अंदर क्या है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक 1 ग्राम में शामिल है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित मोती भस्म 1.00 ग्राम (मोती, पहले साफ किया गया और फिर बारीक भस्म में बदला गया)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eयही पूरी सूची है। केवल एक चीज़। कोई जड़ी-बूटी नहीं मिलाई गई है, न कोई दूसरी भस्म, और बोतल भरने के लिए कुछ भी नहीं डाला गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबच्चों और गर्भावस्था के अलावा मोती भस्म के अन्य उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eपैक पर तीन और उपयोग लिखे हैं, जो बड़ों के लिए हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपहला है ऐसा मन जो शांत न रहे। कुछ लोग छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं, छाती में बेचैनी होती है, नींद बार-बार टूटती है, और बुरे दौर में व्यक्ति बिल्कुल भी ठीक से सोच नहीं पाता। यह दवा ठंडी है, और इसका उपयोग रोज़मर्रा के सामान्य तनाव के बजाय इस तरह की बेचैनी के लिए किया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदूसरा है लंबे समय तक बीमारी से कमजोर हुआ शरीर। महीनों तक रहने वाला बुखार। खांसी जो ठीक न हो। सांस का फूलना। इस तरह की शरीर को गलाने वाली बीमारी पैक पर लिखी है, और साथ ही छाती की चोट भी। यदि टीबी या किसी अन्य लंबे समय तक चलने वाली बीमारी का उपचार पहले से चल रहा है, तो वह उपचार बिल्कुल वैसा ही जारी रहता है। यह दवा उसके साथ दी जाती है, ताकि रास्ते में कम हुई वजन, ताकत और भूख की भरपाई हो सके।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतीसरा है आँखें। पैक पर आँखों की समस्या लिखी है, और इस दवा का लंबे समय से उम्र के साथ दृष्टि को कमजोर होने से बचाने के लिए उपयोग किया जाता रहा है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म की पैकेजिंग और निर्माण\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eकार्टन सफेद है, जिसके ऊपर लाल पट्टी और एक कोने पर हरी और पीली धार है। इसके अंदर एक भूरी कांच की बोतल है, जिस पर सुनहरी घुमावदार टोपी और पीला लेबल लगा है। उसी बॉक्स में एक मुद्रित पर्चा भी आता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे श्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 1, मिर्जापुर रोड, नैनी, इलाहाबाद 211008 में, विनिर्माण लाइसेंस संख्या A-393\/79 के तहत बनाया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबोतल में कितना पाउडर आता है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह मोती भस्म की 1 ग्राम वाली बोतल है। निर्माण और समाप्ति की तारीख कार्टन पर छपी होती है, इसलिए बॉक्स मिलने पर दोनों को एक बार पढ़ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस वेबसाइट पर दो अन्य बोतलें भी हैं जिनके नाम इसके बहुत करीब हैं, और ऑर्डर करने से पहले अंतर जानना मददगार होता है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-bhasma-no-1\"\u003eबैद्यनाथ मोती भस्म नंबर 1\u003c\/a\u003e इसी दवा का अधिक बारीक ग्रेड है और यह अधिक कीमत पर बिकती है। दोनों के लिए मात्रा, समय और किसके साथ लेना, एक जैसा रहता है। केवल ग्रेड की गुणवत्ता बदलती है। बैद्यनाथ मोती पिष्टि भी उसी मोती से बनी है और इसका उपयोग उन्हीं समस्याओं के लिए किया जाता है, लेकिन इसे आग में तपाने के बजाय गुलाब जल में पीसा जाता है, जिससे यह शरीर के लिए अधिक ठंडी और सौम्य रहती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियां\u003cbr\u003e\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबोतल को उसके कार्टन के अंदर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें, धूप से दूर और बच्चों की पहुँच से बाहर। हर बार इस्तेमाल के बाद टोपी को कसकर बंद करें, क्योंकि यह पाउडर बहुत जल्दी नमी सोख लेता है। इसे फ्रिज में न रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहर बार साफ और सूखे चम्मच का उपयोग करें। गीला चम्मच पूरी बोतल को खराब कर देता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकोर्स के दौरान बहुत गर्म और बहुत खट्टे भोजन से दूर रहें। देर रात तक जागना और धूप में लंबे समय तक रहना भी इस दवा के असर के विपरीत काम करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर बैद्यनाथ मोती भस्म क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइसे खरीदने वाले अधिकांश लोग इसे अपने लिए नहीं खरीदते। यह किसी ऐसे बच्चे के लिए है जो बढ़ नहीं रहा, या किसी गर्भवती महिला के लिए है। इससे यह बदल जाता है कि स्रोत कितना मायने रखता है। छोटी बोतल में सफेद पाउडर को देखकर कुछ पता नहीं चलता, और घर पर इसकी जाँच करने का कोई तरीका नहीं है। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e निर्माता की अपनी आपूर्ति से आए स्टॉक के अलावा कुछ भी नहीं बेचता। हर कार्टन पर एक बैच नंबर होता है, और उस पर बैद्यनाथ उपभोक्ता देखभाल नंबर 011-45307777 छपा होता है। कॉल पर वह बैच नंबर बताएं और कंपनी आपको बता देगी कि बोतल उनकी है या नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eदूध, मक्खन और घी। जौ और पुराना चावल। आंवला मुरब्बा और गुलकंद। मुलायम और मीठे फल। सादा भोजन जो आसानी से पच जाए और पौष्टिक भी हो।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eमिर्च और बहुत मसालेदार खाना। बहुत खट्टा भोजन। तला हुआ भोजन। बहुत अधिक चाय और कॉफी। बचा हुआ और बासी भोजन।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eगंभीर किडनी या लिवर की समस्या वाले किसी भी व्यक्ति के लिए नहीं। ऐसे व्यक्ति के लिए नहीं जिसे पहले कभी खनिज दवाओं से बुरा रिएक्शन हुआ हो। बच्चे को केवल डॉक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा में ही इसे लेना चाहिए। और टीबी, छाती या किसी भी पुरानी बीमारी के लिए पहले से चल रहा कोई भी उपचार बिल्कुल वैसा ही जारी रहता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eवह बच्चा जिसका वजन और लंबाई महीनों से एक जैसा रहे। देर से निकले दांत। गर्भावस्था के दौरान थकान। पेशाब करते समय जलन। बार-बार होने वाला सिरदर्द। कमजोर होती याददाश्त। गर्मियों में नाक से खून आना। हफ्तों तक रहने वाला बुखार। खांसी जो ठीक न हो। बेचैनी और टूटी हुई नींद।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eइसके साथ ली जाने वाली दवाएं\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-aravindasava-450ml\"\u003eधूतपापेश्वर अरविंदासव\u003c\/a\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-arvindasav-450ml\"\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/strong\u003e एक मीठा तरल है जिसे चम्मच से दिया जाता है, और इसे मुख्य रूप से बच्चे को फिर से ठीक से खाना खिलाने के लिए खरीदा जाता है, क्योंकि आमतौर पर विकास की समस्या भूख से ही शुरू होती है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/unjha-navratna-ras-tablet\"\u003e\u003cstrong\u003eऊँझा नवरत्न रस\u003c\/strong\u003e\u003c\/a\u003e हड्डियों के लिए है, और यह उस घर के लिए उपयुक्त है जहाँ माँ और बच्चे दोनों को कैल्शियम की आवश्यकता हो, न कि केवल किसी एक को।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eएवीपी सरस्वतीष्ट\u003c\/strong\u003e गोल्ड के साथ एक और चम्मच से दिया जाने वाला तरल है, और इसे मन, याददाश्त और रात में शांत न रह पाने वाले व्यक्ति के लिए चुना जाता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य काम अभी भी इस बोतल का ही है। ये तीनों केवल उन कोनों को कवर करते हैं जहाँ तक यह नहीं पहुँचता।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52201972302125,"sku":null,"price":451.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-moti-bhasma-1-gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1786084425"},{"product_id":"baidyanath-moti-pishti-1-gm","title":"बैद्यनाथ मोती पिष्टी (साधारण) 1 ग्राम | एसिडिटी, अल्सर और कमजोर दिल के लिए","description":"\u003ch2\u003eमोती पिष्टी क्या है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eमोती पिष्टी (साधारण) मोती से बनी एक आयुर्वेदिक दवा है। यह एक छोटी कांच की बोतल में बहुत बारीक सफेद पाउडर के रूप में आती है। जब शरीर में बहुत अधिक एसिड और गर्मी हो, तो यह दी जाती है। पेट में जलन। खट्टी डकारें। पेट के अंदर एक कच्चा घाव जिसे डॉक्टर ने अल्सर कहा है। इसका उपयोग तब भी किया जाता है जब हृदय कमजोर हो गया हो, और लिवर तथा किडनी की शिकायतों में भी। शाम तक जलने वाली आँखें, हफ्तों से बना बुखार और गर्मी से होने वाली ब्लीडिंग भी इसी सूची में शामिल हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोती को दवा में बदलना एक कठिन काम है। इसे पहले साफ किया जाता है, फिर गुलाब जल के साथ कई दिनों तक पीसा जाता है। किसी भी चरण में आग का उपयोग नहीं किया जाता। यह पिसाई कितनी देर तक चलती है, उसी से इसकी श्रेणी तय होती है। इसे जितनी अधिक देर तक पीसा जाएगा, पाउडर उतना ही बारीक होगा, और बारीक पाउडर शरीर में उतनी ही आसानी से समा जाता है। यही कारण है कि एक ही दवा साधारण श्रेणी और नंबर 1 श्रेणी के रूप में बिकती है, और दोनों पर एक ही खुराक लिखी होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपेट में जलन की शिकायत वाले खरीदार आमतौर पर किसी एक पर टिकने से पहले दो या तीन नाम देखते हैं। बैद्यनाथ कामदुधा रस मोती युक्त में भी मोती होता है, और इसे तब चुना जाता है जब जलन और खट्टी डकारें ही मुख्य शिकायत हों। बैद्यनाथ अविपत्तिकर चूर्ण एक पाउडर है जिसे चम्मच से लिया जाता है, और यह उस व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जिसकी एसिडिटी गैस के साथ आती है और पेट ठीक से साफ नहीं होता। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-praval-panchamrit-ras\"\u003eबैद्यनाथ प्रवाल पंचामृत रस\u003c\/a\u003e चार अन्य चीजों के साथ मूंगे से बना है, और लोग इसका उपयोग पेट के बजाय कैल्शियम और कमजोर हड्डियों के लिए अधिक करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती पिष्टी के लाभ: यह पेट और हृदय पर कैसे काम करती है\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/acidity-and-heartburn\"\u003eएसिडिटी\u003c\/a\u003e जो बार-बार वापस आती है:\u003c\/strong\u003e यह इसका मुख्य काम है। खाने के एक या दो घंटे बाद भोजन खट्टा हो जाता है। छाती के पास जलन होती है और मुंह में कड़वा स्वाद आता है। मोती का पाउडर स्वभाव से क्षारीय होता है, इसलिए यह एसिड से लड़ने के बजाय उसे शांत करता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eपेप्टिक अल्सर:\u003c\/strong\u003e अल्सर पेट की अंदरूनी दीवार पर एक कच्चा घाव है, और खाली पेट होने पर इसमें सबसे अधिक दर्द होता है। यह दवा डॉक्टर द्वारा पहले से शुरू की गई किसी भी उपचार के साथ दी जाती है, ताकि जलन शांत हो और वह घाव ठीक हो सके।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eकमजोर \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/heart-care\"\u003eहृदय\u003c\/a\u003e:\u003c\/strong\u003e पैक में इसे हृदय की कमजोरी कहा गया है। सरल शब्दों में, ऐसा हृदय जो जल्दी थक जाए, छाती में धड़कन का फड़फड़ाना, और बहुत कम काम करने के बाद सांस फूलना। इसका उपयोग उस स्थिति में सहायक के रूप में किया जाता है, हृदय के उपचार के विकल्प के रूप में कभी नहीं।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/liver-spleen-health\"\u003eलिवर\u003c\/a\u003e की शिकायतें:\u003c\/strong\u003e लंबे समय तक दवा के सेवन, भारी तैलीय भोजन और शराब से लिवर को बहुत नुकसान पहुँचता है। यह लिवर के ठीक होने के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से एक है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eकिडनी की समस्या:\u003c\/strong\u003e यह भी पैक पर लिखा है। इसे तब दिया जाता है जब किडनी ठीक से काम नहीं करती और शरीर में पानी जमा होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमोती पिष्टी की खुराक: कितनी मात्रा और किसके साथ लें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eसुबह और शाम 60 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम। यानी हर बार एक बहुत छोटी चुटकी। आपकी खुराक उपचार की योजना बनाते समय तय की जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपैक पर इसे लेने के लिए केवल एक चीज लिखी है, और वह है शहद। इसका एक कारण है। शहद पाउडर को जल्दी शरीर में ले जाता है, यह अपने आप गर्मी नहीं बढ़ाता, और पहले से जलते हुए पेट पर आसानी से टिक जाता है। चुटकी को आधा चम्मच शहद में मिलाएं और ले लें। सुबह और शाम, दोनों समय को निश्चित रखें, क्योंकि पेट किसी भी चीज से ज्यादा दिनचर्या पर शांत होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eक्या यह सुरक्षित है? मोती पिष्टी के दुष्प्रभाव\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह एक हल्की दवा है। अधिकांश लोग बिना किसी दुष्प्रभाव के पूरी खुराक खत्म कर लेते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपहले कुछ दिनों में पेट में भारीपन आ सकता है। कुछ लोगों को एक बार दस्त लग सकते हैं। दोनों अपने आप ठीक हो जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअतिरिक्त न लें। बड़ी चुटकी पेट को जल्दी ठंडा नहीं करेगी, और खाली पेट बड़ी मात्रा ही आमतौर पर वह भारीपन लाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदो बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यह पाउडर रक्तचाप को थोड़ा कम करता है, इसलिए यदि आप पहले से ही रक्तचाप की दवा ले रहे हैं, तो इसे शुरू करने से पहले जांच करवाएं। और कार्टन पर भी लिखा है कि दवा को चिकित्सकीय देखरेख में लेना चाहिए। एक योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर को आपकी खुराक तय करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि कोर्स कितने हफ्तों तक चलेगा।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eमोती पिष्टी की सामग्री: बोतल के अंदर क्या है\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eप्रत्येक 1 ग्राम में शामिल है:\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003eशोधित मोती पिष्टी 1.00 ग्राम (शुद्ध किया गया मोती, बारीक पीसा हुआ)\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eयही पूरी सूची है। कोई फिलर नहीं, कोई बाइंडर नहीं, कोई चीनी नहीं, कोई दूसरी दवा नहीं। बोतल में एक ग्राम का मतलब है दवा का ही एक ग्राम।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eएसिडिटी के अलावा मोती पिष्टी के अन्य उपयोग\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eचार और उपयोग जानना फायदेमंद है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसबसे पहले आँखें। शाम तक जलने वाली आँखें, गर्म और थकी हुई आँखें। कार्टन के हिंदी पक्ष पर आँखों की समस्या का सीधा उल्लेख है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदूसरा है ब्लीडिंग। गर्मियों में नाक से खून आना, मल के साथ खून आना, कुछ महिलाओं में भारी ब्लीडिंग। यह सब रक्तपित्त के अंतर्गत आता है, जिसका सीधा मतलब है रक्त में बहुत अधिक गर्मी के कारण होने वाली ब्लीडिंग।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतीसरा है लंबा बुखार। दो दिन वाला बुखार नहीं, बल्कि वह जो हफ्तों तक खिंचता है और शरीर को गर्म और कमजोर छोड़ देता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआखिरी है कैल्शियम। मोती प्राकृतिक कैल्शियम है जिसे शरीर आसानी से ग्रहण कर लेता है, इसलिए बढ़ते बच्चों और कमजोर हड्डियों वाली महिलाओं को केवल इसी कारण यह दिया जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eइस दवा की पैकेजिंग और निर्माण\n\n\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eकार्टन के अंदर सोने के रंग की ढक्कन वाली एक छोटी कांच की बोतल है। कार्टन खुद सफेद है, जिसके ऊपर लाल पट्टी और उसके ऊपर से हरी और पीली पट्टी गुजरती है। अंदर का पाउडर सफेद और बहुत बारीक है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह एक लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा है, जिसे नैनि, इलाहाबाद में विनिर्माण लाइसेंस संख्या A-393\/79 के तहत श्री \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/baidyanath\"\u003eबैद्यनाथ\u003c\/a\u003e आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबोतल में कितना पाउडर आता है?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eयह मोती पिष्टी की 1 ग्राम की बोतल है। बैच नंबर, निर्माण की तारीख और समाप्ति की तारीख कार्टन के किनारे पर छपी होती है, इसलिए जब बॉक्स आपको मिले तो उन्हें एक बार पढ़ लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eशुरू करने से पहले पालन करने योग्य सावधानियां\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eबोतल को उसके कार्टन के अंदर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें, धूप से दूर और बच्चों की पहुंच से बाहर। हर बार ढक्कन को कसकर बंद करें। साफ और सूखी चम्मच का उपयोग करें, क्योंकि नमी ही ऐसी एक चीज है जो इस तरह के पाउडर को खराब कर देती है। इसे फ्रिज में न रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजब पेट की समस्या हो, तो कुछ आदतें दवा जितनी ही मायने रखती हैं। भोजन के बीच लंबा अंतराल न छोड़ें, क्योंकि खाली पेट ही जलन सबसे ज्यादा होती है। देर रात खाने के बजाय जल्दी रात का खाना खाएं। चाय और कॉफी कम करें, और कभी भी खाली पेट चाय से दिन की शुरुआत न करें। बिना भोजन के ली गई दर्द निवारक दवाएं अल्सर को और बिगाड़ती हैं, इसलिए उन्हें भोजन के बाद ही लें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबॉडीस्टॉप पर बैद्यनाथ मोती पिष्टी क्यों चुनें\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइस दवा को खुले में या उस दुकान से खरीदने में समस्या है जो बॉक्स खोलकर बेचती है। साधारण श्रेणी और बारीक नंबर 1 श्रेणी बिल्कुल एक जैसी दिखती हैं। दोनों सफेद हैं, दोनों बारीक हैं, और कोई खरीदार उन्हें देखकर अलग नहीं कर सकता। केवल वही सीलबंद कार्टन बताता है कि आपके पास क्या है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/\"\u003eBodyStop\u003c\/a\u003e निर्माता की अपनी आपूर्ति से आने वाली किसी भी चीज के अलावा कुछ नहीं बेचता, और यह आपके पास बिना खुले कार्टन में पहुँचता है। किनारे पर एक बैच नंबर छपा होता है, और उसके ठीक नीचे उपभोक्ता देखभाल नंबर 011-45307777 छपा होता है। उस बैच नंबर के साथ एक कॉल ही कंपनी के लिए यह बताने के लिए काफी है कि पैक उनका है या नहीं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eआहार संबंधी सुझाव और किसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eक्या खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eदूध, मक्खन और जौ। पुराना चावल और मूंग दाल। लौकी, तोरी और केला। नारियल पानी और छाछ। आंवला और गुलकंद। धनिया और सौंफ का पानी। निश्चित समय पर खाए गए छोटे-छोटे भोजन।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eक्या न खाएं\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eमिर्च और भारी मसाला। तला हुआ और तैलीय भोजन। अचार, रात में दही और बहुत खट्टी कोई भी चीज। शराब और धूम्रपान, दोनों ही पेट की परत और लिवर पर बुरा असर डालते हैं। भोजन छोड़ना, जो किसी भी एक भोजन की तुलना में जलन को जल्दी वापस लाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिसे इसका सेवन नहीं करना चाहिए\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eजो पहले से ही रक्तचाप की दवा ले रहे हैं, उन्हें पहले पूछना चाहिए। छोटे बच्चे या गर्भावस्था के दौरान इसे अपने आप शुरू न करें। और अल्सर, हृदय, लिवर या किडनी के लिए जो भी उपचार पहले से चल रहा है, वह बिल्कुल वैसे ही जारी रहता है। इस पाउडर के लिए कुछ भी बंद नहीं किया जाता।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eकिन समस्याओं में यह मदद कर सकता है\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eभोजन के एक घंटे बाद छाती में जलन। दिन भर खट्टी डकारें। पेट दर्द जो खाली पेट होने पर बढ़ जाता है। सांस फूलने के साथ धड़कन का फड़फड़ाना। पैरों के आसपास सूजन। शाम तक जलने वाली आँखें। गर्म महीनों में नाक से खून आना। हफ्तों से पूरी तरह ठीक न हुआ बुखार।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eकौन सी दवाएं इसके साथ ली जाती हैं\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-arjunarishta-450ml\"\u003e\u003cstrong\u003eधूतपापेश्वर अर्जुनारिष्ट\u003c\/strong\u003e\u003c\/a\u003e भोजन के बाद चम्मच से ली जाने वाली एक तरल दवा है, और यह हृदय की ओर काम करती है, उस व्यक्ति के लिए जिसकी मुख्य चिंता कमजोर हृदय और आसानी से सांस फूलना है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-punarnavasav-450ml\"\u003e\u003cstrong\u003eधूतपापेश्वर पुनर्नवासव\u003c\/strong\u003e\u003c\/a\u003e तब चुना जाता है जब शरीर में पानी जमा होता है, इसलिए शाम तक पैर सूज जाते हैं और पेशाब उम्मीद से कम होता है।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eएवीपी पंचगव्यम ग्रिथम कैप्सूल\u003c\/strong\u003e लिवर की ओर काम करता है, और यह वह है जिसका उपयोग पीलिया या थके हुए लिवर की समस्या अधिक होने पर किया जाता है। इसे ऑर्डर करने से पहले एक बात जान लें। यह पांच गाय उत्पादों से बना है, और इसमें गाय का मूत्र भी शामिल है, इसलिए कुछ खरीदार इसे छोड़ना चाहेंगे।\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli\u003e\n\n\u003cstrong\u003eएवीपी सुकुमार ग्रिथम कैप्सूल\u003c\/strong\u003e बिल्कुल भी एसिडिटी की दवा नहीं हैं। इन्हें कब्ज और गैस के लिए लिया जाता है जो अक्सर जलते हुए पेट के साथ आते हैं, और हर दिन ठीक से साफ होने वाला पेट कम जलता है।\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य काम अभी भी इस पाउडर का है। ये चारों केवल उन कोनों तक पहुँचते हैं जहाँ यह नहीं पहुँचता।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eबैद्यनाथ, डाबर या धूतपापेश्वर, आपको कौन सी मोती पिष्टी खरीदनी चाहिए?\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eइनमें से सभी इस वेबसाइट पर हैं, इसलिए ऑर्डर करने से पहले यह सवाल पूछना जायज है। अंदर की दवा हर एक में एक जैसी है। एक ग्राम शुद्ध किया गया मोती, बोतल में इसके अलावा कुछ नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eक्या आप किसी एक कंपनी के पैक के साथ कोर्स के आधे रास्ते पर हैं? उसे उसी के साथ खत्म करें। बीच में ब्रांड बदलने से आप यह नहीं कह सकते कि दवा कुछ कर रही थी या नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनया शुरू कर रहे हैं? \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dabur-mukta-moti-pishti\"\u003eडाबर मुक्ता (मोती) पिष्टी\u003c\/a\u003e और \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-mouktik-mukta-pishti\"\u003eधूतपापेश्वर मौक्तिक (मुक्ता) पिष्टी\u003c\/a\u003e दोनों एक ही 1 ग्राम आकार में आते हैं और दोनों एक ही काम करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eफिर श्रेणी का सवाल है, जो लोग सबसे अधिक गलत समझते हैं। \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/baidyanath-moti-pishti-no-1\"\u003eबैद्यनाथ मोती पिष्टी नंबर 1\u003c\/a\u003e बड़ा पैक नहीं है और यह अलग दवा भी नहीं है। नंबर 1 उसी श्रेणी में बेहतर गुणवत्ता है, और केवल इसी कारण इसकी कीमत अधिक है। खुराक नहीं बदलती। शहद नहीं बदलता। इसे लेने के तरीके में कुछ भी नहीं बदलता। यदि आप शेल्फ पर सबसे अच्छी श्रेणी चाहते हैं और कीमत आपके लिए इसे तय नहीं करती, तो नंबर 1 लें। रोज़मर्रा के उपयोग के लिए, यह साधारण वाला काम कर देता है।\u003c\/p\u003e","brand":"BodyStop Store","offers":[{"title":"1 ग्राम","offer_id":52202033119533,"sku":null,"price":473.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/baidyanath-moti-pishti-1Gm-bottle-and-box-by-BodyStop.png?v=1789818115"},{"product_id":"dhootapapeshwar-paripathadi-kadha-450ml","title":"शरीर की गर्मी, मुहाँसों और त्वचा पर चकत्तों के लिए धूतपापेश्वर परिपथदि काढ़ा","description":"\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-outline-level: 3;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 13.5pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eपरिपथदि काढ़ा के क्या उपयोग हैं?\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eधूतापापेश्वर परिपथदि काढ़ा शरीर की जलन और बार-बार होने वाले मुंहासों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया एक आयुर्वेदिक टॉनिक है। यह तब मदद करता है जब शरीर दिन भर गर्म महसूस होता है, लाल चकत्ते दिखाई देते हैं और छोटे मुंहासे जलन करते हैं। परिपथ, एक छोटे पौधे का उपयोग किसी भी अन्य जड़ी-बूटी की तुलना में दोगुने से अधिक मात्रा में किया जाता है। पितपत्र और चिरायता प्रचुर मात्रा में मिलाए जाते हैं। नियमित उपयोग से, शरीर धीरे-धीरे ठंडा होता है और मुंहासे सूख जाते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-outline-level: 3;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 13.5pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eत्वरित तथ्य:\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul type=\"disc\"\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसामग्री\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — त्वचा के लिए नीम की छाल और परवल के पत्ते मिलाए जाते हैं। ठंडक के लिए सफेद और लाल चंदन के साथ खस, सुगंधबला और गुलाब के फूल मिलाए जाते हैं। कुटकी और गिलोय लिवर की मदद करते हैं। थोड़ी हल्दी भी मिलाई जाती है। अडूसा, नागरमोथा, अमलतास का गूदा, मुलेठी, पादाल की छाल, धमासा, आंवला और मुनक्का बाकी सामग्री बनाते हैं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eयह नाम से काढ़ा है, लेकिन इसे अरिष्ट के तरीके से बनाया जाता है। जड़ी-बूटियों को पानी में उबाला जाता है, और फिर तरल को किण्वन के लिए छोड़ दिया जाता है। धैई के फूल ही किण्वन शुरू करते हैं। किण्वन से कुछ अल्कोहल बनता है, 11% से अधिक नहीं, और बाहर से कोई भी नहीं मिलाया जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eलाभ\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — यह \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/digestive-health\"\u003eकमजोर पाचन\u003c\/a\u003e में भी मदद करता है। भोजन ठीक से पचता है और भोजन के समय भूख वापस आ जाती है।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसंकेत\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — उच्च पित्त से होने वाली \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/skin-disorders\"\u003eत्वचा की समस्या\u003c\/a\u003e, पानी से भरे छोटे छाले और सामान्य से कहीं अधिक पसीना आने के लिए दिया जाता है।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eखुराक\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — 10 से 20 मिली, जो 2 से 4 चम्मच है, दिन में दो बार। पीने से पहले इसमें समान मात्रा में गुनगुना पानी मिलाएं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eदुष्प्रभाव\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — सामान्य खुराक पर समस्या दुर्लभ है। इससे अधिक लेने से दस्त लग सकते हैं, क्योंकि अमलतास और कुटकी दोनों ही आंतों को ढीला करते हैं। गर्भवती महिलाओं को इसे नहीं लेना चाहिए।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eजब मुंहासे बड़े होकर मवाद से भर जाते हैं, तो इसके साथ \u003cb\u003eबैद्यनाथ कैशोर गुग्गुलु\u003c\/b\u003e लिया जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eमुंहासों के ठीक होने तक उन्हें दबाएं या खुरचें नहीं। और त्वचा साफ होने तक अचार और तला हुआ भोजन कम खाएं।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e","brand":"BodyStop","offers":[{"title":"450 एमएल","offer_id":52387327213869,"sku":"DHOOTP-PARIPATHI-KADA-450ML","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-paripathadi-kadha-bottle-front-view-by-BodyStop.webp?v=1793079469"},{"product_id":"dhootapapeshwar-sheetasudha-sheeta-sudha-khus-sharbat-450ml","title":"शरीर की गर्मी, प्यास और पेशाब में जलन के लिए धूतपापेश्वर शीतसुधा खुस शरबत","description":"\u003ch2 class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-outline-level: 3;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 13.5pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eशीतासुधा के क्या उपयोग हैं?\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eधूतापापेश्वर शीतासुधा एक आयुर्वेदिक शरबत है, जिसे गर्म मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए बनाया गया है। जब आप धूप से आने के बाद थकावट और बेचैनी महसूस करें, बार-बार प्यास लगे, या \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/urinary-health\"\u003eपेशाब करते समय जलन\u003c\/a\u003e हो, तो यह उपयोगी है। यह खुश (उशीर) की जड़ों से बनाया गया है। खुश की तासीर ठंडी होती है। नियमित सेवन से शरीर की गर्मी शांत होती है और शरीर द्वारा खोया गया पानी वापस बनता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eमुख्य तथ्य:\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul type=\"disc\"\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसामग्री\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e: केवल एक जड़ी-बूटी। हर 5 मिलीलीटर में खुश की जड़ के 90 मिलीग्राम अर्क वाला स्वाद युक्त सिरप होता है। हरा रंग मिलाए गए खाद्य रंगों (ब्रिलियंट ब्लू, सनसेट येलो और टार्टराज़ीन) से आता है। सोडियम मिथाइल पैराबेन, सोडियम प्रोपाइल पैराबेन और ब्रोएनोल इसे खराब होने से बचाते हैं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eयह अर्क-आधारित शरबत है, अरिष्ट नहीं। खुश की जड़ों को आसवित किया जाता है, और जो सुगंधित तरल एकत्र होता है, उसे अर्क कहा जाता है। फिर उस अर्क को मीठे सिरप में मिलाया जाता है। \u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eलाभ\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e: गर्मियों के दौरान घर में रखने के लिए अच्छा है। यह उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो धूप में काम करते हैं, गर्म दिनों में बहुत यात्रा करते हैं, या खेलकूद या कसरत के बाद पूरी तरह थककर घर लौटते हैं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसंकेत\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e: शरीर से बहुत अधिक पानी कम होने पर और गर्मी में होने वाले मांसपेशियों के खिंचाव के लिए भी दिया जाता है।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eखुराक\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e: 2 बड़े चम्मच (30 मिली) पानी या दूध के एक गिलास (180 मिली) में अच्छी तरह मिलाकर लें। ज़रूरत पड़ने पर पिएं, लेकिन अधिक सेवन न करें।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eदुष्प्रभाव\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e: दिन में एक या दो गिलास पीने से शायद ही कोई समस्या होती है। खुश बहुत ठंडा होता है, इसलिए जिन्हें आसानी से सर्दी हो जाती है, वे बहुत अधिक गिलास पीने से गले में खराश या नाक बहने की समस्या का सामना कर सकते हैं। रंगों में से एक, टार्टराज़ीन, उन कुछ लोगों में खुजली या चकत्ते पैदा कर सकता है जो इसके प्रति संवेदनशील हैं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-mouktik-mukta-pishti\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eधूतापापेश्वर मोक्तिक पिष्ठी\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/a\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e इसे साथ में लिया जा सकता है जब गर्मी के कारण एसिडिटी, छाती में जलन या हर समय गर्म महसूस होने की समस्या हो।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eबोतल को फ्रिज से बाहर रखें और डालने से पहले हिलाएं। यदि आप इसे ठंडा चाहते हैं, तो पानी या दूध को ठंडा करें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e","brand":"BodyStop","offers":[{"title":"450 एमएल","offer_id":52387329835309,"sku":"sheet-sudha-450ml","price":156.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-sheetasudha-sharbat-bottle-front-view-by-BodyStop.webp?v=1793253444"},{"product_id":"dhootapapeshwar-ushirasav-ushirasava-450ml","title":"नाक से खून आना, बवासीर से खून आना और शरीर की अधिक गर्मी के लिए धूतपापेश्वर ऊर्शा रसवा","description":"\u003ch2 class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-outline-level: 3;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 13.5pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eउशीरसव के क्या उपयोग हैं?\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/h2\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eधूतापापेश्वर ऊशीरसव एक आयुर्वेदिक टॉनिक है, जिसे शरीर में अत्यधिक गर्मी के कारण होने वाले रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। यह तब उपयोगी होता है जब बार-बार नाक से खून आता है, मल या मूत्र के साथ खून आता है और शरीर में लगातार जलन महसूस होती है। यह औषधि अपने ठंडे खस की जड़ के लिए जानी जाती है। इसमें कमल के फूल और मुनक्का भी मिलाए जाते हैं। नियमित सेवन से शरीर की आंतरिक गर्मी कम होती है और रक्तस्राव धीरे-धीरे रुक जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-outline-level: 3;\"\u003e\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 13.5pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eमुख्य तथ्य:\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul type=\"disc\"\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसामग्री\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — लोध्र, मोचरा, जामुन की छाल और बरगद व गुलर की छाल रक्तस्राव को नियंत्रित करने में सहायक हैं। मंजिष्ठा, चिरायता और पित्तपापा रक्त को शुद्ध करते हैं। कचूर और पाठा पाचन में मदद करते हैं। इसमें पद्मख, प्रियंगु, गभरी, धमसा, कचनार की छाल और परवल के पत्ते भी मिलाए जाते हैं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eयह एक आसव है, जिसका अर्थ है कि इसमें किसी भी जड़ी-बूटी को उबाला नहीं जाता। जड़ी-बूटियों का चूर्ण बनाकर उन्हें पानी में भिगोया जाता है और किण्वन (फरमेंटेशन) शुरू करने के लिए लाल धैंय के फूल मिलाए जाते हैं। फिर बर्तन को सील करके लगभग एक महीने तक बिना छुए रखा जाता है। किण्वन की प्रक्रिया से प्राकृतिक रूप से थोड़ी अल्कोहल बन जाती है। इसमें बाहर से कोई अल्कोहल नहीं मिलाया जाता।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eलाभ\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — इसे उन \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/collections\/womens-health\"\u003eमहिलाओं\u003c\/a\u003e को भी दिया जाता है जिन्हें मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक रक्तस्राव होता है। यह रक्तस्राव को कम करने में मदद करता है।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eसंकेत\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — इसे रक्त की कमी में दिया जाता है, जब व्यक्ति पीला दिखाई दे और जल्दी थक जाए। साथ ही सामान्य त्वचा संबंधी समस्याओं और शरीर में सूजन के लिए भी दिया जाता है।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eखुराक\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — दिन में दो बार 10 से 20 मिलीलीटर या 2 से 4 चम्मच। पीने से पहले इसमें समान मात्रा में गुनगुना पानी मिलाएं।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\n\n\u003cb\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eदुष्प्रभाव\u003c\/span\u003e\u003c\/b\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003e — सामान्य खुराक पर अधिकांश लोगों को इसे लेने से कोई समस्या नहीं होती। एक साथ अधिक मात्रा लेने से पेट में जलन हो सकती है। कुछ महिलाओं में रक्तस्राव की समस्या न होने पर भी लंबे समय तक इसका सेवन करने से मासिक धर्म में देरी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।\u003c\/span\u003e\n\n\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eबार-बार होने वाले रक्तस्राव के लिए इसके साथ \u003ca href=\"https:\/\/bodystop.in\/products\/dhootapapeshwar-mouktik-mukta-pishti\"\u003e\u003cb\u003eधूतापापेश्वर मोक्तिक (मुक्ता) पिष्ठी\u003c\/b\u003e\u003c\/a\u003e भी दिया जाता है। यह मोती से बना होता है और शरीर को ठंडक भी प्रदान करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eजब तक रक्तस्राव नियंत्रित न हो जाए, मिर्च और तली हुई चीज़ों का सेवन कम करें। इस दौरान नारियल पानी और मीठे फल लेना अच्छा रहता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\u003cli class=\"MsoNormal\" style=\"mso-margin-top-alt: auto; mso-margin-bottom-alt: auto; line-height: normal; mso-list: l0 level1 lfo1; tab-stops: list .5in;\"\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\" style=\"font-size: 12.0pt; font-family: 'Times New Roman',serif; mso-fareast-font-family: 'Times New Roman';\"\u003eमल या मूत्र में खून आना, या बहुत अधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टर से जाँच करानी चाहिए; केवल इस टॉनिक पर निर्भर न रहें।\u003c\/span\u003e\u003c\/li\u003e\n\n\n\u003c\/ul\u003e","brand":"BodyStop","offers":[{"title":"450 एमएल","offer_id":52387329966381,"sku":"DHOOTP-USHIRASAV-450ML","price":204.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0949\/9672\/6061\/files\/dhootapapeshwar-ushirasav-450ml-bottle-front-view-by-BodyStop.webp?v=1793258872"}],"url":"https:\/\/bodystop.in\/hi\/collections\/pitta-dosha-balance.oembed?page=2","provider":"BodyStop","version":"1.0","type":"link"}