Dabur Shwaskas Chintamani Ras (With Gold & Pearl) 10 tablet glass medicine bottle with a yellow cap next to its gold outer packaging box featuring the Dabur brand logo | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras gold packaging box side panel displaying Ayurvedic medicine details, Bhaishajya Ratnawali / Hikkashwas Chikitsa Prakaran reference, dosage of 1 to 2 tablets (100-200 mg) twice a day, and a caution to take under medical supervision | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras gold packaging box back panel displaying M.L.A-1408/86, Net Quantity, MRP, batch, mfd, exp fields, and manufacturer details for Dabur India Ltd. in Sahibabad, U.P. | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras Hindi informational leaflet showing dosage instructions of 1 to 2 tablets (100 to 200 mg) twice a day, medical supervision caution, pathya and apathya diet recommendations, and Dabur India Limited contact details in Sahibabad, U.P. | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras English informational leaflet showing ingredients per 100mg tablet including Lauh Bhasma, Abhrak Bhasma, Kajjali (Divguna), Swarna Makshica Bhasma, Swarna Bhasma, and Mukta Bhasma, along with permitted excipients, methyl paraben preservative, indication, dosage, caution, diet guidelines, and Dabur India Limited contact details | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras (With Gold & Pearl) 10 tablet glass medicine bottle with a yellow cap next to its gold outer packaging box featuring the Dabur brand logo | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras gold packaging box side panel displaying Ayurvedic medicine details, Bhaishajya Ratnawali / Hikkashwas Chikitsa Prakaran reference, dosage of 1 to 2 tablets (100-200 mg) twice a day, and a caution to take under medical supervision | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras gold packaging box back panel displaying M.L.A-1408/86, Net Quantity, MRP, batch, mfd, exp fields, and manufacturer details for Dabur India Ltd. in Sahibabad, U.P. | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras Hindi informational leaflet showing dosage instructions of 1 to 2 tablets (100 to 200 mg) twice a day, medical supervision caution, pathya and apathya diet recommendations, and Dabur India Limited contact details in Sahibabad, U.P. | BodyStop
Dabur Shwaskas Chintamani Ras English informational leaflet showing ingredients per 100mg tablet including Lauh Bhasma, Abhrak Bhasma, Kajjali (Divguna), Swarna Makshica Bhasma, Swarna Bhasma, and Mukta Bhasma, along with permitted excipients, methyl paraben preservative, indication, dosage, caution, diet guidelines, and Dabur India Limited contact details | BodyStop

डाबर श्वसकास चिंतामणि रस (सोना और मोती) 10 टैबलेट - अस्थमा और पुरानी खांसी के लिए

सामान्य मूल्य ₹1,508
बिक्री मूल्य ₹1,508 सामान्य मूल्य ₹2,010
इकाई मूल्य
सेव 24%
कर सहित।

उत्पाद की मुख्य विशेषताएँ:
- भैषज्य रत्नावली / हिक्काश्वास चिकित्सा प्रकरण के अंतर्गत शास्त्रीय आयुर्वेदिक निर्माण।
- इसमें स्वर्ण भस्म (सोना) और मुक्ता भस्म (मोती) शामिल हैं।
- फेफड़ों को सीधे मज़बूत और पोषित करता है, जिससे श्वसन तंत्र में सुधार होता है।
- फेफड़ों में जमा कफ को प्रभावी ढंग से बाहर निकालता है।
- पुरानी सांस की तकलीफ और पुरानी, लगातार रहने वाली खांसी में शीघ्र राहत प्रदान करता है।
- सटीक खुराक के लिए प्रत्येक गोली ठीक 100 मिलीग्राम की है।

सीधा 10% की छूट
सभी प्रीपेड ऑर्डर पर
त्वरित पूछताछ

Bulk order enquiry

* Required fields

एक प्रश्न पूछें

प्रश्न पूछें

* अनिवार्य क्षेत्र

साइज गाइड साझा करें
Dabur Shwaskas Chintamani Ras (With Gold & Pearl) 10 tablet glass medicine bottle with a yellow cap next to its gold outer packaging box featuring the Dabur brand logo | BodyStop

Why shop from BodyStop.in

Where pharmacies buy their Ayurveda. Now open to you.

The online counter of Totla International, authorised distributor in Jaipur since 2017. Wholesalers and government departments order from the same shelves you shop from.

Illustrated grandmother in a sari Illustrated young woman holding a BodyStop parcel

असली वाली ही लाना, ठीक है!

Get only the genuine one, okay!

इसीलिए तो BodyStop.in से मँगवाई है, दादी।

That's exactly why I ordered from BodyStop.in, Dadi.

  • Straight from 16+ brands

    Original packs from Baidyanath, Dhootapapeshwar, AVP, Zandu and more.
  • Awarded, not self-declared

    By Baidyanath, AVP, Dhootapapeshwar and Amazon.
  • Packed in 1 working day

    Free delivery above ₹299, anywhere in India.
  • Guides by real doctors

    Dr. Arathi Vasudev and Dr. Sahiba Umadiya review them.
Ask on WhatsApp · 9694-939-939

Drug licence, FSSAI and MSME registered. See our licences

उत्पाद विवरण

स्वर्ण और मोती के साथ डाबर श्वासकस चिंतामणि रस एक ऐसी शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है। इसे भैषज्य रत्नावली और हिक्काश्वास चिकित्सा प्रकरण के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, जो विशेष रूप से श्वसन संबंधी विकारों और हिचकी के लिए समर्पित शास्त्रीय अध्याय है।

स्वर्ण और मोती से समृद्ध श्वासकस चिंतामणि रस को सभी प्रकार के श्वसन रोगों से दीर्घकालिक राहत प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक सदी से अधिक समय से प्रामाणिक आयुर्वेदिक दवाओं में अग्रणी ब्रांड, डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित डाबर श्वासकस चिंतामणि रस गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं से ग्रस्त रोगियों और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के बीच एक विश्वसनीय नाम है।

श्वासकस चिंतामणि रस के उपयोग और प्रमुख लाभ:

श्वासकस चिंतामणि रस के प्रमुख संकेत निम्नलिखित हैं:

फेफड़ों को मजबूत करना:

श्वासकस चिंतामणि रस का प्रमुख संकेत विभिन्न श्वसन संबंधी विकारों में है। यह फेफड़ों को शक्ति प्रदान कर और सांस लेने की गुणवत्ता में सुधार कर रसायन के रूप में कार्य करता है। आयुर्वेद में, फेफड़ों के कार्यों का प्रबंधन मुख्य रूप से प्राण वायु और अवलंबक कफ द्वारा किया जाता है। जब ये दोष असंतुलित हो जाते हैं, तो समय के साथ फेफड़ों के ऊतक नष्ट होने लगते हैं, जिससे श्वसन संबंधी कमजोरी उत्पन्न होती है। डाबर श्वासकस चिंतामणि रस में स्वर्ण भस्म, अभ्रक भस्म और मुक्ता भस्म का संयोजन एक शक्तिशाली फेफड़ों के टॉनिक के रूप में कार्य करता है जो पूरे श्वसन तंत्र को पोषण देने में मदद करता है।

जमे हुए कफ को बाहर निकालना:

पुरानी, लगातार खांसी, सांस फूलना और घरघराहट का मूल कारण श्वसन मार्ग में कफ दोष का जमाव है। श्वासकस चिंतामणि रस में कज्जली, लौह और अभ्रक भस्म शामिल हैं, जो कफनाशक के रूप में कार्य करते हैं। यह कफ को ढीला कर और बाहर निकालकर श्वसन मार्ग को साफ करने और सामान्य सांस लेने में सुधार करने में मदद करता है।

सभी प्रकार के श्वसन रोग और अस्थमा:

श्वासकस चिंतामणि रस के उपयोगों में श्वसन संबंधी विकारों की पूरी श्रेणी शामिल है। खांसी के सभी प्रकार के विकार और अस्थमा से संबंधित समस्याएं जैसे एलर्जी वाला अस्थमा, ब्रोंकियल अस्थमा, सीओपीडी (COPD) या कोई भी मौसमी श्वसन संबंधी समस्याएं। यह कफ और वात को संतुलित करके मूल कारण के उपचार में चमत्कारिक रूप से काम करता है।

हिचकी के लिए श्वासकस चिंतामणि रस:

चरक संहिता में हिक्काश्वास चिकित्सा में इसका उल्लेख है। यह एक वात विकार है जो मुख्य रूप से श्वसन संबंधी कमजोरी से जुड़ा होता है।

श्वासकस चिंतामणि रस की खुराक / उपयोग के निर्देश:

  • मानक खुराक: मानक खुराक दिन में दो बार 1 से 2 टैबलेट (100–200 मिलीग्राम) है।
  • अनुपान: श्वासकस चिंतामणि रस को बेहतर अवशोषण के लिए शहद के साथ लेना सबसे अच्छा है, यह इसकी अपनी रोगाणुरोधी गुणों को भी जोड़ता है।
  • परामर्श: बच्चों के लिए, उचित खुराक के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें। लीफलेट पर बताए अनुसार हमेशा चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में लें।

श्वासकस चिंतामणि रस के दुष्प्रभाव:

  • श्वासकस चिंतामणि रस आमतौर पर सुरक्षित है, जब इसे बताए गए उपयोगों और खुराक के अनुसार लिया जाए।
  • चूंकि इसे कज्जली (एक पारा-गंधक यौगिक) और कई भस्मों के साथ तैयार किया गया है, इसलिए इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये भस्म अत्यधिक संसाधित होती हैं।

श्वासकस चिंतामणि रस के घटक:

प्रत्येक डाबर श्वासकस चिंतामणि रस 100 मिलीग्राम टैबलेट में शामिल हैं:

  • लौह भस्म (लोहे की भस्म) 34.78 मिलीग्राम - सबसे बड़ा घटक; एनीमिया से लड़ता है, ऊर्जा बहाल करता है, फेफड़ों के ऊतकों के ऑक्सीजनेशन और समग्र जीवन शक्ति का समर्थन करता है।
  • अभ्रक भस्म (अभ्रक की भस्म) 17.39 मिलीग्राम - शास्त्रीय आयुर्वेद में एक शक्तिशाली फेफड़ों का टॉनिक; विशेष रूप से पुरानी श्वसन संबंधी विकारों, सांस फूलने और खांसी में उपयोगी।
  • कज्जली (दिवगुण) 26.09 मिलीग्राम - एक शुद्ध पारा-गंधक यौगिक (कज्जली), सबसे शक्तिशाली रस तैयारियों में से एक, गहरे ऊतकों में प्रवेश करने वाली क्रिया, रोगाणुरोधी और कफनाशक।
  • स्वर्ण मैक्षिका भस्म 8.69 मिलीग्राम - कॉपर-आयरन पाइराइट की भस्म, श्वसन स्वास्थ्य का समर्थन करती है और एक शक्तिशाली रसायन के रूप में कार्य करती है।
  • स्वर्ण भस्म (सोने की भस्म) 8.69 मिलीग्राम - तंत्रिका-सुरक्षात्मक, प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाली, कार्डियोटोनिक, गहरी फेफड़ों की रसायन।
  • मुक्ता भस्म (मोती की भस्म) 4.35 मिलीग्राम - शीतलता प्रदान करने वाली, शांत करने वाली, श्वसन मार्ग में सूजन को कम करती है, समग्र रसायन क्रिया का समर्थन करती है।

संकेत:

डाबर श्वासकस चिंतामणि रस निम्नलिखित में उपयोगी है:

  • सभी प्रकार के श्वसन रोग और अस्थमा (खास रोग और दमा)
  • पुरानी सांस फूलना (जीर्णश्वास)
  • पुरानी, लगातार खांसी (पुरानी खांसी)
  • फेफड़ों में जमा हुआ कफ
  • श्वसन संबंधी कमजोरी जिसके लिए फेफड़ों को मजबूत करने की आवश्यकता है
  • श्वसन संबंधी कमजोरी से जुड़ी हिक्का (हिचकी) - हिक्काश्वास चिकित्सा प्रकरण के अनुसार

उत्पाद का रूप और शुद्ध मात्रा:

  • उत्पाद का रूप: टैबलेट (शास्त्रीय रस तैयारी)
  • संदर्भ ग्रंथ: भैषज्य रत्नावली / हिक्काश्वास चिकित्सा प्रकरण
  • प्रत्येक टैबलेट: 100 मिलीग्राम

सुरक्षा जानकारी और सावधानियां:

  • हमेशा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में उपयोग करें।
  • डॉक्टर के मार्गदर्शन के बिना गर्भावस्था या स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए अनुशंसित नहीं है।
  • बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • एलोपैथिक दवाएं ले रहे रोगियों को यह दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।

निष्कर्ष:

श्वसन संबंधी बीमारी सबसे दुर्बल करने वाले प्रकार की पुरानी बीमारी में से एक है, और स्वर्ण और मोती के साथ डाबर श्वासकस चिंतामणि रस इसके लिए सबसे पूर्ण शास्त्रीय आयुर्वेदिक उपचारों में से एक है। यह लौह भस्म, अभ्रक भस्म, कज्जली, स्वर्ण भस्म और मुक्ता भस्म का एक सावधानीपूर्वक मापा गया मिश्रण है जो इसके सभी उपयोगों को संबोधित करता है। यह फेफड़ों को सीधे मजबूत करता है और जमा हुए कफ को साफ करता है। यह पुरानी सांस फूलने, लगातार खांसी और अस्थमा से भी त्वरित राहत प्रदान करता है। भैषज्य रत्नावली के शास्त्रीय प्रामाण्य और डाबर इंडिया लिमिटेड के उत्पादों की उच्च गुणवत्ता के कारण यह श्वासकस चिंतामणि रस अभी भी भारत में श्वसन स्वास्थ्य के लिए सबसे विश्वसनीय आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है। हमेशा की तरह, सुरक्षित और दीर्घकालिक परिणामों की कुंजी एक योग्य डॉक्टर की देखरेख में सही खुराक प्राप्त करना है, जो BodyStop के माध्यम से प्राप्त एक प्रामाणिक फॉर्मूलेशन हो।

अतिरिक्त जानकारी:

क्या खाएं:

  • पुरानी श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों की पाचन अग्नि अक्सर कमजोर होती है। मूंग दाल खिचड़ी, उबली हुई सब्जियां, पतली रोटियां और सूप जैसे हल्के, आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ सबसे अच्छे होते हैं। यह दवा लेते समय, ऐसी किसी भी चीज़ से दूर रहें जो पचने में कठिन हो या पेट पर भारी हो।

क्या न खाएं:

  • लाल मिर्च पित्त के लिए बहुत खराब है और श्वसन मार्ग में सूजन को बदतर बना सकती है।
  • दही श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि यह कफ को बदतर बनाता है और कफ बनने का कारण बनता है।
  • इमली खट्टी होती है, कफ को बदतर बनाती है, और खांसी तथा सांस फूलने को बदतर बनाती है।
  • ठंडी और तैलीय वस्तुएं चीजों को बदतर बनाती हैं। कफ और वात तुरंत सांस लेने की समस्याओं को बदतर बनाते हैं।

निर्माता की जानकारी:

डाबर इंडिया लिमिटेड।
पता: यूनिट II लेन नंबर 3 फेज II सिडको इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स
बारी जम्मू/22, साइट IV, औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद,
गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश - 201010

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वासकस चिंतामणि रस क्या है और इसका उपयोग किस लिए किया जाता है?

क्या डाबर श्वासकस चिंतामणि रस अस्थमा में प्रभावी है?

श्वासकस चिंतामणि रस और श्वास चिंतामणि रस में क्या अंतर है?

श्वासकस चिंतामणि रस की कीमत क्या है?

Spotted a mistake in this article?

Suggest a correction

We use your email only to reply about this correction.

हाल ही में देखे गए उत्पाद